एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल बुखार या किसी भी इंफेक्शन में किया जा सकता है, लेकिन सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। हालांकि ये दवाएं बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में कारगर होती है, लेकिन कई बार एंटीबायोटिक दवाएं लेते समय ऐसी गलतियां करते हैं, जिससे न सिर्फ मरीज की रिकवरी धीमी होती है, बल्कि भविष्य में दवाओं के असर को भी कम कर सकता है। एंटीबायोटिक दवाएं लेते समय लोग कौन सी गलतियां करते हैं? इसे जानने के लिए हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi से बात की।
एंटीबायोटिक लेते समय पांच गलतियां कौन सी है?
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “एंटीबायोटिक दवाओं से बैक्टीरिया से होने वाले इंफेक्शन को कंट्रोल किया जा सकता है। इसे निमोनिया, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, गले के इंफेक्शन और बैक्टीरियल इंफेक्शन से होने वाली बीमारियों में कुछ सीमित समय और डोज के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, हर बीमारी में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती, लेकिन लोग यही गलती करते हैं। एंटीबायोटिक लेते समय ये गलतियां उन्हें नुकसान कर सकती है।”
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना
Dr. Vineeta Singh Tandon के मुताबिक, “ये गलती बहुत ही आम है। कई लोग गले में दर्द, खांसी या हल्का बुखार होने पर खुद से मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक खरीद लेते हैं, लेकिन हर इंफेक्शन के लिए एंटीबायोटिक जरूरी नहीं होती। मैंने कई बार देखा कि अगर किसी को कुछ महीने या साल पहले बुखार या इंफेक्शन था, तो जो दवा डॉक्टर के उस समय लेने की सलाह दी थी, वही दवा फिर से लेना शुरू कर देते हैं। इस तरह गलत दवा लेने से बीमारी ठीक होने के बजाय बढ़ भी सकती है और शरीर में दवाओं के प्रति रेजिस्टेंस बढ़ सकती है।”

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लक्षण ठीक होते ही एंटीबायोटिक बंद कर देना
Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि कई मरीज तो बस कुछ दिन दवा लेते हैं और जैसे ही खुद को थोड़ा बेहतर महसूस करते हैं, तो तुरंत दवा लेना बंद कर देते हैं। यह आदत बीमारी को गंभीर कर सकती है। दरअसल, थोड़े समय में दवा लक्षणों को कम करके मरीज को बेहतर महसूस कराती तो है, लेकिन शरीर में बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म नहीं हुए होते। ऐसे में दवा होते ही इंफेक्शन बढ़ने का खतरा दोबारा हो सकता है। इसलिए जितने समय के लिए डॉक्टर ने दवाई का कोर्स लिखा है, उसे पूरा करना चाहिए।”
किसी और की एंटीबायोटिक दवा का इस्तेमाल करना
Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “मैंने ये कई बार देखा है कि लोग परिवार में बची हुई कोई और एंटीबायोटिक दवा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि यह भी एंटीबायोटिक ही है, लेकिन यह गलत तरीका है क्योंकि हर मरीज की बीमारी, उम्र, वजन और मेडिकल कंडीशन अलग होती है। जो दवा एक व्यक्ति के लिए सही हो, जरूरी नहीं कि वह दूसरे व्यक्ति के लिए भी उतनी ही प्रभावी हो। इसलिए डॉक्टर की बताई दवा ही लें।”
एंटीबायोटिक दवा के डोज और समय का ध्यान न रखना
Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, “एंटीबायोटिक को तय समय पर लेना बहुत महत्वपूर्ण होता है। कई लोग खुराक भूल जाते हैं या दवा लेने का समय बदल देते हैं। इससे शरीर में दवा का असर कम हो सकता है और कई मामलों में इंफेक्शन को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए डॉक्टर द्वारा बताई गई डोज और समय का ध्यान रखना जरूरी है।”
बची हुई एंटीबायोटिक को दोबारा इस्तेमाल करना
Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि कुछ लोग पुराने इंफेक्शन की बची हुई दवाओं को भविष्य में फिर से इस्तेमाल कर लेते हैं। यह आदत भी नुकसानदायक है। हर बार इंफेक्शन एक जैसा नहीं होता और अगर दवा सिरप में है, तो बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए और दवा की एक्सपायरी चेक करना भी बहुत जरूरी है। बिना चेकअप और डॉक्टर की सलाह के पुरानी दवा लेना गलत इलाज का कारण बन सकता है।
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निष्कर्ष
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं कि जब एंटीबायोटिक का बार-बार या गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, तो बैक्टीरिया धीरे-धीरे उन दवाओं के खिलाफ रेजिस्टेंस बना लेते हैं। इस वजह से बाद में वही दवा, जो पहले संक्रमण को ठीक कर देती थी, भविष्य में असर करना बंद कर सकती है। इसलिए सही तरीके से एंटीबायोटिक दवाओं का सही और सावधानी से इस्तेमाल करें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।
FAQ
क्या एंटीबायोटिक लेने से पेट खराब या दस्त (Diarrhea) हो सकते हैं?
एंटीबायोटिक दवाएं बीमारी फैलाने वाले बुरे बैक्टीरिया के साथ-साथ हमारी आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर दैता है। इससे पाचन तंत्र का संतुलन बिगड़ जाता है और दस्त या गैस की समस्या हो सकती है।क्या हर तरह के बुखार में एंटीबायोटिक की जरूरत होती है?
बिल्कुल नहीं। बुखार शरीर का एक रिस्पॉन्स है जो किसी भी इन्फेक्शन (चाहे वो वायरल हो, फंगल हो या बैक्टीरियल) के कारण हो सकता है। डॉक्टर ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट देखने के बाद ही तय करते हैं कि एंटीबायोटिक देनी है या नहीं।क्या बच्चों को आधी (Half) एंटीबायोटिक गोली देना सुरक्षित है?
भूलकर भी ऐसा न करें। बच्चों के लिए दवाओं की डोज उनके वजन के अनुसार बहुत सटीकता से तय की जाती है। बड़ों की गोली को आधा तोड़कर देने से बच्चे को ओवरडोज या अंडरडोज हो सकता है, जो उनके लिवर और किडनी के लिए खतरनाक है।
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Jun 13, 2026 21:18 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jun 13, 2026 21:18 IST
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Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon