गर्दन का दर्द उतना सामान्य नहीं होता, जितना सुनने में लगता है। यह दिनचर्या को खराब कर सकता है। जब सुबह की शुरुआत ही गर्दन में दर्द के साथ होती है, तो मूड ज्यादा खराब हो जाता है। इंसान सुबह उठकर रिलैक्स महसूस करना चाहता है, लेकिन गर्दन दर्द के चक्कर में दिन का पहला भाग ही खराब हो जाता है। क्या आपकी सुबह भी गर्दन में दर्द के साथ होती है? Mayo Clinic के मुताबिक, 40 की उम्र के बाद गर्दन का दर्द ज्यादा कॉमन प्रॉब्लम बन जाता है। जब हम जॉब या किसी रूटीन में गर्दन को लंबे समय तक एक ही पोजीशन में रोजाना रखने लगते हैं, तो बार-बार दर्द हो सकता है। जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें भी गर्दन का दर्द ज्यादा हो सकता है। सुबह होने वाले गर्दन दर्द के कारण और इलाज को समझने के लिए हमने Dr. Bala Raja Sekhar Chandra Yetukuri, Sr. Consultant Neuro & Spine Surgeon And Clinical Director- Advance Endoscopic Spine Surgery At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।
सुबह गर्दन में दर्द क्यों होता है?
Spine Surgeon, Dr. Bala Raja ने कहा, ''जब गर्दन गलत एंगल में ज्यादा देर तक रहती है, तो मसल्स और लिगामेंट्स में खिंचाव आ सकता है। इस वजह से सुबह उठने पर गर्दन में जकड़न और बेचैनी महसूस होती है। लेटने के बाद अचानक हिलने या सिर को तेजी से घुमाने से मसल्स में झटका आ सकता है और गर्दन का दर्द बढ़ सकता है।''
Illinois Pain & Spine Institute के मुताबिक, कई लोग पीठ के बल सोने के बजाय पेट के बल सो जाते हैं। इस वजह से सुबह गर्दन में दर्द हो सकता है। सांस लेने के लिए सिर जब एक तरफ मुड़ा होता है, तो इससे फेफड़ों पर भी ज्यादा दबाव पड़ता है।
- गर्दन में दर्द के सामान्य कारणों की बात करें, तो खराब स्लीपिंग पॉश्चर के कारण भी ऐसा होता है।
- कई बार तकिए की गलत पोजिशन भी गर्दन में दर्द का कारण बन सकती है।
- एक ही करवट लेकर देर तक सोने से भी नेक पेन हो सकता है।
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सुबह गर्दन दर्द होने के गंभीर कारण भी हो सकते हैं

Dr. Bala Raja ने कहा, ''सुबह होने वाला नेक पेन हमेशा सामान्य नहीं होता। कुछ मामलों में यह सर्विकल स्पोंडिलोसिस (Cervical Spondylosis) यानी गर्दन की रीढ़ में बीमारी, डिस्क डिजनरेशन या पहले से लगी किसी चोट के कारण हो सकता है। मांसपेशियों में खिंचाव के कारण गर्दन और कंधे की मांसपेशियां भी सख्त हो सकती हैं।''
- Sleep Foundation के मुताबिक, गर्दन में तनाव का कारण मेंटल स्ट्रेस भी हो सकता है। यह गर्दन दर्द के ठीक होने की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है।
- सर्वाइकल स्लिप डिस्क (Cervical Herniated Disc) में गर्दन की डिस्क अपनी जगह से हल्की बाहर निकल जाती है। इस वजह से कंधे, गर्दन और हाथ में दर्द हो सकता है।
- रूमेटॉइड अर्थराइटिस एक तरह की ऑटोइम्यून बीमारी है जो गर्दन के जोड़ों को प्रभावित करती है। इसके कारण गर्दन में अकड़न महसूस होती है।
गर्दन दर्द दूर करने के टिप्स
- गर्दन दर्द से बचने के लिए सपोर्टिव पिलो का इस्तेमाल करें।
- पेट के बल सोने से बचें।
- सुबह उठने के बाद गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग करें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के साथ पेनकिलर लें या गर्म सिंकाई करें।
Harvard Medical School द्वारा प्रकाशित एक लेख के मुताबिक, जिन लोगों को चश्मा लगा है, उन्हें आंखों का खास ख्याल रखना चाहिए क्योंकि आंखें कमजोर होने के कारण स्क्रीन को गौर से देखने के लिए अक्सर लोग गर्दन को आगे की ओर झुकाते हैं जिसके कारण भी गर्दन में रोजाना दर्द उठ सकता है। आंखें कमजोर हैं, तो समय-समय पर आई चेकअप कराना न भूलें।
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गर्दन का दर्द दूर करने वाली दवाएं
- लंबे समय तक रहने वाले नेक पेन को दूर करने के लिए नर्व ब्लॉक इंजेक्शन भी दिए जाते हैं।
- गर्दन के दर्द और अकड़न को दूर करने के लिए मसल रिलैक्सेंट स्प्रे का भी इस्तेमाल किया जाता है।
- एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं की मदद से गर्दन की सूजन को कम करने में मदद मिलती है।
- गर्दन दर्द के लिए डॉक्टर पेन किलर दे सकते हैं।
- गर्दन की नस दबने के कारण दर्द या झुनझुनी महसूस होने पर न्यूरोपैथिक दर्द की दवाएं दी जाती हैं।
महिलाओं में गर्दन दर्द के मामले ज्यादा
National Institutes Of Health के अंतर्गत NCBI (National Center For Biotechnology Information) द्वारा एक लेख में इस बात का उल्लेख किया गया है कि गर्दन में दर्द की समस्या पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा देखे गए हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, गर्दन में दर्द की समस्या गंभीर हो जाती है। जिन लोगों को पहले से बैक पेन या स्लिप डिस्क की समस्या है, उन्हें नेक पेन ज्यादा परेशान कर सकता है। गर्दन का दर्द समय के साथ गंभीर होने पर कंधे और हाथों में, तो फैलता ही है साथ ही यह सिर दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, चक्कर आने जैसे लक्षण भी पैदा कर सकता है इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर इलाज कराएं।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
- गर्दन का दर्द असहनीय बन जाए।
- दर्द एक हफ्ते से ज्यादा समय के लिए हो।
- नेक पेन के साथ सुन्नपन या झनझनाहट महसूस हो।
- गर्दन का दर्द बढ़ते-बढ़ते हाथों तक पहुंच जाए।
निष्कर्ष:
सुबह-सुबह गर्दन में दर्द के पीछे एक ही करवट सोना, गलत पॉश्चर में सोना, गलत ढंग से तकिया लगाना जैसे सामान्य कारण हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, सुबह गर्दन में होने वाले दर्द के गंभीर कारणों की बात करें, तो सर्विकल स्पोंडिलोसिस, डिस्क डिजनरेशन, कोई पुरानी चोट, सर्वाइकल स्लिप डिस्क और रूमेटॉइड अर्थराइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्दन के दर्द को दूर करने के लिए पेन किलर्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं, न्यूरोपैथिक दर्द की दवाएं, मसल रिलैक्सेंट स्प्रे और नर्व ब्लॉक इंजेक्शन वगैरह का इस्तेमाल किया जाता है। अगर गर्दन दर्द एक हफ्ते से अधिक समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
FAQ
गर्दन में दर्द होने पर कौन सी एक्सरसाइज करें?
गर्दन में दर्द होने पर कैट-काउ स्ट्रेच, चिन टक एक्सरसाइज, कंधे घुमाना या शोल्डर रोल, पीछे की ओर गर्दन खींचना, गर्दन को गोल घुमाने का अभ्यास कर सकते हैं।गर्दन में दर्द होने पर कौन से घरेलू उपाय आजमाएं?
तिल के तेल से हल्की मालिश कर सकते हैं, अजवाइन की पोटली से सिंकाई भी अच्छा उपाय है, नीलगिरी में नारियल तेल मिक्स करके मालिश करने से गर्दन के दर्द से राहत मिलती है।
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Jul 24, 2026 12:05 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jul 24, 2026 12:05 IST
Modified By : Yashaswi MathurJul 24, 2026 12:05 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Bala Raja Sekhar Chandra