Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Lokesh Bahadur Singh , Sr. Consultant Dental Surgeon

अगर कैविटी का इलाज न कराया जाए तो क्या होगा? ओरल हेल्थ एक्सपर्ट से जानें

दांतों की कैविटी का इलाज न कराने से दर्द, इंफेक्शन और दांतों के खराब होने जैसी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में हेल्दी ओरल हेल्थ के लिए नियमित जांच और सही देखभाल से इन परेशानियों से बचा जा सकता है।

आज के समय में बड़े हो या बच्चे दांतों में कैविटी होने या इनसे जुड़ी समस्या से परेशान रहते हैं। इसके कारण लोगों को दांतों में दर्द होने या दांतों से जुड़ी कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि अगर दांतों की कैविटी का इलाज न किया जाए, तो क्या होगा? और क्या इसका इलाज कराना जरूरी होता है? ऐसे में आइए इस बारे में देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह से जानें।

क्या कैविटी अपने आप ठीक हो सकती है?

डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, नहीं, एक बार जब दांत में कैविटी बन जाती है, तो वह अपने आप ठीक नहीं होती है। एक बार जब कैविटी से दांत में छेद बन जाता है, तो बिना इलाज के नहीं भर सकता है। अगर इसे ऐसे ही छोड़ दिया जाए, तो सड़न धीरे-धीरे और गहरी होती जाती है। इसी कारण से शुरुआत में डेंटल चेकअप कराएं।

डॉ. लोकेश कहते हैं, कैविटी दांत में बनने वाला एक छोटा छेद होता है, जो दांतों की बाहरी परत के खराब होने से बनता है। शुरुआत में कैविटी बहुत छोटी होती है और व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं होती है, लेकिन समय के साथ अगर इसका इलाज न किया जाए, तो यह समस्या लगातार बढ़ती रहती है।

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कैविटी का इलाज न करने से क्या होता है?

डॉ. लोकेश के अनुसार, शुरू में, आपको कोई लक्षण नहीं दिखते हैं। हालांकि, जैसे-जैसी कैविटी गहरी होती जाती है, आपको गर्म, ठंडी या मीठी चीजों से सेंसिटिविटी हो सकती है, जिसके बाद खाते समय दर्द हो सकता है, खाने पीने की चीजों से सेंसिटिविटी महसूस होने या लगातार दांत में दर्द भी हो सकता है।

CDC के अनुसार, कैविटीज का इलाज न करने के कारण व्यक्ति को दर्द और इंफेक्शन होने की समस्या होती है, जिनसे व्यक्ति को बोलने और खाने में परेशानी हो सकती है। कैविटी का इलाज न किया जाए तो इससे एब्सेस हो सकता है, जो एक गंभीर इंफेक्शन है।

दांत के अंदर पहुंच सकती है सड़न

डॉ. लोकेश बताते हैं, अगर सड़न दांत के अंदरूनी हिस्से, जिसे पल्प कहते हैं, तक पहुंच जाती है, तो यह अंदर की नसों और खून की नसों (ब्लड वेसल्स) पर असर डाल सकती है। इससे इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है।

ऐसी स्थिति में पर दांत में इंफेक्शन हो सकता है, जिससे सूजन, तेज दर्द या दांतों में गंभीर परेशानी होती है। कई बार इंफेक्शन के कारण दांतों के आसपास पस के जमा होने की समस्या हो सकती है, जिसे डेंटल एब्सेस कहा जाता है। इस स्थिति में सिर्फ दांत ही नहीं बल्कि आसपास के टिश्यूज के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है।

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इंफेक्शन के कारण बढ़ती हैं परेशानियां

डॉ. लोकेश बताते हैं, अगर दांत के इंफेक्शन का इलाज न किया जाए, तो इसका असर दांतों के अलावा, आस-पास की हड्डी और मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके कारण व्यक्ति को मसूड़ों में सूजन, दर्द और दांतों के कमजोर होने जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में, दांत इतनी बुरी तरह खराब हो सकता है कि उसे बचाया नहीं जा सकता है और उसे निकालना पड़ सकता है।

कैविटी का इलाज कराना है जरूरी

डॉ. लोकेश का कहना है, इन परेशानियों से बचने के लिए छोटी सी कैविटी को भी सिर्फ इसलिए नजरअंदाज न करें, क्योंकि अभी दर्द नहीं हो रहा है। इसका इलाज जितना जल्दी करा लिया जाए उतना अच्छा होता है। शुरुआती इलाज बहुत आसान होता है, जल्दी पूरा हो जाता है और असली दांत को बचाने में मदद करता है।

कैविटी से बचाव के आसान उपाय

डॉ. लोकेश के अनुसार, दांतों की अच्छी देखभाल के लिए और कैविटी के खतरे को कम करने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनाया जा सकता है। इससे दांतों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

  • दिन में दो बार सही तरीके से ब्रश करें।
  • मीठे फूड्स और ड्रिंक्स का अधिक सेवन करने से बचें।
  • खाने के बाद मुंह साफ रखें।
  • नियमित रूप से दांतों की जांच करवाएं।
  • दांतों में किसी भी तरह की सेंसिटिविटी या दर्द महसूस होने पर इसे नजरअंदाज न करें।

नियमित जांच करानी है जरूरी

डॉ. लोकेश कहते हैं, दांतों की नियमित जांच और इनको स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से डेंटल चेकअप कराना जरूरी है, ताकि समय रहते कैविटी या दांतों से जुड़ी अन्य किसी भी परेशानी का समय रहते पता लगाया जा सके। इससे कैविटी या अन्य परेशानी को बढ़ने से पहले ही रोका जा सकता है और बड़े इलाज की जरूरत से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

अगर कैविटी की समस्या को नजरअंदाज किया जाए और इसका इलाज न कराया जाए, तो यह आगे चलकर गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। इसका इलाज न कराने से व्यक्ति को दर्द, सूजन, कैविटी के अंदर तक पहुंचने, सेंसिटिविटी होने, इंफेक्शन और गंभीर स्थिति होने पर दांत को निकालने की स्थिति हो सकती है। ऐसे में दांतों का कैविटी से बचाव करने या किसी गंभीर स्थिति से बचाने के लिए नियमित रूप से डेंटल जांच कराएं। इसके अलावा, अच्छी ओरल हेल्थ के लिए दिन में दो बार ब्रश करें, मीठे फूड्स या ड्रिंक्स के सेवन से बचें और खाने के बाद मुंह साफ रखें। ध्यान रहे, दांतों में सेंसिटिविटी या अन्य परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • दांतों में कैविटी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

    दांतों में कैविटी होने पर व्यक्ति को सफेद या भूरे रंग के धब्बे होने, दांतों की सतह में खुरदरापन होने, ठडें, गर्म या मीठे फूड्स से झनझनाहट होने, मुंह से बदबू आने, सूजन आने और दांतों के छेद होने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
  • दांतों का कैविटी से बचाव के लिए क्या खाएं?

    दांतों का कैविटीज से बचाव के लिए कैल्शियम, फाइबर और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों से युक्त डेयरी प्रोडक्ट्स, सब्जियों, फलों और अन्य हेल्दी फूड्स को डाइट में शामिल करें।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 30, 2026 14:09 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Lokesh Bahadur Singh

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