Thu Oct 15, 2026 | 03:46 AM IST

Medically Reviewed by Dr Vishnu Hari , Oncologist & Haematologist

क्या इलाज के बाद लौट सकता है ब्रेस्ट कैंसर? डॉक्टर ने बताए 5 बड़े रिस्क फैक्टर

ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद कैंसर के रिस्क को चेक करने के लिए डॉक्टर महिलाओं को रेगुलर चेकअप की सलाह देते हैं, ताकि दोबारा कैंसर की पहचान समय पर हो सके। कैंसर का इलाज होने के बाद दोबारा कैंसर होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसे इस लेख में डॉक्टर ने विस्तार से बताया है।
क्या इलाज के बाद लौट सकता है ब्रेस्ट कैंसर? डॉक्टर ने बताए 5 बड़े रिस्क फैक्टरक्या इलाज के बाद लौट सकता है ब्रेस्ट कैंसर? डॉक्टर ने बताए 5 बड़े रिस्क फैक्टर

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, साल 2022 में दुनिया भर में ब्रेस्ट कैंसर के कारण लगभग 6,70,000 मौतें हुईं और इसी साल 185 देशों में से 157 देशों में महिलाओं में यह सबसे आम कैंसर था। इससे पता चलता है कि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि, आधुनिक मेडिकल तकनीकों के कारण महिलाओं का इलाज सफलतापूर्वक हो जाता है, लेकिन इलाज पूरा हो जाने के बाद भी कुछ मरीजों में कैंसर दोबारा हो सकता है। इसके होने के कारणों को जानने के लिए हमने Dr. Vishnu Hari, Associate Director & Head- Medical Oncology, Haematology & BMT, Sarvodaya Hospital, Sector-8, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि कैंसर रिकरेंस की पहचान के लिए इलाज के बाद रेगुलर फॉलो-अप, समय पर चेकअप और लाइफस्टाइल में बदलाव करके दोबारा कैंसर होने के रिस्क को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ब्रेस्ट कैंसर दोबारा क्यों लौट सकता है?

Dr. Vishnu Hari कहते हैं, “कई बार सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या अन्य उपचारों के बाद भी शरीर में कुछ कैंसर कोशिकाएं बच सकती हैं। ये कोशिकाएं लंबे समय तक एक्टिव नहीं रहती, लेकिन बाद में सक्रिय होकर दोबारा कैंसर होने का कारण बन सकती है। कई मामलों में देखा गया है कि कैंसर उसी ब्रेस्ट में, दूसरे ब्रेस्ट में या शरीर के किसी दूसरे हिस्से में दोबारा हो सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं।”

एडवांस स्टेज में कैंसर का इलाज होना

Dr. Vishnu Hari के मुताबिक, “जिन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता तीसरी या चौथी स्टेज में चलता है, उनमें रिकरेंस होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। ऐसे मामलों में कैंसर की कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच चुकी होती हैं। इलाज के बाद भी कुछ कोशिकाएं बच जाने की संभावना ज्यादा रहती है और इस वजह से भविष्य में बीमारी दोबारा उभर सकती है।”

कैंसर का लिम्फ नोड्स में होना

Dr. Vishnu Hari ने बताया कि अगर कैंसर बगल के लिम्फ नोड्स तक फैल चुका था, तो दोबारा कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए लिम्फ नोड्स में फैले कैंसर का इलाज होने के बाद भी मरीज का लंबे समय तक रेगुलर चेकअप किया जाता है।

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ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर होना

Dr. Vishnu Hari ने कहा, “ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (TNBC) को ब्रेस्ट कैंसर के सबसे आक्रामक प्रकारों में गिना जाता है। इस तरह के कैंसर होने पर दोबारा होने का रिस्क काफी ज्यादा बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे मरीजों को रेगुलर चेकअप और डॉक्टर की दी सलाह जरूर माननी चाहिए।”

HER2-पॉजिटिव कैंसर होना

Dr. Vishnu Hari के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर के जिन मरीजों को HER2-पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर होता है, उनका टारगेटेड थेरेपी के जरिए इलाज किया जाता है। इसके बावजूद कुछ मामलों में यह कैंसर दोबारा लौट सकता है। इसलिए इलाज पूरा होने के बाद भी डॉक्टर के बताए फॉलो-अप शेड्यूल को मानना चाहिए।

कम उम्र में कैंसर होने का रिस्क

Dr. Vishnu Hari कहते हैं कि 40 साल से कम उम्र की महिलाओं में होने वाले कुछ प्रकार के ब्रेस्ट कैंसर ज्यादा आक्रामक हो सकते हैं। इसलिए जिन महिलाओं को कम उम्र में कैंसर होता है, ऐसी महिलाओं को रेगुलर चेकअप कराने की सलाह दी जाती है।

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निष्कर्ष
Dr. Vishnu Hari कहते हैं कि कैंसर के मरीजों को डॉक्टर की बताई सलाह पर दवाएं समय पर लेनी चाहिए। रेगुलर मैमोग्राफी और फिजिकल एक्टिविटी करना जरूरी है। इसके अलावा, शरीर में किसी नए लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ब्रेस्ट कैंसर का इलाज होने के बाद भी महिलाओं को खास ध्यान देना चाहिए। हर मरीज में कैंसर दोबारा नहीं लौटता, लेकिन कुछ महिलाओं में इसका रिस्क ज्यादा हो सकता है। इसलिए रेगुलर चेकअप कराते रहने चाहिए।

FAQ

  •  'लोकल रीकरेंस' और 'मेटास्टैटिक रीकरेंस' में से कौन सा ज्यादा खतरनाक है?

    मेटास्टैटिक रीकरेंस (Distant Recurrence) सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। लोकल रीकरेंस (उसी ब्रेस्ट में दोबारा आना) का इलाज दोबारा सर्जरी या रेडिएशन से सफलतापूर्वक किया जा सकता है। लेकिन जब कैंसर हड्डियों, लिवर या फेफड़ों (मेटास्टैटिक) में लौटता है, तो उसे पूरी तरह ठीक करना मुश्किल होता है और फिर इलाज का मकसद केवल कैंसर को नियंत्रित रखना होता है।
  • क्या दोबारा लौटे ब्रेस्ट कैंसर (Recurrent Breast Cancer) का इलाज संभव है?

    बिल्कुल संभव है। इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर कहां और किस रूप में लौटा है। इसके लिए डॉक्टर दोबारा बायोप्सी करके ट्यूमर के स्वभाव की जांच करते हैं और मरीज की स्थिति के अनुसार नई कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, हार्मोनल थेरेपी या सर्जरी का संयोजन इस्तेमाल करते हैं।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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