शरीर में घाव होने पर हम उसके जल्दी ठीक होने का इंतजार करते हैं, लेकिन जब घाव भरने में अधिक समय लगता है, तो मन में शंका होती है कि कहीं कुछ दिक्कत तो नहीं है। कई बार लापरवाही बरतने से घाव, बैक्टीरिया का शिकार बन जाते हैं और घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन हो जाता है। चोट लगने पर त्वचा कट जाती है या छिल जाती है जिसके जरिए बैक्टीरिया आसानी से त्वचा में प्रवेश कर जाते हैं और इंफेक्शन फैलाते हैं जिसके कारण दर्द महसूस होता है। शरीर की इम्यूनिटी कई बार इंफेक्शन से लड़ नहीं पाती और बैक्टीरिया घाव को अधिक गंभीर बना देते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर घाव पर बैक्टीरियल इंफेक्शन क्यों होते हैं, इसे कैसे पहचानें और इसका सही इलाज क्या है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Kamalesh A, Senior Consultant Physician At Yashoda Hospitals, Secunderabad से बात की।
घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन होने के लक्षण क्या हैं?

- त्वचा पर इंफेक्शन फैलने से लाल धारियां नजर आ सकती हैं।
- घाव का लंबे समय तक ठीक न होना।
- घाव में दर्द समय के साथ कम होने के बजाय बढ़ जाना।
- घाव में पस, रेडनेस, सूजन, बदबू, जलन होना।
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कई घाव में मिले एक से अधिक बैक्टीरिया
साल 2013 में International Wound Journal में प्रकाशित स्टडी में 217 इंफेक्टेड घावों से कुछ 28 प्रकार के बैक्टीरिया अलग किए गए। कई घावों में एक से अधिक बैक्टीरिया मौजूद थे। स्टडी में यह भी पता चला कि घाव के लिए इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक दवाएं, कुछ बैक्टीरिया पर बेअसर थीं। स्टडी ने सुझाव दिया कि इंफेक्शन की पहचान और उसके लिए सही एंटीबायोटिक को चुनने से जल्दी घाव भरने में मदद मिलती है।
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किन लोगों के घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है?
साल 2013 में Asian Journal Of Research In Pharmaceutical Sciences में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के मुताबिक, जो लोग हाइजीन का ख्याल नहीं रखते, डायबिटिक मरीज, कुपोषण का शिकार मरीज, ब्लड सर्कुलेशन खराब होना, उम्र ज्यादा होने के कारण घाव भरने में ज्यादा समय लग सकता है और इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है। स्टडी के मुताबिक, इंफेक्शन कंट्रोल टिप्स, उचित पोषण और आधुनिक वाउंड ड्रेसिंग की मदद से घाव जल्दी भरने में मदद मिलती है और इंफेक्शन से बचाव होता है। स्टडी में घाव की सफाई का सही तरीका और सही ड्रेसिंग पर भी जोर दिया है।
घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण क्या हैं?
- जानवर के काटने से हुए घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है।
- घाव गहरा या बड़ा है, तो बैक्टीरिया की उसमें प्रवेश करने की संभावना ज्यादा होती है।
- अगर घाव के आसपास डेड स्किन सेल्स जमा हो जाएं, तो बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है।
- घाव में गंदगी, धूल या मिट्टी का कण मिल जाने से बैक्टीरियल इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है।
बैक्टीरिया घाव में बायोफिल्म बना लेते हैं
ScienceDirect में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक, घाव में मौजूद बैक्टीरिया एक सुरक्षा परत बना लेते हैं जिसे बायोफिल्म (Biofilm) कहा जाता है। इसकी मदद से बैक्टीरिया शरीर की इम्यूनिटी और एंटीबायोटिक्स के खिलाफ ग्रो होते रहते हैं और घाव लंबे समय तक ठीक नहीं होता। इससे बचने के लिए घाव की नियमित सफाई और सही समय पर ड्रेसिंग होना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह पर एंटीमाइक्रोबियल ड्रेसिंग का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन की पुष्टि कैसे होती है?
- बैक्टीरिया का प्रकार जानने के लिए कल्चर टेस्ट।
- पुराने या गहरे घाव के लिए बायोप्सी।
- सीबीसी टेस्ट।
- सेप्सिस के केस में ब्लड कल्चर टेस्ट।
- हड्डी तक इंफेक्शन पहुंचने पर एक्स-रे या एमआरआई।
घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन का इलाज
- घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल किया जाता है। अगर दवा का कोर्स बीच में ही छूट जाए, तो दवा के प्रति प्रतिरोधी (Antibiotic Resistant) हो सकता है जिससे घाव भरने में देरी हो सकती है। साल 2018 में Molecules में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, एंटीबायोटिक सिर्फ इंफेक्शन खत्म करने के लिए ही नहीं बल्कि घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करने में मदद करती है। हाल के समय में एंटीमाइक्रोबियल वाउंड ड्रेसिंग के इस्तेमाल को असरदार बताया गया है।
- जानवार के काटने पर या जंग लगी वस्तु के संपर्क में आने के मामलों में डॉक्टर टिटनेस का टीका (Tetanus Vaccine) भी लगाते हैं।
- घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन के गंभीर केस में सर्जिकल डिब्राइडमेंट की मदद ली जाती है जिसमें डॉक्टर सर्जरी की मदद से इंफेक्टेड टिशू को हटा देते हैं ताकि घाव ठीक हो सके।
- अगर घाव में इंफेक्शन से तरल पदार्थ भर गया है, तो उसे वैक्यूम ड्रेसिंग की मदद से हल्का वैक्यूम या प्रेशर देकर निकाला जाता है।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
जब घाव में ज्यादा गंभीर इंफेक्शन होता है, तो पस निकलने के साथ बुखार, कमजोरी या असहजता महसूस हो सकती है। घाव से ज्यादा रिसाव निकल रहा हो, तो देरी किए बगैर डॉक्टर से संपर्क करें।
निष्कर्ष:
गंदगी, जानवर के संपर्क, गहरे घाव, त्वचा में डेड स्किन सेल्स या गंदगी के कारण घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है। इंफेक्शन के कारण पस निकलता है, दर्द होता है, सूजन होती है। डॉक्टर इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल करते हैं, आधुनिक इलाज में एंटीमाइक्रोबियल वाउंड ड्रेसिंग का इस्तेमाल किया जाता है, सर्जिकल डिब्राइडमेंट और वैक्यूम ड्रेसिंग की मदद भी ली जाती है।
FAQ
बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचने के लिए घाव की देखभाल कैसे करें?
समय-समय पर ड्रेसिंग बदलें, दवा लगाने से पहले एक्सपायरी डेट चेक करें, घाव को छूने से पहले हाथों को धोएं और ग्लब्स का इस्तेमाल करें। एक ही पट्टी को दोबारा इस्तेमाल न करें और घाव को गंदगी से बचाएं।लाल दिखने वाले हर घाव में बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है?
ऐसा जरूरी नहीं है। चोट लगने के बाद शुरू में रेडनेस या सूजन हो सकती है। अगर रेडनेस के साथ दर्द बढ़े, पस निकले, तो डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें।
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Jul 22, 2026 14:42 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Kamalesh A