Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Nitu Pandey , Radiation Oncologist

कैंसर मरीजों के लिए क्यों जीवनरेखा हैं ब्लड और प्लेटलेट्स? डॉक्टरों से जानें कारण

कैंसर मरीजों के इलाज में खून और प्लेटलेट्स अहम भूमिका निभाते हैं, खासकर ब्लड कैंसर, बोन मैरो कैंसर और कीमोथेरेपी के दौरान। प्लेटलेट्स एनीमिया, कमजोरी और खतरनाक ब्लीडिंग जैसी समस्याओं से बचाकर मरीजों की जान बचाने में मदद करते हैं।

कैंसर का ट्रीटमेंट सिर्फ दवाओं, सर्जरी और कीमोथेरेपी तक सीमित नहीं होती है। कई कैंसर मरीजों के लिए खून और प्लेटलेट्स की जरूरत भी पड़ती है, जो उनकी लाइफ को बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। खासकर ब्लड कैंसर, बोन मैरो कैंसर और कीमोथेरेपी से गुजर रहे मरीजों को बार-बार ब्लड और प्लेटलेटंस की जरूरत पड़ सकती है। यही कारण है कि ब्लड डोनेट और प्लेटलेट डोनेट करने को कैंसर मरीजों के लिए एक लाइफलाइन माना जाता है। आइए इस बारे में नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ. नीतू पांडे (Dr. Neetu Pandey, Associate Consultant, Radiation Oncology, Fortis Hospital, Noida) से जानते हैं।

कैंसर और ब्लड सेल्स में कनेक्शन

डॉ. नीतू पांडे के अनुसार हमारे शरीर में बोन मैरो रेड ब्लड सेल्स, सफेद ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स बनाता है। लेकिन कई तरह के कैंसर खासकर, ल्यूकेमिया, लिम्फोया और मल्टीपल मायलोमा, बोन मैरो की कार्यक्षमता को प्रभाविक कर देते हैं। इसके अलावा कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी भी हेल्दी ब्लड सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके कारण मरीज में एनीमिया, इंफेक्शन का जोखिम और ज्यादा ब्लीडिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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कैंसर में ब्लड चढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ती है?

डॉ. नीतू पांडे बताती हैं कि, कैंसर के इलाज के दौरान रेड ब्लड सेल्स की संख्या कम हो सकती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कम हो जाती है। इससे मरीज को ज्यादा कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना और थकान महसूस हो सकती है। ब्लड चढा़ने से हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ता है, शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलता है, कमजोरी और थकान कम होती है और मरीज की लाइफ क्वालिटी बेहतर होती है। कई बार गंभीर एनीमिया की स्थिति में ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है।

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कैंसर में प्लेटलेट्स इतना जरूरी क्यों होता है?

डॉ. नीतू पांडे का कहना है कि प्लेटलेट्स ब्लड का वह हिस्सा होता है, जो ब्लीडिंग रोकने में मदद करते हैं। कैंसर और उसके इलाज के कारण प्लेटलेट्स की संख्या बहुत कम हो सकती है, जिसे थ्रोम्बोसाइटोपेनिया कहा जाता है। जब प्लेटलेट्स बहुत कम हो जाते हैं तो मरीज में मसूड़ों से खून आना, नाक से ब्लीडिंग होना, स्किन पर नीले या लाल धब्बे, अंदरूनी ब्लीडिंग और गंभीर मामलों में जानलेवा ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है।

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निष्कर्ष

कैंसर मरीजों के लिए ब्लड और प्लेटलेट्स सिर्फ इलाज का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। ये एनीमिया, कमजोरी और खतरनाक ब्लीडिंग जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए, नियमित रूप से ब्लड और प्लेटलेट डोनेट करने से न सिर्फ आपको अच्छा महसूस होगा, बल्कि किसी कैंसर मरीज की जान बचाने में भी आप मदद कर पाते हैं।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या कैंसर के मरीज रक्तदान कर सकते हैं?

    एक्टिव कैंसर से पीड़ित मरीजों को ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए। वहीं ल्यूकेमिया और लिंफोमा जैसे ब्लड कैंसर से पीड़ित लोग लाइफ टाइम ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं।
  • कैंसर में खून की जरूरत कब पड़ती है?

    कैंसर में खून की जरूरत तब पड़ती है जब बीमारी या इसके इलाज के कारण शरीर में ब्लड सेल्स, प्लेटलेट्स या हीमोग्लोबिन का लेवल खतरनाक रूप से कम हो जाता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 14, 2026 15:43 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jun 14, 2026 15:43 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Nitu Pandey

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