कई लोगों के दांतों पर सफेद धब्बे दिखने लगते हैं। इसको लेकर ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि ऐसा शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण होता है, लेकिन क्या वाकई में ऐसा है? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है। इस बारे में दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के डेंटल सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पुनीत आहूजा का कहना है, दांतों पर सफेद दागों पर अक्सर ध्यान नहीं जाता है, लेकिन कभी-कभी ये दांतों के इनेमल में होने वाले बदलावों का संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दांतों पर सफेद धब्बे होने के कारण
डॉ. पुनीत आहूजा के अनुसार, दांतों के दाग अक्सर नुकसानदायक नहीं होते है, लेकिन इनका दिखना, बनावट और बढ़ना दांतों की अंदरूनी समस्याओं के बारे में संकेत दे सकते हैं। दांतों पर सफेद दाग होने की समस्या इनेमल का डीमिनरलाइजेशन होने, डेंटल फ्लोरोसिस, इनेमल हाइपोप्लेसिया और ऑर्थोडॉन्टिक इलाज कराने वाले लोगों के दांतों पर सफेद धब्बे दिखते हैं।
1. इनेमल का डीमिनरलाइजेशन
डॉ. पुनीत के अनुसार, सफेद दागों का एक आम कारण इनेमल का डीमिनरलाइजेशन है। यह तब होता है, जब इनेमल से मिनरल कम हो जाते हैं। यह समस्या कई आदतों के कारण हो सकती है।
- प्लाक जमने।
- मुंह की साफ-सफाई ठीक न होने।
- मीठी और एसिड वाली चीजों या ड्रिंक्स के ज्यादा सेवन करने।
अगर इन समस्याओं का इलाज न किया जाए, तो डीमिनरलाइज्ड हिस्से आगे चलकर दांतों के सड़ने का कारण बन सकते हैं।
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2. डेंटल फ्लोरोसिस
दांतों पर सफेद धब्बे दिखने का एक और संभावित कारण डेंटल फ्लोरोसिस है, जो तब होता है, जब दांतों के बनने के समय (आमतौर पर बचपन में) बहुत ज्यादा फ्लोराइड का सेवन किया जाता है। यह हल्की सफेद लाइनों या पैच के रूप में दिख सकता है और ज्यादा गंभीर मामलों में, इनेमल के रूप-रंग में बदलाव ला सकता है।
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3. इनेमल हाइपोप्लेसिया
सफेद दाग इनेमल हाइपोप्लेसिया की समस्या के कारण भी हो सकते हैं। यह एक ऐसी स्थिति जिसमें इनेमल ठीक से नहीं बन पाता है। बचपन की कुछ बीमारियां, पोषण की कमी, बढ़ते दांतों पर चोट या अन्य फैक्टर्स इनेमल बनने की प्रक्रिया पर बुरा असर डाल सकते हैं।
4. ऑर्थोडॉन्टिक इलाज कराने पर
जिन लोगों ने ऑर्थोडॉन्टिक इलाज करवाया है। इन लोगों को भी उन जगहों के आसपास सफेद पैच दिख सकते हैं, जहां ब्रेसिज लगे थे। ठीक से साफ न करने पर ब्रैकेट के आसपास प्लाक जमा हो सकता है, जिससे मिनरल का नुकसान होता है।
सफेद दाग का इलाज कैसे होता है?
डॉ. पुनीत कहते हैं, इलाज की सलाह देने से पहले डेंटिस्ट दांतों की जांच कर सकते हैं और दागों के रूप-रंग, जगह और बनावट का आकलन कर सकते हैं। कारण और गंभीरता के आधार पर, इलाज में मुंह की साफ-सफाई में सुधार, फ्लोराइड-बेस्ड देखभाल, रीमिनरलाइजेशन ट्रीटमेंट, प्रोफेशनल क्लीनिंग या कॉस्मेटिक प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।
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क्या कहती है स्टडी?
साल 2024 में BMC Oral Health के अनुसार, दांतों पर सफेद धब्बे दांतों की सड़न या कमजोरी की शुरुआत का संकेत होते हैं, जो दांतों की ऊपरी मजबूत परत यानी इनेमल से जरूरी मिनरल्स कम होने और मुंह में एसिड व बैक्टीरिया बढ़ने के कारण बनते हैं।
यह समस्या खासतौर पर ब्रेसिज लगवाने वाले लोगों में ज्यादा देखी जाती है, क्योंकि उपकरणों के आसपास ठीक से सफाई न होने पर प्लाक और बैक्टीरिया जम जाते हैं, साथ ही लार का कम बनना भी दांतों को नेचुरल रूप से ठीक होने (Remineralization) से रोकता है, इसलिए इससे बचने के लिए नियमित रूप से सही तरीके से ब्रश करना, फ्लोराइड टूथपेस्ट का उपयोग करना और पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है।
सफेद धब्बों की स्थिति में कुछ बातों का रखें ध्यान
डॉ. पुनीत का कहना है, प्रोफेशनल सलाह के बिना सफेद दागों का इलाज घरेलू नुस्खों से नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा करने से इनेमल को प्रोटेक्ट करने में मदद मिल सकती है।
- खुरदरे प्रोडक्ट से न करें।
- ब्रश करने और फ्लॉसिंग की अच्छी आदतें बनाए रखें।
- मीठे स्नैक्स कम खाएं।
- नियमित रूप से डेंटिस्ट से चेकअप कराएं।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. पुनीत कहते हैं, अगर सफेद दाग बढ़ रहे हैं, खुरदरे हो रहे हैं, दर्द हो रहा है या सेंसिटिविटी महसूस हो रही है, तो कारण का पता लगाने के लिए डेंटिस्ट से सलाह जरूर लें।
निष्कर्ष
दांतों में सफेद दाग होने की समस्या इनेमल का डीमिनरलाइजेशन, डेंटल फ्लोरोसिस, इनेमल हाइपोप्लेसिया और ऑर्थोडॉन्टिक इलाज कराने पर होती है। इससे राहत के लिए डेंटिस्ट से सलाह जरूर लें, लेकिन इस स्थिति में खुरदरे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें, नियमित रूप से ब्रश करें, मीठा कम खाएं और नियमित रूप से डेंटिस्ट से चेकअप कराएं।
ध्यान रहे, अगर दांतों के सफेद दाग बढ़ रहे हैं, खुरदरे हो रहे है, दर्द हो या सेंसिटिविटी होने की समस्या बढ़ती है, तो तुरंत डेंटिस्ट से सलाह लें।
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FAQ
दांतों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
दांतों को हेल्दी रखने के लिए नियमित रूप से दिन में दो बार ब्रश करें, कुल्ला करें, फ्लॉस का इस्तेमाल करें, जीभ को साफ रखें, ज्यादा मीठा खाने से बचें, हेल्दी डाइट लें और पर्याप्त पानी पिएं।दांतों की समस्या किस कारण से होती है?
दांतों पर प्लाक के जमा होने, ज्यादा मीठा खाने, एसिडिक फूड खाने, स्मोकिंग, तंबाकू खाने और जेनेटिक्स कारणों से लोगों को दांतों से जुड़ी समस्या हो सकती है।
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Sep 25, 2026 17:29 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Puneet Ahuja
