Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Mandeep Singh Malhotra , Surgical & Molecular Oncologist | Founder & Chief Mentor – Art of Healing Cancer

युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं कोलोरेक्टल और ब्रेस्ट कैंसर के मामले? डॉक्टर से जानें कारण और गलतियां

पिछले कुछ सालों में युवाओं में कोलोरेक्टल और ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिन्हें पहले बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था। वहीं, अब खराब लाइफस्टाइल और डाइट जैसे कारणों से युवाओं में यह कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।

पिछले कुछ सालों में दुनियाभर में युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर कई समस्याएं बढ़ गई हैं। ऐसे में कैंसर जैसे मामलें बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं और बच्चों को भी प्रभावित कर रहे हैं। खासकर, युवाओं में कोलोरेक्टल और ब्रेस्ट कैंसर के मामलों को लेकर चिंता काफी ज्यादा बढ़ गई है। पहले जहां इन कैंसरों को मुख्य रूप से ज्यादा उम्र की बीमारी माना जाता था, वहीं अब 20 से 40 साल की उम्र के लोगों में भी इनके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। ऐसे में आइए दिल्ली में स्थिति ऑन्कोलॉजिस्ट और 'आर्ट ऑफ हीलिंग कैंसर' के संस्थापक डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा से जानते हैं कि युवाओं में कोलोरेक्टल और ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?

युवाओं में कोलोरेक्टल और ब्रेस्ट कैंसर बढ़ने के कारण

डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा के अनुसार युवाओं में कोलोरेक्टल और ब्रेस्ट कैंसर बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे-

1. अस्वस्थ लाइफस्टाइल

युवाओं में कोलोरेक्टल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों का एक बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल को माना जाता है। आज के युवाओं में फास्ट फूड, प्रोसेस्ड मीट, ज्यादा चीनी और कम फाइबर वाले फूड्स का सेवन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। फलों, सब्जियों और साबुत अनाज का कम सेवन उनके गट के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मोटापा भी युवाओं में कैंसर के जोखिम कारक हैं।

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2. गट माइक्रोबायोम के संतुलन में बदलाव

आंतों में मौजूद माइक्रोबायोम यानी अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के संतुलन में बदलाव होना कैंसर के खतरे को प्रभावित कर सकता है। ज्यादा एंटीबायोटिक का इस्तेमाल, प्रोसेस्ड फूड का सेवन और खराब खानपान की आदतें आंतों के माइक्रोबायोम को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में मेटाबॉलिक समस्याएं आगे चलकर कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

3. महिलाओं में होने वाली समस्याएं

कम उम्र में लड़कियों और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में बढ़ोत्तरी के पीछे भी कई कारण माने जा रहे हैं। महिलाओं में बढ़ता मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी, देर से कंसीव करना, ब्रेस्टफीडिंग की अवधि में कमी और हार्मोनल बदलाव इसके बड़े कारण हो सकते हैं। शरीर में ज्यादा फैट एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को बढ़ा सकती हैं, जो कुछ तरह के ब्रेस्ट कैंसर के विकास से जुड़ा हुआ है।

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4. नींद की कमी

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव भी एक कैंसर का एक बड़ा कारण बन सकता है। हालांकि, तनाव सीधे कैंसर का कारण नहीं माना जाता है, लेकिन यह नींद की कमी, अनहेल्दी डाइट, स्मोकिंग और शराब जैसी आदतों को बढ़ा सकता है, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले कारक हैं। इसके अलावा, रात में देर तक जागना और शरीर की सर्केडियन रिद्म का बिगड़ना भी हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है।

5. पर्यावरणीय कारकों

युवाओं में कोलोरेक्टल और ब्रेस्ट कैंसर के लिए पर्यावरणीय कारकों की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। प्लास्टिक में पाए जाने वाले कुछ केमिकल, वायु प्रदूषण, कीटनाशकों का संपर्क और अन्य पर्यावरणीय टॉक्सिक पदार्थ शरीर के हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।

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6. आनुवंशिक कारण

पारिवारिक इतिहास और आनुवंशिक कारण भी कुछ लोगों में कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। जिन परिवारों में ब्रेस्ट या कोलोरेक्टल कैंसर का इतिहास रहा है, उनमें कम उम्र में कैंसर होने की संभावना आमतौर पर ज्यादा हो सकती है।

निष्कर्ष

युवाओं में कोलोरेक्टल और ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामले इस बात का संकेत हैं कि कैंसर अब सिर्फ बढ़ती उम्र की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि कम उम्र में भी लोगों को प्रभावित कर रही है। बदलती लाइफस्टाइल और पर्यावरणीय परिस्थितियों को लेकर जागरूकता, समय पर जांच और हेल्दी आदतों को अपनाने से युवाओं में दोनों तरह के कैंसर की रोकथाम संभव हो सकती है।
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FAQ

  • लिवर में कैंसर कैसे होता है?

    लिवर कैंसर तब होता है, जब लिवर के नॉर्मल सेल्स म्यूटेट होकर अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बना लेती हैं।
  • ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

    ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षणों में मुंह या होंठ पर ऐसा घाव है, जो 3 हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक न हो, मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बे, मुंह का कम खुलना आदि शामिल हैं।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 10, 2026 22:30 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jun 10, 2026 22:30 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Mandeep Singh Malhotra

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