हड्डियां शरीर के अहम हिस्सों में से एक है। हड्डियों को मजबूत रखने के लिए अक्सर लोगों को कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। ऐसा हड्डियों की डेंसिटी के प्रभावित होने के कारण हो सकती है, जिसके कई लक्षण दिखते हैं। आइए इस बारे में Dr. Akhilesh Yadav, Joint Specialist, Replacement Surgeon & Director at the Department of Orthopaedics, Max Hospital, Ghaziabad से जानें।
30 के बाद बोन डेंसिटी के कमजोर होने के लक्षण
डॉ. अखिलेश यादव के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों के घनत्व यानी बोन डेंसिटी के कमजोर होने की समस्या हो सकती है। बता दें, बोन डेंसिटी यह बताती है कि हड्डियों में कितनी मात्रा में मिनरल्स मौजूद हैं। बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों में मिनरल्स कम होने लगते हैं, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
बोन डेंसिटी कम होने पर शुरुआत में साफ लक्षण नहीं दिखते हैं। कई बार लोगों को इस समस्या के बारे में तब पता चलता है, जब हड्डी टूट जाती है।
1. हड्डियों में दर्द होना
बोन डेंसिटी के कमजोर होने पर व्यक्ति को हड्डियों में दर्द होने की समस्या हो सकती है। इसके कारण कई बार शरीर के कई हिस्सों में भी दर्द होता है, जो हड्डियों की कमजोरी से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, सिर्फ दर्द होने पर नहीं कहा जा सकता कि यह बोन डेंसिटी कम होने के कारण है।
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2. समय के साथ लंबाई में कमी आना
उम्र बढ़ने के साथ लंबाई में कमी आना हड्डियों की सेहत से जुड़ा एक जरूरी संकेत हो सकता है। रीढ़ की हड्डी में कमजोरी या उनमें छोटे फ्रैक्चर होने से व्यक्ति की लंबाई कम हो सकती है। लंबाई में कुछ कमी महसूस होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
signs of decreasing bone density after the age of 30 1
3. पीठ में लगातार दर्द रहना
पीठ के बीच या निचले हिस्से में लंबे समय तक दर्द रहना कई समस्याओं के कारण हो सकता है। कुछ मामलों में रीढ़ की हड्डी के कमजोर होने या उनमें फ्रैक्चर होने से भी दर्द हो सकता है। अगर बिना किसी साफ कारण के पीठ में लगातार दर्द हो रहा है, खासकर अगर लंबाई भी कम हो रही हो, तो यह बोन डेंसिटी के कमजोर होने का लक्षण हो सकती है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
4. हल्की चोट में हड्डी टूट जाना
अगर हल्की चोट लगने, नॉर्मली गिरने या बहुत कम दबाव पड़ने पर हड्डी टूट जाए, तो यह कमजोर हड्डियों का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों के कमजोर और भुरभुरा होने की बीमारी की जांच की जरूरत पड़ सकती है। इसे आम चोट समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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5. शरीर का झुकाव बढ़ना
कुछ लोगों में उम्र बढ़ने के साथ पीठ आगे की ओर झुकने लगती है। अगर रीढ़ की हड्डी में कमजोरी या फ्रैक्चर के कारण ऐसा हो रहा हो, तो यह हड्डियों की सेहत से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि, गलत पोस्चर में बैठने की आदत, मांसपेशियों की कमजोरी और दूसरी समस्याएं भी शरीर के झुकाव का कारण बन सकती हैं।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2022 में Journal of Family Medicine and Primary Care में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों और महिलाओं में हड्डियां कमजोर होने (ऑस्टियोपोरोसिस) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे फ्रैक्चर का खतरा रहता है, इसलिए शुरुआती दौर में ही हड्डियों के घनत्व (बीएमडी) की जांच कराकर समय पर इलाज शुरू करना जरूरी है। इसके साथ ही, हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए सभी लोगों को खान-पान सुधारने और नियमित एक्सरसाइज करने जैसे आसान उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है।
30 के बाद हड्डियों को मजबूत कैसे रखें?
डॉ. अखिलेश के अनुसार, 30 के बाद हड्डियों को मजबूत बनाए रखने और हेल्दी रखने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ अच्छी आदतों को बनाए रखना जरूरी है।
- कैल्शियम से भरपूर खाना खाएं: हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए डाइट में दूध, दही, पनीर, रागी, तिल और कुछ हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे कैल्शियम युक्त फूड्स को शामिल करें।
- विटामिन डी लें: विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बेहतर करने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर डॉक्टर की सलाह अनुसार सप्लीमेंट लें।
- नियमित एक्सरसाइज करें: स्वस्थ हड्डियों के लिए वॉक करें, सीढ़ियां चढ़ने और अपनी क्षमता के अनुसार ताकत बढ़ाने वाले एक्सरसाइज करें। यह हड्डियों और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद हैं।
- स्मोकिंग से बचें: स्मोकिंग करना हड्डियों की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। ऐसे में स्वस्थ हड्डियों के लिए स्मोकिंग से बचें।
- बैलेंस डाइट लें: प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर खाना हड्डियों को स्वस्थ रखने में सहायक है।
- पर्याप्त नींद लें: हड्डियों को हेल्दी रखने के लिए अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। अच्छी क्वालिटी की नींद लेने से शरीर को रिपेयर करने में मदद मिलती है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
अगर मामूली चोट में हड्डी टूट जाए, लंबाई कम होने लगे या बिना साफ कारण के लगातार पीठ दर्द हो, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर उम्र, जेनेटिक्स, दवाइयों और अन्य खतरे के फैक्टर्स को देखकर बोन डेंसिटी टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।
निष्कर्ष
30 की उम्र के बाद बोन डेंसिटी के कमजोर होने पर व्यक्ति को हड्डियों में दर्द, समय के साथ लंबाई में कमी होने, पीठ में लगातार दर्द रहने, हल्की चोट में हड्डी टूट जाने और शरीर का झुकाव बढ़ने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में हड्डियों की सेहत पर ध्यान देने से आगे चलकर होने वाली गंभीर समस्याओं के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। ध्यान रहे, हड्डियों का घनत्व (बोन डेंसिटी) कम होने पर हमेशा शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए सिर्फ दर्द या कमजोरी को इसका पक्का संकेत नहीं मानना चाहिए।
हड्डियों को मजबूत और हेल्दी बनाए रखने के लिए बैलेंस डाइट, कैल्शियम और विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा, नियमित एक्सरसाइज और जरूरत पड़ने पर समय पर जांच हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। अगर कोई आम लक्षण लंबे समय तक बना रहे, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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FAQ
हड्डियों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी से भरपूर फूड्स को शामिल करें। इसके अलावा, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, पर्याप्त पानी पिएं, स्मोकिंग, अल्कोहल और कॉफी का सेवन करने से बचें।हड्डियों के कमजोर होने के क्या कारण हैं?
बढ़ती उम्र, हार्मोनल बदलाव, पोषण की कमी, फिजिकल एक्टिविटीज न करने, अधिक अल्कोहल पीने या स्मोकिंग करने, दवाइयों का सेवन और हड्डियों से जुड़ी बीमारियों के कारण हड्डियों के कमजोर होने की समस्या हो सकती है।
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Current Version
Oct 21, 2026 22:13 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Akhilesh Yadav
