आज के समय में अनहेल्दी खानपान, ज्यादा मीठा खाने और इनकी सही देखभाल न करने जैसी आदतों के कारण लोगों को दांतों से जुड़ी सड़न और कैविटीज समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दांतों की सही देखभाल करना जरूरी हो जाता है। दांतों को हेल्दी और स्वस्थ रखने के लिए अक्सर लोग कई तरह के उपायों को अपनाते हैं। इनमें नियमित रूप से ब्रश करना, बैलेंस डाइट लेना और समय-समय पर दांतों की जांच कराना शामिल होता है। इसके अलावा, दांतों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए फ्लोराइड नामक तत्व का इस्तेमाल भी किया जाता है, लेकिन यह दांतों का बचाव कैसे करता है? आइए इस बारे में देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह से जानें।
फ्लोराइड दांतों की सुरक्षा कैसे करता है?
डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, दांतों की सड़न को रोकने के लिए फ्लोराइड सबसे असरदार तरीकों में से एक है। यह दांतों के लिए एक नेचुरल सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। फ्लोराइड दांतों से खो चुके मिनरल्स की भरपाई करने में मदद करता है।
इसके कारण दांतों की बाहरी परत पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत बन जाती है और एसिड के असर का बेहतर तरीके से सामना कर पाती है। यह कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया की एक्टिविटी को भी स्लो कर सकता है, जिससे उनके लिए आपके दांतों को नुकसान पहुंचाने का खतरा कम हो जाता है और दांत हेल्दी रहते हैं।
National Institute of Dental and Craniofacial Research के अनुसार, दांतों की सड़न तब शुरू होती है जब मुंह में मौजूद बैक्टीरिया खाने में मौजूद शुगर को खाते हैं और एसिड पैदा करते हैं। ये एसिड दांत की बाहरी सख्त परत (इनेमल) पर मौजूद कैल्शियम और फॉस्फेट जैसे मिनरल्स को कम कर देते हैं। ऐसे में फ्लोराइड हर उम्र के लोगों में दांतों की शुरुआती सड़न को रोकता और ठीक करता है। यह कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है और दांतों की बाहरी सख्त परत को मजबूत बनाता है। इसके अलावा, फ्लोराइड दांतों से मिनरल्स के नुकसान को रोकता है और उन्हें दोबारा पूरा करके शुरुआती सड़न को ठीक करने में मदद करता है।
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फ्लोराइड क्या है?
डॉ. लोकेश बताते हैं, फ्लोराइड एक नेचुरल मिनरल है, जो दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह दांतों को रोजाना होने वाली एसिड के असर से बचाने का काम करता है। इसी कारण से दातों की सुरक्षा के लिए ज्यादातर फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
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दांतों में सड़न कैसे शुरू होती है?
डॉ. लोकेश के अनुसार, हर दिन कुछ खाने या पीने के बाद मुंह में मौजूद बैक्टीरिया से बनने वाले एसिड की वजह से व्यक्ति के दांतों से थोड़ी मात्रा में मिनरल्स निकल जाते हैं। इस प्रक्रिया को डीमिनरलाइजेशन (demineralization) कहा जाता है। अगर यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है, तो धीरे-धीरे इनेमल के कमजोर होने और दांतों की सड़न की संभावना बढ़ सकती है।
दांत रिपेयर कैसे होते हैं?
डॉ. लोकेश का कहना है, हमारे मुंह की लार दांतों की नेचुरल सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है। लार में मौजूद मिनरल्स दांतों की सतह पर वापस जमा होकर उनको रिपेयर करने में मदद करते हैं। इस प्रक्रिया को रीमिनरलाइजेशन (remineralization) कहा जाता है, लेकिन ध्यान रहे, अगर एसिड का प्रभाव ज्यादा होता है और देखभाल में कमी होती है, तो सिर्फ लार से पर्याप्त मदद नहीं मिलती है। ऐसे में फ्लोराइड इस दातों को नेचुरल रूप से रिपेयर करने की प्रक्रिया को और ज्यादा प्रभावी बनाता है।
फ्लोराइड का सही इस्तेमाल कैसे करें?
डॉ. लोकेश बताते हैं, फ्लोराइड तब अच्छा काम करता है, जब आपको फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट और फ्लोराइड-युक्त पानी के जरिए इसकी थोड़ी-थोड़ी मात्रा नियमित रूप से मिलती रहे। इसका मतलब एक बार में इसका बहुत ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करना नहीं है, इसलिए फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से दिन में दो बार ब्रश करना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना बड़ों और बच्चों, दोनों को कैविटी से बचा सकता है।
बच्चों के लिए फ्लोराइड का इस्तेमाल
डॉ. लोकेश बताते हैं, बच्चों के मामले में, माता-पिता को सिर्फ बताई गई मात्रा में ही टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए और ब्रश करते समय बच्चों पर नजर रखनी चाहिए ताकि वे टूथपेस्ट निगलें नहीं।
फ्लोराइड के साथ अच्छी आदतें अपनाना भी हैं जरूरी
डॉ. लोकेश के अनुसार, सिर्फ फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट का इस्तेमाल ही पर्याप्त नहीं है। हेल्दी दांतों के लिए कुछ अच्छी आदतों को भी अपनाना जरूरी है, जैसे -
- दिन में कम से कम दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें।
- मीठी चीजों और मीठी ड्रिंक्स का सीमित सेवन करें।
- खाने के बाद ओरल हाइजीन यानी मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- नियमित रूप से डेंटल चेकअप कराएं।
- बैलेंस और पोषक तत्वों से युक्त फूड्स का सेवन करें।
इन आदतों के साथ फ्लोराइड का नियमित इस्तेमाल दांतों को लंबे समय तक हेल्दी रखने में मदद करता है। ध्यान रहे, इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के साथ सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
निष्कर्ष
फ्लोराइड दांतों की सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। यह दांतों को मजबूत बनाने, खोए हुए मिनरल्स की भरपाई करने और एसिड के नुकसान से बचाने में अहम भूमिका निभाता है, साथ ही यह कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया की एक्टिविटी को भी कम करने में मदद करता है। अगर नियमित रूप से फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया जाए, अच्छी ओरल हेल्थ बनाए रखी जाए और समय-समय पर दांतों की जांच कराई जाए, तो बच्चों और बड़ों दोनों के दांतों को लंबे समय तक हेल्दी और मजबूत बनाए रखा जा सकता है।
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FAQ
दांतों को स्वस्थ रखने के तरीके क्या हैं?
दांतों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में 2 बार ब्रश करें, जीभ साफ करें, मीठा कम खाएं, पर्याप्त पानी पिएं, हेल्दी डाइट लें, स्मोकिंग और तंबाकू के सेवन से बचें।दांतों में सड़न के कारण क्या हैं?
अधिक मीठा और चिपचिपा खाना खाने, मुंह की सफाई ठीक से न करने, मुंह में बैक्टीरिया होने और लार कम बनने जैसे कारणों से लोगों को दांतों में सड़न होने की समस्या हो सकती है।
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Jul 30, 2026 10:59 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Lokesh Bahadur Singh