वर्तमान में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ब्रेस्ट कैंसर को लेकर समाज में कई तरह की गलतफहमियां फैली हुई हैं। इनमें से एक सबसे आम धारणा यह है कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ उम्रदराज या अधेड़ महिलाओं को ही अपनी चपेट में लेती है। इस तरह की गलतफहमी अक्सर लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि कम उम्र की महिलाओं को इस गंभीर बीमारी का कोई खतरा नहीं है। नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की कंसल्टेंट डॉ. नीतू पांडे (Dr. Neetu Pandey, Consultant, Radiation Oncology, Fortis Hospital, Noida) का कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ उम्रदराज महिलाओं में होने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि कम उम्र की महिलाओं को भी हो सकता है।
कम उम्र में भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर
Dr. Neetu Pandey बताती है कि ब्रेस्ट कैंसर उम्र देखकर होने वाली बीमारी नहीं है। हालांकि, युवा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना आम महिलाओं की तुलना में कम होती है। इसलिए, खुद को कम उम्र का सोचकर ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में यह मानना कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ उम्रदराज महिलाओं को होता है, सही नहीं है। उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा ज्यादा बढ़ जाता है, लेकिन कम उम्र की महिलाओं में भी यह बीमारी हो सकती है।
National Breast Cancer Foundation की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका में हर 8 में से 1 महिला को कैंसर होने का खतरा होता है। साल 2026 में अमेरिका में लगभग 3,82,640 महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होने का पता चलेगा, इनमें 321,910 महिलाओं को इनवेसिव ब्रेस्ट कैंसर और 60,730 महिलाओं को नॉन-इनवेसिव ब्रेस्ट कैंसर होगा।
Centers for Disease Control and Prevention की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में ब्रेस्ट कैंसर के सभी नए मामलों में से लगभग 10% मामले 45 साल से कम उम्र की महिलाओं में पाए जाते हैं। सभी महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होने का जोखिम होता है, लेकिन कुछ फैक्टर्स 45 साल की उम्र से पहले ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ा सकते हैं।
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किन युवा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा हो सकता है?
Dr. Neetu Pandey बताती है कि कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम कुछ स्थितियों में बढ़ सकता है। इनमें परिवार में ब्रेस्ट या ओवेरियन कैंसर का इतिहास, कुछ जेनेटिक बदलाव जैसे BRCA1 और BRCA2, और बचपन या कम उम्र में सीने पर रेडिएशन थेरेपी होना शामिल हैं। इसके अलावा पहले ब्रेस्ट कैंसर होना, कुछ खास तरह की ब्रेस्ट से जुड़ी असामान्य सेलुलर कंडीशन और ज्यादा ब्रेस्ट डेंसिटी जैसे कारक भी जोखिम बढ़ा सकते हैं। हालांकि, किसी जोखिम कारक का होना यह साबित नहीं करता है कि महिला को कैंसर जरूर होगा।

ब्रेस्ट कैंसर के कौन से संकेत नजरअंदाज नहीं करने चाहिए?
Dr. Neetu Pandey के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर के कुछ शुरुआती लक्षणों या संकेतों को पहचानकर आप इसे ज्यादा बढ़ने से रोक सकते हैं और समय पर सही इलाज पा सकते हैं। ब्रेस्ट में गांठ होना इसका एक बड़ा संकेत हो सकता है, लेकिन हर गांठ कैंसर नहीं होती है। इसके अलावा, ब्रेस्ट के साइज या आकार में बदलाव, ब्रेस्ट या बगल में मोटा या सख्त हिस्सा महसूस होना और निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज होना शामिल हैं। कभी-कभी शुरुआती ब्रेस्ट कैंसर का कोई साफ लक्षण नहीं होता है। इसलिए, असामान्य ब्रेस्ट में या उसके आस-पास कोई बदलाव दिखने पर उम्र के आधार पर उसे नॉर्मल मान लेना सही नहीं है।
महिलाओं को मैमोग्राम कब कराना चाहिए?
Dr. Neetu Pandey के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग की शुरुआत और तरीका उम्र के साथ-साथ हर व्यक्ति के जोखिम पर निर्भर कर सकता है। जिन महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होने का जोखिम ज्यादा होता है, उन्हें डॉक्टर से अपने लिए सही स्क्रीनिंग प्लान के बारे में सलाह लेनी चाहिए।
National Breast Cancer Foundation की रिपोर्ट के अनुसार, "जिन महिलाओं की मां, बेटी या बहन यानी फर्स्ट-डिग्री रिलेशन को ब्रेस्ट कैंसर है, उन्हें उस रिश्तेदार में बीमारी का पता चलने की उम्र से 10 साल पहले ही स्क्रीनिंग शुरू कर देनी चाहिए। जैसे- अगर आपकी मां को 43 साल की उम्र में ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था, तो आपको 33 साल की उम्र से हर साल मैमोग्राम करवाना शुरू कर देना चाहिए। आपकी उम्र या रिस्क फैक्टर कुछ भी हों, ब्रेस्ट हेल्थ और रेगुलर हेल्थ स्क्रीनिंग पर ध्यान देना जरूरी है।"
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डॉक्टर से कब मिलें?
ब्रेस्ट कैंसर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसलिए, जब भी आपको अपने ब्रेस्ट में कोई नई गांठ, सूजन, स्किन में बदलाव, निप्पल से किसी तरह का डिस्चार्ज या ब्रेस्ट के आकार में कोई अजीब सा बदलाव महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने पर कैंसर गंभीर स्टेज तक पहुंच सकता है, जिसका इलाज मुश्किल हो सकता है और यह जानलेवा बन सकता है।
निष्कर्ष
Dr. Neetu Pandey का कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर का खतरा उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है, लेकिन यह सिर्फ ज्यादा उम्र की महिलाओं को होता है यह एक मिथक है। युवा महिलाओं में इसके मामले कम जरूर हैं, पर उन्हें भी ब्रेस्ट कैंसर होना संभव है। परिवार में कैंसर का इतिहास, या जेनेटिक जोखिम होने पर खास सावधानी बरतनी जरूरी है।
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FAQ
कैसे पता करें कि ब्रेस्ट कैंसर है या नहीं?
ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए ब्रेस्ट में गांठ, आकार में बदलाव, स्किन पर सूजन और निप्पल से डिस्चार्ज होना जैसे लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए क्या करें?
ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता है, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर और नियमित जांच करवाकर इसके होने की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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Aug 08, 2026 11:57 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Nitu Pandey