Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Bala Raja Sekhar Chandra , Sr. Consultant - Neuro & Spine Surgeon

लगाकर पीठ में दर्द कहीं स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस तो नहीं? डॉक्‍टर से जानें लक्षण और कारण

स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस को अक्‍सर लोग बुजुर्गों की बीमारी समझते हैं, लेक‍िन अब यह युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। खराब लाइफस्‍टाइल और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत इसकी वजह बन सकती हैं।

आज से कुछ समय पहले स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस को लेकर लोगों में च‍िंता नजर नहीं आती थी, क्‍योंक‍ि इसे बुजुर्गों को होने वाली बीमारी समझा जाता था। हालांक‍ि, यह बीमारी अब युवाओं में भी देखने को मि‍ल रही है। स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस वैसे तो एक गंभीर समस्‍या है, लेक‍िन इसे समय पर कंट्रोल क‍िया जा सकता है और इसे जरूरी कदम उठाकर कंट्रोल क‍िया जा सकता है। स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस में गर्दन, पीठ और कमर में दर्द, अकड़न और सूजन होती है जो क‍िसी पेनक‍िलर या बाम से ठीक नहीं होती है, बल्‍क‍ि इसके लक्षणों को जांच के बाद डॉक्‍टर ही कंट्रोल कर सकते हैं। चल‍िए जानते हैं स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस आख‍िर क्‍या है और इसके पीछे क्‍या कारण हो सकते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Bala Raja Sekhar Chandra Yetukuri, Sr. Consultant Neuro & Spine Surgeon And Clinical Director Advance Endoscopic Spine Surgery At Yashoda Hospitals, Hitec City से बात की।

क्‍या है स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस?

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स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस होने पर स्‍पाइन के जोड़ों, ड‍िस्‍क या आसपास के ट‍िशूज में सूजन आ जाती है। इस वजह से दर्द और अकड़न महसूस होती है। साल 2022 में Annals Of Physical And Rehabilitation Medicine नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, सुबह 30 म‍ि‍नट से ज्‍यादा पीठ में अकड़न होना बुजुर्गों में स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस का मुख्‍य संकेत है। साल 2023 में Journal Of Orthopedic Oncology नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस का कोई तय कारण नहीं है। हालांक‍ि यह उम्र बढ़ने या कुछ मामलों में जेनेटिक कारणों से होता है।

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स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस के लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं

  • स्‍ल‍िप ड‍िस्‍क होने पर अचानक तेज दर्द होता है जबक‍ि स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस की स्‍थ‍िति‍ में दर्द धीरे-धीरे शुरू होता है और समय के साथ बढ़ सकता है। इस स्‍थ‍िति‍ में पीठ या गर्दन के क‍िसी खास ह‍िस्‍से में दर्द उठता है ज‍िसे अक्‍सर टीस उठने के तौर पर देखा जाता है।
  • जैसे-जैसे समय बढ़ता है, दर्द शरीर के दूसरे ह‍िस्‍सों में फैलने लगता है। दर्द स्‍पाइन के साथ-साथ गर्दन, कंधे और बाहों तक भी फैल सकता है। साथ ही शरीर के नि‍चले ह‍िस्‍से यानी ह‍िप्‍स, जांघ और पैरों तक भी दर्द जा सकता है।
  • स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस होने पर चलने-फ‍िरने की क्षमता कम होने लगती है और स‍िर घुमाने या आगे झुकने में भी परेशानी होने लगती है।

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खराब पॉश्चर और भारी सामान उठाने की आदत को हल्‍के में न लें

अगर आप सोच रहे हैं क‍ि स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस जैसी गंभीर बीमारी के पीछे छुपे कारण भी गंभीर होंगे, तो आपको बता दें क‍ि रोजमर्रा की खराब आदतें इस गंभीर बीमारी को जन्‍म दे सकती है जैसे-

  • चलने या बैठने के दौरान बॉडी पॉश्चर सही न होना।
  • भारी सामान उठाना और ज्‍यादा नीचे झुकना।
  • कंधे पर भारी सामान उठाना।
  • धूम्रपान के कारण भी स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस हो सकता है। धूम्रपान से स्‍पाइन ट‍िशूज में ब्‍लड फ्लो कम हो जाता है।
  • लंबे समय तक स्‍लीप सपोर्ट न म‍िलने के कारण भी स्‍पाइन पर जोर पड़ सकता है और स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस हो सकता है।
  • एक्‍सरसाइज की कमी, बैठे रहने की आदत, वजन ज्‍यादा होना भी इसके प्रमुख कारण हैं।

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हल्के और गंभीर मामलों के इलाज में अंतर

  • स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस में इलाज की जरूरत तब पड़ती है जब दर्द दवाएं और एक्‍सरसाइज की मदद से भी न जाए और एक्‍स-रे, एमआरआई जैसी जांच में अर्थराइट‍िस नजर आए।
  • स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस के बेहद गंभीर मामलों में स्पाइनल फ्यूजन (Spinal Fusion) और लैमिनेक्टॉमी (Laminectomy) की जाती है ताक‍ि नसों पर पड़ रहे दबाव को कम कि‍या जा सके।
  • स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस के ज्‍यादातर मरीज जो कम गंभीर श्रेणी में आते हैं, उनका इलाज दवाएं, फ‍िज‍ियोथेरेपी, एक्‍सरसाइज, मसाज, वेट लॉस वगैरह के साथ क‍िया जाता है।

न‍िष्‍कर्ष:

स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस होने के पीछे कई खराब आदतें होती हैं जैसे भारी सामान उठाना, बॉडी पॉश्चर खराब होना, धूम्रपान करना, एक्‍सरसाइज न करना, ज्‍यादातर समय बैठकर ब‍िताना, मोटापा वगैरह। इसे ठीक करने के ल‍िए दवाएं, फ‍िज‍ियोथेरेपी, सर्जरी की मदद ली जाती है।

FAQ

  • क्‍या स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस के हर मरीज की सर्जरी होती है?

    सभी मरीज को सर्जरी की जरूरत नहीं होती है। फ‍िज‍ियोथेरेपी, दवाएं और लाइफस्‍टाइल में बदलाव करके इसकी संभावना को कम क‍िया जाता है। सर्जरी केवल गंभीर मामलों में होती है।
  • स्‍ल‍िप ड‍िस्‍क और स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस में क्‍या अंतर है?

    स्‍ल‍िप ड‍िस्‍क होने पर स्‍पाइन की ड‍िस्‍क ख‍िसकने के कारण नसों पर दबाव पड़ता है और स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस में स्‍पाइन के जोड़ों में घ‍िसाव या सूजन होने लगती है।
  • स्पॉन्डिलाइटिस और स्पाइनल अर्थराइटिस में क्‍या अंतर है?

    स्पॉन्डिलाइटिस, स्‍पाइन की सूजन संबंधी बीमारी है ज‍िसमें ऑटोइम्‍यून की भूमि‍का होती है वहीं स्‍पाइनल अर्थराइट‍िस, स्‍पाइन के जोड़ों के घिसने या सूजन के कारण होता है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 08, 2026 16:32 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jul 08, 2026 16:32 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Bala Raja Sekhar Chandra

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