जिन महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की समस्या होती हैं, उनका अक्सर यही सवाल होता है कि मेरे परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं था, तो फिर मुझे कैसे हो गया? अगर घर परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर की समस्या नहीं है, तो क्या फिर भी कैंसर हो सकता है? Breast Cancer Awareness Month के मौके पर हमने Dr. Vishnu Hari, Associate Director & Head (Unit I) - Medical Oncology, Haematology & BMT, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर होने के पीछे सिर्फ जेनेटिक्स ही जिम्मेदार नहीं होते। बढ़ती उम्र, हार्मोनल बदलाव, वजन, बहुत ज्यादा शराब पीना और कुछ अन्य सेहत से जुड़ी समस्याएं भी इसका रिस्क बढ़ा सकती हैं। इसलिए परिवार में कैंसर की हिस्ट्री न होने का मतलब यह नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर नहीं हो सकता।
ब्रेस्ट कैंसर की फैमिली हिस्ट्री न होने पर क्यों होता है कैंसर?
American Cancer Society के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर के करीब 10% तक मामले आनुवंशिक हो सकते हैं। इसका मतलब है कि कैंसर परिवार में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में फैल सकता है। इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि बाकी के मामलों में जेनेटिक्स के अलावा भी कई कारण हो सकते हैं। इसलिए ब्रेस्ट कैंसर होने का कारण सिर्फ आनुवंशिक नहीं हो सकता।
Dr. Vishnu Hari कहते हैं, “ब्रेस्ट कैंसर के बारे में लोगों में यह सबसे बड़ी गलतफहमी है। मेरे पास ब्रेस्ट कैंसर के कई मामले ऐसे आते हैं, जिसमें परिवार में इस बीमारी की कोई हिस्ट्री नहीं थी। दरअसल, शरीर में सेल्स लगातार बनते रहे हैं और ये पुराने सेल्स की जगह लेते रहते हैं। इस दौरान कभी-कभी सेल्स के डीएनए में बदलाव हो सकते हैं और इन बदलावों के कारण सेल्स अनियंत्रित तरीके से बढ़ते लगते हैं। जब सेल्स लगातार बढ़ते रहते हैं, तो कैंसर होने का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए किसी महिला के परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री न होने पर भी यह उसे बीमारी हो सकती है।”
ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा किन कारणों से हो सकता है?
Dr. Vishnu Hari के मुताबिक, फैमिली हिस्ट्री के अलावा भी कई कारण होते हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकते हैं और American Cancer Society में भी इन कारणों को माना गया है।
- बढ़ती उम्र - जिन महिलाओं की उम्र ज्यादा है, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर होने का रिस्क बढ़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कम उम्र की महिलाओं को यह बीमारी नहीं हो सकती।
- मोटापा और फिजिकल एक्टिविटी न करना - जो महिलाएं मेनोपॉज के बाद मोटापे से ग्रस्त होती हैं, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए बढ़ती उम्र की महिलाओं को रोजाना एक्सरसाइज या वॉक करने की सलाह देती हैं, ताकि वजन कंट्रोल में रहे।
- हार्मोनल बदलाव - महिलाओं को कम उम्र में पीरियड शुरू होना, मेनोपॉज देर से होना और हार्मोन थेरेपी लेना ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।
- प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग - अगर महिला को पहला बच्चा देर से हुआ है, बच्चा नहीं हुआ और ब्रेस्टफीड नहीं कराया, तो कुछ महिलाओं में ये ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, सभी मामलों में यह जरूरी नहीं है।
- शराब बहुत ज्यादा लेना - शराब पीने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए शराब से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
- हैवी ब्रेस्ट होना - जिन महिलाओं के स्तनों में फाइब्रस और ग्लैंडुलर टिश्यू ज्यादा होता है, उनके स्तन घने माने जाते हैं। ऐसी महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा हो सकता है। हैवी ब्रेस्ट होने पर स्तनों में बनी कुछ गांठों को मैमोग्राफी से पहचानना मुश्किल हो सकता है।
- पहले से रेडिएशन ट्रीटमेंट लेना - अगर किसी महिला ने कम उम्र में छाती के आस-पास रेडिएशन थेरेपी ली है, तो यह आगे चलकर ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती है।
breast cancer with no family history
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क्या BRCA1 और BRCA2 जीन ही ब्रेस्ट कैंसर का कारण हो सकते हैं?
National Breast Cancer Foundation के अनुसार, BRCA1 जीन शरीर में ऐसा प्रोटीन बनाता है, जो सेल्स को तेजी से बढ़ने से रोकता है और क्षतिग्रस्त डीएनए को ठीक करने में मदद करता है। BRCA2 भी अनियंत्रित सेल्स और ट्यूमर को बढ़ने से रोकता है। जब जीन बनाने वाले डीएनए में बदलाव होता है, तो उसे BRCA म्यूटेशन कहते हैं। इस वजह से BRCA डीएनए को ठीक करने और ब्रेस्ट कैंसर को रोकने में मुश्किल हो सकती है। जिन लोगों में यह म्यूटेशन होता है, उनमें ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, यह म्यूटेशन बहुत आम नहीं है।
BRCA1 और BRCA2 ऐसे जीन हैं, जो सामान्य रूप से कोशिकाओं के डीएनए की मरम्मत और उनकी वृद्धि को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इन जीन में कुछ खास तरह के हानिकारक बदलाव होने पर ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
Dr. Vishnu Hari कहते हैं, “यह समझना जरूरी है कि हर ब्रेस्ट कैंसर का कारण BRCA जीन में बदलाव नहीं होता। इसलिए BRCA म्यूटेशन से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं होती। लोगों को यह भी ध्यान रखना होगा कि अगर परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि परिवार के सदस्यों को कैंसर होगा ही और साथ ही अगर किसी को कैंसर नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में इस बीमारी का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है।”
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निष्कर्ष
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है कि महिलाएं अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करें। अपने स्तनों के आकार और बनावट को समझें। साथ ही महीने में एक बार सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन जरूर करें। बढ़ती उम्र की महिलाओं को खास ध्यान रखना चाहिए और जिन लोगों की फैमिली हिस्ट्री है, उन्हें रेगुलर डॉक्टर से चेकअप कराते रहना चाहिए। अगर ब्रेस्ट में किसी भी तरह की गांठ दिखें, ब्रेस्ट में दर्द, निप्पल अंदर की ओर धंसे हुए या स्तनों की बनावट सही न लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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FAQ
क्या अंडरवायर ब्रा या डिओडोरेंट के इस्तेमाल से ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है?
यह पूरी तरह एक मिथक है। वैज्ञानिक अध्ययनों में अंडरवायर ब्रा पहनने या डिओडोरेंट इस्तेमाल करने और ब्रेस्ट कैंसर के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया है। ब्रा से लिम्फैटिक ड्रेनेज में कोई रुकावट नहीं आती।क्या प्लास्टिक के बर्तनों में माइक्रोवेव में खाना गर्म करने या प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीने से ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है?
खराब क्वालिटी वाले प्लास्टिक में BPA और थैलेट्स जैसे केमिकल्स होते हैं। ये केमिकल्स शरीर में जाकर एस्ट्रोजन हार्मोन को असंतुलित करते हैं और कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकते हैं। इसलिए हमेशा BPA-फ्री, कांच या स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए।
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Oct 22, 2026 19:59 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vishnu Hari
