कंधे में दर्द हो तो ज्यादातर लोग मान लेते हैं कि समस्या कंधे के जोड़ या किसी चोट की वजह से है लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्दन की समस्या भी कंधे में दर्द का कारण बन सकती है? खासकर जब कंधे के दर्द के साथ गर्दन में जकड़न, हाथ में झनझनाहट या उंगलियों में सुन्नपन महसूस हो, तो इसकी वजह केवल कंधा नहीं बल्कि गर्दन की नसें भी हो सकती हैं। Max Hospital Patparganj के ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर दीपक अरोड़ा के अनुसार, दर्द की जगह और उसके साथ दिखाई देने वाले दूसरे लक्षण समस्या की पहचान में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर गर्दन को घुमाने पर कंधे का दर्द बढ़ता है या दर्द कंधे से नीचे हाथ तक जाता है, तो गर्दन से जुड़ी समस्या की संभावना पर भी विचार किया जाता है।
क्या गर्दन की समस्या से कंधे में दर्द हो सकता है?
ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दीपक अरोड़ा के अनुसार, गर्दन से कई नसें निकलती हैं, जो कंधे, बांह और हाथ के अलग-अलग हिस्सों तक जाती हैं। अगर गर्दन की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क में बदलाव, सूजन या नस पर दबाव जैसी समस्या होती है, तो दर्द केवल गर्दन तक सीमित नहीं रहता। यह दर्द कंधे या बांह तक भी महसूस हो सकता है। कई बार व्यक्ति को लगता है कि कंधे में कोई समस्या है, जबकि असली कारण गर्दन में मौजूद नस हो सकती है। इसे नस से संबंधित दर्द के रूप में देखा जाता है।
- उम्र बढ़ने के साथ होने वाले बदलाव, डिस्क में समस्या या हड्डियों में बढ़ोतरी के कारण नसों के लिए जगह कम हो सकती है।
- इससे नस पर दबाव पड़ने पर गर्दन से कंधे और हाथ तक दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
- लंबे समय तक मोबाइल नीचे देखकर चलाना, कंप्यूटर पर गलत पॉश्चर में बैठना या गर्दन को लंबे समय तक एक ही स्थिति में रखना भी गर्दन और आसपास की मसल्स पर तनाव बढ़ा सकता है।
साल 2021 में BMC Musculoskeletal Disorders में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, गर्दन और कंधे का दर्द खराब सेहत, नींद की कमी, बैठकर काम करने से जुड़ा है। खराब सेहत वाले लोगों में इस दर्द का खतरा बहुत ज्यादा होता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि हफ्ते में 60 मिनट से ज्यादा एरोबिक एक्सरसाइज करने से गर्दन के दर्द के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए, सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।
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कैसे पता करें कि दर्द कंधे से है या गर्दन से?
ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दीपक अरोड़ा बताते हैं कि गर्दन से आने वाले दर्द में अक्सर गर्दन घुमाने या झुकाने पर परेशानी बढ़ सकती है। दर्द कंधे से आगे बांह तक जा सकता है और कुछ लोगों को हाथ या उंगलियों में झनझनाहट भी महसूस होती है। वहीं, अगर समस्या सीधे कंधे के जोड़ से जुड़ी है, तो हाथ ऊपर उठाने, पीछे ले जाने या कंधे को घुमाने पर दर्द ज्यादा हो सकता है। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर खुद से कारण तय करना सही नहीं है।

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किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दीपक अरोड़ा सलाह देते हैं कि अगर कंधे में दर्द के साथ हाथ में लगातार सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी महसूस हो रही है, तो एक्सपर्ट डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। इसी तरह दर्द लगातार बढ़ रहा हो, गर्दन की हरकत बहुत सीमित हो गई हो या हाथ की पकड़ कमजोर महसूस हो, तो डॉक्टरी सलाह जरूरी है। कुछ मामलों में डॉक्टर फिजिकल चेकअप के साथ एक्स-रे या अन्य हेल्थ चेकअप की सलाह दे सकते हैं, ताकि दर्द के सही सोर्स का पता लगाया जा सके।
गर्दन और कंधे के दर्द से बचने के लिए क्या करें?
- लंबे समय तक एक ही पॉश्चर में बैठने से बचें और काम के दौरान बीच-बीच में गर्दन व कंधों को आराम दें।
- मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल करते समय गर्दन को लगातार नीचे झुकाकर रखने से बचना चाहिए।
- फिजिकली एक्टिव रहें और एक्सपर्ट की सलाह से की गई एक्सरसाइज गर्दन और कंधे की मसल्स को मजबूत रखने में मदद कर सकते हैं।
निष्कर्ष
गर्दन की समस्या से कंधे में दर्द होना संभव है और कई बार दर्द का असली कारण कंधे के बजाय गर्दन की नसों से जुड़ा हो सकता है। खासकर दर्द के साथ हाथ में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट से सही जांच कराने पर दर्द के सोर्स का पता लगाकर सही इलाज शुरू किया जा सकता है।
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FAQ
क्या गलत तकिए से गर्दन में दर्द हो सकता है?
बहुत ऊंचा या बहुत नीचा तकिया गर्दन की सामान्य स्थिति को प्रभावित कर सकता है। इससे गर्दन और कंधे की मसल्स पर खिंचाव पड़ सकता है और सुबह उठने पर दर्द या अकड़न महसूस हो सकती है।क्या गर्दन की नस दबने से हाथ कमजोर हो सकता है?
कुछ मामलों में गर्दन की नस पर दबाव पड़ने से दर्द के साथ हाथ में कमजोरी, झनझनाहट या पकड़ कमजोर महसूस हो सकती है।क्या गर्दन की समस्या में मालिश करनी चाहिए?
अगर दर्द नस से जुड़ा है तो मालिश सही नहीं हो सकती। लगातार दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
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Aug 24, 2026 13:35 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Deepak Kumar Arora