अनहेल्दी खानपान और रोज मीठा खाने की आदत के कारण अक्सर लोगों को दांतों में सड़न यानी कैविटीज होने की समस्या होने लगती है। आज के समय में बच्चे हों या बड़े ये सबसे आम ओरल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं में से एक है। जब किसी व्यक्ति को एक दांत में कैविटी हो जाती है, तो अक्सर उन लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ये कैविटी दूसरे दांतों में भी फैल सकती है? ऐसे में आइए देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह से इस बारे में जानें कि दांतों में कैविटी कैसे होती है?
क्या कैविटी एक दांत से दूसरे दांत में पहुंच जाती है?
डॉ. लोकेश बहादुर सिंह कहते हैं, "यह सवाल मैं अक्सर सुनता हूं। कैविटी खुद एक दांत से दूसरे दांत में हवा में फैलने वाले इंफेक्शन की तरह नहीं फैलता है, लेकिन दांतों की सड़न पैदा करने वाले बैक्टीरिया डेंटल प्लाक में मौजूद होते हैं, जो एक चिपचिपी परत होती है, यह हर दिन आपके दांतों पर बनती है।"
डॉ. लोकेश का कहना है, "अगर एक दांत में सड़न है, तो इसका मतलब है कि मुंह की ऐसी स्थितियां हैं, जो इन बैक्टीरिया को पनपने देती हैं। जब आस-पास के दांतों के बीच प्लाक जमा हो जाता है, खासकर तब जब आप रोजाना फ्लॉस (धागे से दांत साफ) नहीं करते हैं, तो वहां मौजूद बैक्टीरिया लगातार एसिड बनाते रहते हैं।"
साल 2022 में Frontiers में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, डेंटल कैरीज (दांतों की सड़न) को एक गैर-संक्रामक बीमारी माना जाना चाहिए, जो डेंटल बायोफिल्म असंतुलन (dysbiosis) यानी मुंह में बैक्टीरिया के असंतुलित होने और फ्री शुगर के सेवन से जुड़ी होती है और यह मुख्य रूप से गलत खान-पान और खराब लाइफस्टाइल से गहराई से जुड़ी है।
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दांतों में कैविटी क्यों होती है?
डॉ. लोकेश के अनुसार, खाना खाने के बाद मुंह में मौजूद बैक्टीरिया एसिड बनाते हैं। यह एसिड धीरे-धीरे पास वाले दांतों के इनेमल को भी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रहती है, तो दांतों में कैविटी बनने लगती है। इसलिए, भले ही कैविटी एक जगह से दूसरी जगह फिजिकली नहीं फैलती है, लेकिन वही बीमारी और उसका कारण पास के दूसरे दांतों को भी प्रभावित कर सकता है।
डेंटल प्लाक से क्या होता है?
डॉ. लोकेश का कहना है, दांतों पर हर दिन एक चिपचिपी परत बनती है, जिसे डेंटल प्लाक कहा जाता है। इसी प्लाक में कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया रहते हैं। अगर ब्रश और फ्लॉस की मदद से इस प्लाक को नियमित रूप से साफ नहीं किया जाए, तो बैक्टीरिया लगातार एसिड बनाते रहते हैं। यही एसिड धीरे-धीरे एक से ज्यादा दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है।
दांतों में कैविटी की पहचान होती है मुश्किल
डॉ. लोकेश के अनुसार, दो दांतों के बीच बनने वाली कैविटी को अक्सर नोटिस करना मुश्किल होता है, क्योंकि वे तब तक दिखाई नहीं दे सकतीं जब तक वे बढ़ न जाएं। ये समस्या दांतों में धीरे-धीरे बढ़ती है। इसीलिए रेगुलर डेंटल चेकअप और डेंटल एक्स-रे कराना जरूरी हैं। ऐसा करने से दांतों से जुड़ी किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सकता है, जिससे दांतों से जुड़ी बीमारियों से बचाव करने में मदद मिल सकती है।
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समय से इलाज कराना है जरूरी
डॉ. लोकेश बताते हैं, इस साइकिल को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है, कैविटी का जल्दी इलाज करना। अगर किसी दांत में शुरुआती कैविटी का समय पर इलाज करा लिया जाए, तो नुकसान को बढ़ने से रोका जा सकता है, लेकिन अगर इसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो कैविटी बढ़ सकती है और ओरल हेल्थ से जुड़ी अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं।
कैविटी से बचाव के उपाय
डॉ. लोकेश का कहना है, दांतों को हेल्दी रखने और कैविटीज के खतरों को कम करने के लिए कुछ आसान उपायों को अपनाया जा सकता है। जैसे -
- दिन में दो बार फ्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश करें।
- नियमित रूप से अपने दांतों के बीच सफाई करें।
- बार-बार मीठे स्नैक्स और ड्रिंक्स का सेवन कम करें।
- खाना खाने के बाद मुंह की सफाई का ध्यान रखें।
- नियमित रूप से डेंटल चेकअप कराएं।
ये आसान आदतें प्लाक हटाने और दांतों में कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करने में मदद करती हैं।
निष्कर्ष
दांतों की कैविटी सीधे तौर पर एक दांत से दूसरे दांत में नहीं फैलती है, लेकिन अगर मुंह में प्लाक जमा रहता है और कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया एक्टिव रहते हैं, तो वे दांतों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में दांतों का कैविटी से बचाव करने के लिए मुंह की साफ-सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। इसके लिए नियमित रूप से फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें, रोजाना दांतों के बीच की सफाई करें, मीठे फूड्स या ड्रिंक्स का सेवन सीमित करें और समय-समय पर डेंटल चेकअप कराएं। ध्यान रहे, दांतों से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
दांतों में सड़न के 4 कारण क्या हैं?
अधिक मीठा और चिपचिपा खाना खाने, मुंह की सफाई ठीक से न करने, लार कम होने और मुंह में बैड बैक्टीरिया का स्तर बढ़ने के कारण दांतों में सड़न की समस्या हो सकती है।दांतों की सड़न के क्या लक्षण हैं?
दांतों में सड़न होने पर व्यक्ति को दांतों में दर्द होने, मीठे, गर्म या ठंडे फूड्स या ड्रिंक्स के प्रति दांतों में सेंसिटिविटी होने, चेहरे पर सूजन आने और दांतों में इंफेक्शन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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Jul 30, 2026 12:35 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Lokesh Bahadur Singh