ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है। ऐसे में ब्रेस्ट कैंसर को लेकर महिलाओं के बीच कई तरह के भ्रम फैले हुए हैं, जिन पर महिलाएं कई बार विश्वास कर लेती हैं। इन भ्रम में एक मिथक यह भी है कि बड़े ब्रेस्ट साइज वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है। कई महिलाओं के मन में यह सवाल आता है कि क्या जिन महिलाओं के ब्रेस्ट के साइज बड़े होते हैं, उनमें ब्रेस्ट कैंसर होने का जोखिम क्या सच में ज्यादा होता है? इस बारे में नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की कंसल्टेंट डॉ. नीतू पांडे (Dr. Neetu Pandey, Consultant, Radiation Oncology, Fortis Hospital, Noida) कहती हैं कि सिर्फ ब्रेस्ट का आकार बड़ा होने से ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा ज्यादा साबित नहीं होता है।
क्या बड़े ब्रेस्ट वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा होता है?
Dr. Neetu Pandey का कहना है कि ब्रेस्ट साइज बड़े होने के कारण ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा ज्यादा नहीं होता है। ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कई दूसरे कारणों पर निर्भर करता है। इसलिए, सिर्फ ब्रेस्ट के आकार को देखकर यह नहीं कहा जा सकता है कि किसी महिला को ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना ज्यादा या कम होती है। ब्रेस्ट का साइज मुख्य रूप से फैटी टिशू की मात्रा पर निर्भर करता है। फैट होने या साइज बड़ा होने से कैंसर का जोखिम नहीं बढ़ता है।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2008 में International Seminars in Surgical Oncology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, बड़ा ब्रा कप साइज या ब्रेस्ट वॉल्यूम ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा होता है, लेकिन यह कनेक्शन मुख्य रूप से मेनोपॉज के बाद की महिलाओं में देखा गया है। इस स्टडी में बताया गया है कि ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं के ब्रेस्ट का वॉल्यूम समान उम्र की हेल्दी महिलाओं की तुलना में बड़ा था।
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ब्रेस्ट साइज किन चीजों पर निर्भर करता है?
Dr. Neetu Pandey के अनुसार, ब्रेस्ट का आकार मुख्य रूप से शरीर में मौजूद फैट और ब्रेस्ट के टिश्यू की मात्रा पर निर्भर करता है। हर महिला के ब्रेस्ट का आकार अलग होता है और यह बिल्कुल नॉर्मल है। ब्रेस्ट का आकार उम्र, वजन, हार्मोन, प्रेग्नेंसी और शरीर में होने वाले दूसरे बदलावों के कारण भी बदल सकता है। इसलिए, बड़े ब्रेस्ट होना अपने आप में कोई बीमारी या कैंसर का संकेत नहीं है।
क्या बड़े ब्रेस्ट में कैंसर का पता लगाना मुश्किल हो सकता है?
Dr. Neetu Pandey ने बताया कि बड़े ब्रेस्ट वाली महिलाओं में कभी-कभी ब्रेस्ट में किसी गांठ या दूसरे बदलाव को महसूस करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसी तरह, जांच के दौरान डॉक्टर को पूरे ब्रेस्ट को अच्छी तरह जांचने में ज्यादा ध्यान देना पड़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बड़े ब्रेस्ट वाली महिलाओं को कैंसर जरूर होगा या उनमें खतरा ज्यादा होता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर मैमोग्राफी, अल्ट्रासाउंड या अन्य टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।
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ब्रेस्ट कैंसर के असली जोखिम कारक क्या हैं?
Dr. Neetu Pandey के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कई कारणों से बढ़ सकता है। इनमें कुछ ऐसे कारण शामिल हैं, जिन्हें बदला नहीं जा सकता है और कुछ लाइफस्टाइल से जुड़े जोखिम कारक भी शामिल हैं, जैसे-
- उम्र बढ़ना
- परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास
- कुछ जेनेटिक बदलाव
- शराब का सेवन
- शारीरिक गतिविधियों की कमी
- ज्यादा वजन बढ़ना, खासकर मेनोपॉज के बाद
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कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर ब्रेस्ट में किसी तरह का नया बदलाव दिखाई दे या महसूस हो और वह बना रहे तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। खासकर, अगर कोई नई गांठ, स्किन में बदलाव या निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज हो रहा है तो भी इन समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। महिलाओं को अपनी उम्र और जोखिम के अनुसार डॉक्टर से ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए। समय पर लक्षणों को पहचानकर ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष
बड़े ब्रेस्ट होने का मतलब यह नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा है। ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम अलग-अलग चीजों से प्रभावित होता है और हर महिला में इसके जोखिम कारक अलग हो सकते हैं। इसलिए, ब्रेस्ट के आकार को लेकर परेशान होने के बजाय अपने शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना और नियमित रूप से ब्रेस्ट कैंसर की जांच करना।
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FAQ
घर पर ब्रेस्ट कैंसर कैसे चेक करें?
घर पर ब्रेस्ट कैंसर की जांच करने के लिए शीशे के सामने खड़े होकर और लेटकर ब्रेस्ट की स्किन और निप्पल में आए बदलावों और गांठों को ध्यान से महसूस करना चाहिए।ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
ब्रेस्ट कैंसर होने पर महिलाओं को कई तरह के लक्षण महसूस हो सकते हैं, जैसे ब्रेस्ट में या आस-पास गांठ या सूजन, आकार या रूप में बदलाव, स्किन में बदलाव, निप्पल में बदलाव आदि।
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Sep 20, 2026 14:28 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Nitu Pandey
