कई लोगों को दांतों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अनहेल्दी खानपान, अनहेल्दी आदतों और ओरल हेल्थ का ध्यान न रखने के कारण लोगों को दांतों में दर्द और सूजन होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ये समस्याएं अक्सर ओरल हेल्थ का ध्यान न रखने के कारण होती है, लेकिन कई बार दांतों के कमजोर होने या इनसे जुड़ी समस्याएं शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी के कारण भी हो सकती है, लेकिन क्या ऐसा विटामिन डी की कमी के कारण भी हो सकता है? आइए इस बारे में देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह से जानें।
क्या विटामिन डी की कमी से दांतों से जुड़ी परेशानियां होती है?
डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, "हां, शरीर में विटामिन्स की कमी से मुंह की सेहत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, हेल्दी दांत और मसूड़े अच्छी ओरल हाइजीन के साथ बैलेंस्ड डाइट पर निर्भर करते हैं।"
साल 2024 में प्रकाशित Dentistry Journal में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, विटामिन्स शरीर के लिए बेहद जरूरी होते हैं, जो बच्चों की चबाने और मुंह से जुड़ी प्रणाली (स्टोमैटोग्नाथिक सिस्टम) सहित पूरे शरीर के स्वास्थ्य और कामकाज को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। विटामिन A, D और K जैसे विटामिनों की कमी का असर मुख्य रूप से मुंह के अंदर के हार्ड हिस्सों जैसे दांतों और जबड़े की हड्डी पर पड़ता है। वहीं पानी में घुलनशील विटामि, खासकर बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन C की कमी के लक्षण मुख्य रूप से मुंह के मुलायम हिस्सों जैसे जीभ, मसूड़ों, गाल के अंदरूनी हिस्से और होठों पर दिखाई देते हैं। विटामिन की कमी को दूर करने का सबसे पहला तरीका उन्हें सप्लीमेंट्स के जरिए पूरा करना है, जिसके बाद बच्चों की डेंटल केयर में हुए बदलावों का इलाज किया जाता है।
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विटामिन डी की कमी दांतों को करती है प्रभावित
डॉ. लोकेश के अनुसार, विटामिन डी शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। कैल्शियम दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए एक जरूरी मिनरल है। अगर शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाए, तो कैल्शियम का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं हो पाता है। इससे दांतों ठीक से मिनरलाइज नहीं हो पाते हैं, जिससे दांतों की ग्रोथ और उनकी मजबूती प्रभावित होती है और उनको नुकसान होने का खतरा ज्यादा होता है।
बच्चों में दांतों की सही ग्रोथ के लिए पर्याप्त विटामिन डी अहम होता है, जबकि व्यस्कों में यह दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है। लंबे समय तक विटामिन डी की कमी होने पर दांतों के कमजोर होने की समस्या हो सकती है।
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मसूड़ों के लिए विटामिन सी है जरूरी
हेल्दी मसूड़ों के लिए विटामिन सी जरूरी माना जाता है। विटामिन सी शरीर के हेल्दी कनेक्टिव टिश्यू बनाए रखने की क्षमता पर असर डालता है। अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो व्यक्ति को मसूड़ों में सूजन आने, खून आने या इनके कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती है।
हेल्दी मसूड़े दांतों को मजबूती से पकड़कर रखते हैं। ऐसे में विटामिन सी से भरपूर संतरे, अमरूद, नींबू और शिमला मिर्च जैसे फल और सब्जियों को बैलेंस डाइट में शामिल करें। ये मसूड़ों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
कैल्शियम और फॉस्फोरस भी है जरूरी
मजबूत दांतों के लिए सिर्फ विटामिन डी ही नहीं, बल्कि कैल्शियम और फॉस्फोरस भी बेहद जरूरी हैं। ये दोनों मिनरल्स दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर शरीर को पर्याप्त कैल्शियम और फॉस्फोरस नहीं मिलते हैं, तो दांतों की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए डाइट में दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियों और अन्य हेल्दी फूड्स को डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है।
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क्या सिर्फ विटामिन की कमी से दांतों में कैविटी होती है?
डॉ. लोकेश का कहना है, कुछ विटामिन्स और मिनरल्स की कमी से ओरल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन कैविटी मुख्य रूप से मुंह में मौजूद बैक्टीरिया, बार-बार अधिक मीठा खाने और खराब ओरल हाइजीन यानी दांतों की ठीक से सफाई न करने के कारण होती है।
कुछ विटामिन और मिनरल्स की कमी होने पर मुंह से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, लेकिन कैविटी से बचाव के लिए सही खान-पान के साथ-साथ नियमित ब्रश करना और दांतों की सफाई सबसे ज्यादा जरूरी है।
दांतों और मसूड़ों को हेल्दी रखने के उपाय
डॉ. लोकेश कहते हैं, दांतों को हेल्दी बनाए रखने के लिए सिर्फ एक विटामिन पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए रोज की कुछ अच्छी आदतों को अपनाना जरूरी होता है।
- बैलेंस और पोषण से भरपूर फूड्स लें।
- दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें।
- रोजाना अपने दांतों के बीच सफाई करें।
- अधिक मीठे फूड्स और ड्रिंक्स का सेवन करने से बचें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- समय-समय पर डेंटल चेकअप करवाएं।
ये सब मिलकर आपके दांतों और मसूड़ों को सुरक्षित रखते हैं। कोई भी एक विटामिन इन हेल्दी आदतों की जगह नहीं ले सकता। इसके अलावा, ध्यान रहे, हर व्यक्ति को विटामिन सप्लीमेंट्स लेने की जरूरत नहीं होती है। अगर आप बैलेंस डाइट ले रहे हैं। किसी भी पोषक तत्व की कमी होने पर डॉक्टर की सलाह के साथ ही सप्लीमेंट्स का सेवन करें।
निष्कर्ष
शरीर में विटामिन्स की कमी के कारण लोगों को दांतों और मसूड़ों के कमजोर होने की समस्याएं होती हैं। शरीर में विटामिन डी, विटामिन सी, कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी से दांतों और मसूड़ों के कमजोर होने की समस्या होती है, लेकिन ध्यान रहे, स्वस्थ दांतों के लिए सिर्फ विटामिन लेना पर्याप्त नहीं है। हेल्दी ओरल हेल्थ के लिए नियमित रूप से फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें, दांतों के बीच की सफाई करें, बैलेंस डाइट लें और समय-समय पर डेंटल चेकअप कराना भी उतना ही जरूरी है। इन सभी आदतों को अपनाकर लंबे समय तक दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है। ध्यान रहे, दांतों या मसूड़ों से कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
विटामिन डी की कमी से शरीर में क्या परेशानी होती है?
शरीर में विटामिन डी की कमी के कारण व्यक्ति को हड्डियों के कमजोर होने, अधिक थकान, मांसपेशियों में दर्द, घाव भरने में देरी होने, बार-बार इंफेक्शन होने, स्ट्रेस होने और बार-बार बीमार पड़ने की समस्या हो सकती है।दांतों में सड़न के क्या लक्षण हैं?
दांतों में सड़न होने पर व्यक्ति को दांतों में धब्बे होने, दांतों में दर्द होने, सेंसिटिविटी होने, मुंह में बदबू आने, सूजन आने और चबाने में दर्द होने की समस्या हो सकती है।
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Current Version
Jul 30, 2026 23:07 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jul 30, 2026 23:07 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Lokesh Bahadur Singh