Fri Sep 11, 2026 | 07:13 PM IST

कैसे पहचानें कि आपका बुखार डेंगू है या चिकनगुनिया? जानें लक्षण

डेंगू और चिकनगुनिया इन दिनों बहुत तेजी से फैल रहे हैं। दोनों के लक्षण लगभग एक जैसे हैं फिर भी दोनों बीमारियों में काफी अंतर है।

Difference Between Symptoms of Dengue And Chikungunya: इन दिनों उत्तर भारत डेंगू, चिकनगुनिया जैसी मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के चपेट में है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान सहित कई राज्यों में डेंगू और चिकनगुनिया के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। इन दोनों ही बीमारियों का कारण मच्छर होते हैं। दोनों बीमारियों का मुख्य लक्षण बुखार है। मगर कई बार लोगों में डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर भ्रम की स्थिति हो जाती है। अगर सही समय पर लक्षणों को पहचानकर इन बीमारियों का इलाज न शुरू किया जाए, तो दोनों ही बीमारियां खतरनाक साबित होती हैं। इसलिए इन बीमारियों से बचाव के लिए आपको डेंगू और चिकनगुनिया के बीच अंतर का पता होना जरूरी है।

डेंगू और चिकनगुनिया में अंतर

डेंगू और चिकनगुनिया दोनों ही बीमारियां मच्छरों के काटने से होती हैं। चिकनगुनिया का कारण जीनस अल्फावायरस होता है, जो एडीज प्रजाति के एजिप्टी और एल्बोपिक्टस मच्छरों के काटने से फैलता है जबकि डेंगू का कारण जीनस फ्लेवीवायरस होता है, जो एडीज प्रजाति के केवल एजेप्टी वायरस के कारण फैलता है। दोनों ही बीमारियों के शुरुआती लक्षण एक समान होते हैं इसलिए कई बार इनमें लक्षणों के आधार पर अंतर कर पाना मुश्किल होता है। हालांकि इन लक्षणों के आधार पर इनका पता लगाया जा सकता है।

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डेंगू के लक्षण

  • आंखें लाल हो जाती हैं और स्किन का रंग गुलाबी हो जाता है।
  • गले के पास की लिम्फ नोड सूज जाते हैं।
  • डेंगू बुखार 2 से 4 दिन तक रहता है और फिर धीरे धीरे तापमान नार्मल हो जाता है।
  • बुखार के साथ-साथ शरीर में खून की कमी हो जाती है।
  • शरीर में लाल या बैगनी रंग के फफोले पड़ जाते हैं।
  • नाक या मसूड़ो से खून आने लगता है।
  • डेंगू की शुरूआत तेज बुखार, सिरदर्द और पीठ में दर्द से होती है।
  • शुरू के 3 से 4 घंटों तक जोड़ों में भी बहुत दर्द होता है।
  • अचानक से शरीर का तापमान 104 डिग्री हो जाता है और ब्लड प्रेशर भी नार्मल से बहुत कम हो जाता है।

चिकनगुनिया के लक्षण

  • तेज बुखार होना।
  • तेज बुखार होने का पैर, हाथ और कलाई में हल्के सूजन के साथ गंभीर दर्द होना
  • गंभीर पीठ दर्द
  • सिरदर्द
  • थकान के साथ मांसपेशी में दर्द
  • त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते का होना जो आमतौर से 48 घंटों में दिखाई पड़ते हैं
  • गले में खराश होना
  • आंखों में दर्द और कंजेक्टिवाइटिस होना
  • कई महीनों और वर्षों तक शरीर में दर्द रह सकता है

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चिकनगुनिया के खतरे

चिकनगुनिया बुखार 2 से 12 दिन तक रहता है लेकिन रोगी को इससे उबरने के लिए महीनों लग जाते हैं। कई बार चिकनगुनिया के मरीज को जोड़ों के दर्द की समस्या 3 महीने से 2 साल तक झेलनी पड़ती है। शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, निमोनिया, सांस संबंधी बीमारियां आदि चिकनगुनिया के प्रभाव से हो सकती हैं।

कैसे कर सकते हैं डेंगू चिकनगुनिया से बचाव

डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर मरीज की स्थिति ज्यादा गंभीर है, तो उसे अस्पताल में भर्ती करना चाहिए। इसके अलावा दोनों ही रोगों में शरीर को तरल पदार्थों की ज्यादा जरूरत होती है इसलिए तरल पदार्थों का लगातार सेवन करना चाहिए। बुखार के साथ दर्द और ठंड महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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Anurag Gupta

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Deputy Editor

अनुराग गुप्ता एक अनुभवी हेल्थ जर्नलिस्ट हैं, जो पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 8 से अधिक वर्षों से स्वास्थ्य विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में डिप्टी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वह हिंदी और अंग्रेजी दोनों टीमों की संपादकीय जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने 2017 में OnlyMyHealth में सब एडिटर के रूप में अपने हेल्थ जर्नलिज्म करियर की शुरुआत की थी। समय के साथ वह संपादकीय टीम में वरिष्ठ भूमिका में पहुंचे और आज वेबसाइट की कंटेंट स्ट्रैटेजी, आइडिया अप्रूवल, कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल, टीम मैनेजमेंट और एडिटोरियल प्लानिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। OnlyMyHealth पर प्रकाशित हेल्थ आर्टिकल्स जिस एडिटोरियल और मेडिकल रिव्यू प्रोसेस से गुजरते हैं, उसकी निगरानी भी वही करते हैं। वह सुनिश्चित करते हैं कि हर लेख प्रमाणित मेडिकल स्रोतों, रिसर्च स्टडी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार हो, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे। अनुराग की खासियत है जटिल मेडिकल रिसर्च, हेल्थ डेटा और पब्लिक हेल्थ से जुड़े विषयों को आसान और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। संपादकीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह समय-समय पर OnlyMyHealth के लिए लेख भी लिखते हैं। OnlyMyHealth से पहले वह Guftagu Print Magazine और ScoopWhoop के साथ भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने फीचर और डिजिटल पत्रकारिता में अनुभव हासिल किया। Editorial Policy: अनुराग द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 14, 2018 10:00 IST

    Published By : Anurag Gupta

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