उम्र बढ़ने के साथ अक्सर लोगों को स्किन या बालों में बदलाव तो तुरंत दिख जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों की हाइट में भी बदलाव होता है। कुछ लोगों की उम्र बढ़ने के साथ लंबाई भी धीरे-धीरे कम होने लगती है? आमतौर पर लोग इसे बढ़ती उम्र का लक्षण समझकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन इसका कारण हड्डियों की कमजोरी से जुड़ा हो सकता है। World Osteoporosis Day के मौके पर हमने Dr. Srikanth Madikattu, Consultant, Orthopaedic Surgeon and Joint Replacement Surgeon, Manipal Hospital, Baner, Pune से बात की। उन्होंने बताया कि हर बार लंबाई कम होने का कारण सिर्फ उम्र नहीं होती, बल्कि कई मामलों में रीढ़ की हड्डी में बदलाव या ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए समय पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
उम्र के साथ लंबाई कम होने के कारण
Dr. Srikanth Madikattu कहते हैं, “रीढ़ की हड्डी कई छोटी-छोटी हड्डियों से बनी होती है और इन हड्डियों के बीच डिस्क मौजूद होती हैं, जो शरीर को लचीला बनाए रखने और चलने-फिरने के दौरान लगने वाले झटकों को सहने में मदद करती हैं। उम्र बढ़ने के साथ इन डिस्क में पानी की मात्रा कम होने लगती है और उनकी मोटाई भी घट सकती है। इससे रीढ़ की लंबाई में कुछ बदलाव देखा जा सकता है। यही वजह है कि कुछ लोगों का कद उम्र बढ़ने के साथ पहले से कुछ कम दिखाई देने लगता है। हालांकि, अगर लंबाई में साफ अंतर नजर आने लगे या कुछ ही सालों में हाइट पहले से काफी कम हो जाए, तो इसे सिर्फ उम्र का असर मानना ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।”
जर्नल के अनुसार हाइट घटने का कारण
Cleveland Clinic के मुताबिक, उम्र के साथ हाइट में बदलाव होने के ये कारण हैं।
- उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, जिससे वे कमजोर हो जाती हैं और शरीर का वजन संभालने की क्षमता घटने लगती है।
- समय के साथ रीढ़ की हड्डी की डिस्क घिसने लगती है। इससे हाइट में बदलाव देखा जा सकता है।
- मांसपेशियों की ताकत कम होने पर व्यक्ति आगे की ओर झुकने लगता है। इससे भी हाइट पर असर दिख सकता है।
- उम्र बढ़ने के साथ पैरों के तलवों का प्राकृतिक आर्क भी थोड़ा चपटा होने लगता है। इससे हाइट में कुछ बदलाव आ सकता है।
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ऑस्टियोपोरोसिस के कारण हो सकती है हाइट कम
Dr. Srikanth Madikattu ने कहा, “अगर हाइट में तेजी से कमी आ रही है, तो इसका कारण ऑस्टियोपोरोसिस भी हो सकता है। इस बीमारी में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और जब रीढ़ की हड्डियों पर थोड़ा सा भी दबाव पड़ने लगता है, तो उसमें फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ सकता है। इसे वर्टिब्रल कम्प्रेशन फ्रैक्चर कहा जाता है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर सिर्फ गिरने या दुर्घटना से ही हो सकता है, लेकिन कई बार नॉर्मल एक्टिविटीजी के दौरान भी ऐसा हो सकता है। सबसे मुश्किल बात यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते और इस वजह से कई सालों तक लोगों को बीमारी का पता ही नहीं चलता कि उनकी रीढ़ की हड्डी कमजोर हो रही है। इसलिए अगर हाइट में बदलाव हो या शरीर झुकने लगे, तो रीढ़ की हड्डी का चेकअप जरूर कराएं।”
हाइट कम होने के साथ ये लक्षण न करें नजरअंदाज
Baner के Manipal Hospital के Spine Surgery Consultant Dr. Mandar Borde कहते हैं कि अगर किसी की हाइट कम हो रही है और शरीर में ये बदलाव हो रहे हैं, तो इन संकेतों को नजरअंदाज न करें।
- अगर पीठ में दर्द बना रहता है या बार-बार दर्द हो रहा है, तो डॉक्टर से इसकी वजह जानें।
- कंधे आगे की तरफ बहुत ज्यादा झुकने लगे, तो रीढ़ की हड्डी की जांच की जरूरत हो सकती है।
- अगर हाइट में बदलाव काफी तेजी से दिख रहा है, तो इसकी जांच जरूर कराएं।
- सीधे खड़े होने में बदलाव या पीठ का ज्यादा झुकना हड्डियों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
मेनोपॉज के बाद महिलाओं को हाइट कम होने की समस्या
Dr. Srikanth Madikattu ने बताया कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो जाता है। इसका असर हड्डियों की सेहत पर भी पड़ सकता है और हड्डियां कमजोर होने का रिस्क बढ़ सकता है। इस वजह से मेनोपॉज के बाद महिलाओं को हड्डियों की सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। हालांकि, ऑस्टियोपोरोसिस का रिस्क सिर्फ महिलाओं को ही नहीं होता, बल्कि उम्र बढ़ने पर पुरुषों में हड्डियों की डेंसिटी कम हो सकती है। इसलिए लंबाई में असामान्य कमी, पीठ दर्द या शरीर के झुकाव जैसे बदलाव किसी में भी दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
रीढ़ की हड्डी की जांच कब कराना चाहिए?
Dr. Srikanth Madikattu कहते हैं, “अगर लंबाई लगातार कम हो रही है, पीठ में दर्द बना रहता है या शरीर का झुकाव बढ़ रहा है, तो डॉक्टर रीढ़ की हड्डी और बोन मिनरल डेंसिटी यानी हड्डियों का घनत्व जांचने के लिए DEXA स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं। इससे पता चलता है कि मरीज की रीढ़ की हड्डी का स्वास्थ्य कैसा है और ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना क्या है? इसी के आधार पर डॉक्टर मरीज का आगे का इलाज तय करते हैं।”
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निष्कर्ष
ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए लोगों को अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में भी बदलाव करने चाहिए। इससे उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां सेहतमंद रहती है। अगर किसी व्यक्ति को हाइट में तेजी से बदलाव महसूस होने के साथ पीठ में दर्द या शरीर के झुकने की समस्या होने लगी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है। समय पर जांच से हड्डियों की कमजोरी या रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
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FAQ
उम्र बढ़ने के साथ कितनी लंबाई घटना सामान्य माना जाता है?
उम्र के साथ रीढ़ की हड्डी और जोड़ों में होने वाले प्राकृतिक बदलावों के कारण आधा इंच यानी 1.27 सेमी से एक इंच यानी 2.54 सेमी तक लंबाई कम होना सामान्य माना जाता है।क्या सही पोस्चर बनाए रखने से लंबाई कम होने से रोका जा सकता है?
उठने-बैठने और चलने की सही मुद्रा बनाए रखने व पेट और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत रखने से रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव कम होता है, जिससे झुकने के कारण होने वाली लंबाई की कमी से बचा जा सकता है।
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Oct 20, 2026 11:50 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Srikanth Madikattu
