Fri Oct 23, 2026 | 10:01 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vishnu Hari , Oncologist & Haematologist

क्या 30 साल से कम उम्र में भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर? डॉक्टर से जानें कम उम्र में बीमारी के कारण और शुरुआती संकेत

ब्रेस्ट कैंसर को उम्रदराज महिलाओं की बीमारी माना जाता है, लेकिन क्या सच में 30 से कम उम्र की महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क नहीं होता? अगर आप भी ऐसा मानते हैं, तो इस लेख को जरूर पढ़ें। लेख में डॉक्टर ने कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर होने के कौन-से लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत होती है।
क्या 30 साल से कम उम्र में भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर? डॉक्टर से जानें कम उम्र में बीमारी के कारण और शुरुआती संकेतक्या 30 साल से कम उम्र में भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर? डॉक्टर से जानें कम उम्र में बीमारी के कारण और शुरुआती संकेत

ब्रेस्ट कैंसर को बढ़ती उम्र की बीमारी के तौर पर देखा जाता है। लोग मानते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर होने का रिस्क सबसे ज्यादा 50 साल की उम्र के बाद हो सकता है, लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? क्या 30 साल से कम उम्र की महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क कम होता है? Breast Cancer Awareness Month के मौके पर हमने Dr. Vishnu Hari, Associate Director & Head (Unit I) – Medical Oncology, Haematology & BMT, Sarvodaya Hospital, Sector-8, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि 30 साल से कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर के मामले कम देखने को मिलते हैं, लेकिन ऐसा कतई नहीं है कि 30 से कम उम्र की लड़कियों को ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता। इसलिए कई बार कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान कभी-कभी देर से होती है।

30 साल से कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर क्यों हो सकता है?

Dr. Vishnu Hari ने कहा, “वैसे तो ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है, लेकिन कम उम्र में इस बीमारी के होने के कारण आनुवंशिक बदलाव हो सकते हैं, जबकि कुछ मामलों में इसके कोई स्पष्ट कारण नहीं होते। अगर परिवार में मां, बहन या किसी अन्य करीबी रिश्तेदार को कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और रेगुलर चेकअप कराते रहना चाहिए। कुछ मामलों में BRCA1 और BRCA2 जैसे जीन में बदलाव ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकते हैं।”

ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण

Dr. Vishnu Hari कहते हैं कि कम उम्र में स्तन में कोई बदलाव दिखाई दे, तो उसे सिर्फ उम्र या हार्मोनल बदलाव न समझें। इन लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।

  • स्तन में नई गांठ दिखे या फिर सख्त महसूस हो।
  • ब्रेस्ट की स्किन पर गड्ढे पड़ने लगें या उसकी बनावट बदलने लगे।
  • अगर निप्पल अचानक अंदर की ओर धंसने लगे या उसके आसपास कोई असामान्य बदलाव दिखने लगे।
  • बिना किसी कारण निप्पल से खून या तरल पदार्थ निकलने लगे।
  • ब्रेस्ट का आकार बदलने लगे या फिर एक ब्रेस्ट दूसरी से सिकुड़ी हुई महसूस हो।

breast cancer under 30 year agebreast cancer under 30 year age

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30 से कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का देर से क्यों पता चलता है?

Dr. Vishnu Hari ने कहा, “दरअसल जो भी कम उम्र की महिलाएं मेरे पास आती हैं, उनमें से कई मामलों में महिलाएं ब्रेस्ट के बदलावों को कैंसर से जोड़ ही नहीं पाती। अगर स्तन में गांठ होती है, तो वे सोचती हैं कि कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो जाएगी। इसके अलावा, अगर महिलाओं के ब्रेस्ट हैवी होते है, तो डेंस ब्रेस्ट में मैमोग्राफी में कुछ बदलावों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। इसका कतई मतलब नहीं है कि डेंस ब्रेस्ट की महिलाओं को मैमोग्राफी नहीं करानी चाहिए, बल्कि डॉक्टर की सलाह लेकर अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच कराई जा सकती है।”

क्या 30 साल से कम उम्र में मैमोग्राफी करानी चाहिए?

Dr. Vishnu Hari के मुताबिक, 30 साल से कम उम्र की हर महिला को मैमोग्राफी कराने की जरूरत नहीं होती। आमतौर पर जिन महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क ज्यादा होता है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर रेगुलर मैमोग्राफी करानी चाहिए। अक्सर महिलाएं स्क्रीनिंग और लक्षणों की जांच को लेकर कन्फ्यूज हो जाती हैं। मैमोग्राफी या अन्य जांच कराने को स्क्रीनिंग कहा जाता है, जबकि स्तनों को सेल्फ एग्जामिन करना लक्षणों की जांच करना कहा जा सकता है। अगर किसी महिला के परिवार में ब्रेस्ट कैंसर या ओवरी कैंसर की हिस्ट्री है, तो रेगुलर इंटरवल पर स्क्रीनिंग की सलाह दी जा सकती है। वहीं जिन्हें कैंसर का रिस्क नहीं है या कम है, उन्हें महीने में एक बार ब्रेस्ट का सेल्फ-एग्जामिनेशन करने की सलाह दी जा सकती है।

30 साल से कम उम्र की महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होने पर जर्नल क्या कहते हैं?

National Cancer Institute (NCI) के अनुसार, बढ़ती उम्र ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क फैक्टर हो सकता है। हालांकि, BRCA1 और BRCA2 जैसे जीन में बदलाव, परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री और कम उम्र में छाती पर रेडिएशन थेरेपी लेने जैसी कंडीशन ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकती हैं।

Cleveland Clinic का भी मानना है कि युवा महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होने के रिस्क थोड़ा कम होता है, लेकिन साल 2012 से 2016 के बीच, महिलाओं में पाए जाने वाले ब्रेस्ट कैंसर के नए मामलों में करीब 10% मामले कम उम्र में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर के थे।

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निष्कर्ष

अगर ब्रेस्ट में किसी भी तरह की कोई गांठ या बदलाव महसूस होता है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बीमारी को लंबे समय तक नजरअंदाज करना गंभीर नुकसान कर सकता है। अगर डॉक्टर को ब्रेस्ट में बदलाव महसूस होता है, तो वह अल्ट्रासाउंड, मैमोग्राफी या बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं। 30 साल से कम उम्र में इसके मामले कम जरूर हैं, लेकिन युवा महिलाओं को भी इसका खतरा हो सकता है। इसलिए अगर परिवार में ब्रेस्ट या ओवरी कैंसर का की हिस्ट्री है, तो रेगुलर चेकअप जरूर कराते रहें।

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FAQ

  • 30 साल से कम उम्र में होने वाला ब्रेस्ट कैंसर अधिक आक्रामक क्यों माना जाता है?

    कम उम्र में होने वाले ज्यादातर कैंसर अक्सर 'ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर' (TNBC) या HER2 पॉजिटिव प्रकार के होते हैं। इनमें ट्यूमर सेल्स बहुत तेजी से विभाजित होते हैं और शरीर के अन्य हिस्सों जैसे फेफड़े, लिवर या हड्डियों में फैलने का रिस्क ज्यादा रहता है।
  • क्या 30 से कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद मां बनना संभव है?

    कीमोथेरेपी या रेडिएशन शुरू करने से पहले 'फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन' तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इलाज पूरा होने और कैंसर से पूरी तरह ठीक होने के कुछ सालों बाद डॉक्टर की अनुमति से सुरक्षित रूप से कंसीव किया जा सकता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 23, 2026 20:11 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vishnu Hari