रोजमर्रा की कई ऐसी आदतें हैं जिनके कारण स्पाइन पर जोर पड़ता है। चलने-फिरने, उठने-बैठने के लिए स्पाइन के सपोर्ट की जरूरत होती है, लेकिन स्पाइन को हेल्दी रखने के बजाय हम सेहत के साथ लापरवाही करते हैं जिसका बुरा स्पाइन पर भी होता है और वो कमजोर हो सकती है। जब हम बार-बार खराब आदतें अपनाते हैं, तो स्पाइन, डिस्क और जोड़ों पर दबाव बनता है जिससे अकड़न, नसों में दर्द, झुनझुनी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। आगे जानते हैं किन खराब आदतों के कारण स्पाइन कमजोर हो सकती है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Bala Raja Sekhar Chandra Yetukuri, Sr. Consultant Neuro & Spine Surgeon And Clinical Director Advance Endoscopic Spine Surgery At Yashoda Hospitals, Hitec City से बात की।
स्पाइन को कमजोर कर सकती हैं ये खराब आदतें

1. ज्यादा देर बैठना
अगर आप पूरे दिन बैठकर काम करते हैं, तो इस आदत से स्पाइन की सेहत खराब हो सकती है। पूरे दिन बैठने से मांसपेशियों में अकड़न हो सकती है।
2. एक्सरसाइज न करना
साथ ही अगर आप एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो कोर कमजोर हो सकता है और बैक मसल्स से सपोर्ट नहीं मिलता जिससे स्पाइन हेल्थ खराब हो सकती है।
3. भारी वजन उठाना
भारी सामान उठाने के कारण या ज्यादा झुककर काम करने के कारण डिस्क इंजरी का खतरा बढ़ जाता है। कंधों पर हैवी बैग रखने के कारण स्पाइन कमजोर हो सकती है।
4. झुककर काम करना
डेस्क पर झुककर काम करते हैं, तो स्पाइन पर जोर पड़ता है और लंबे समय तक यह आदत फॉलो करने के कारण स्पाइन हेल्थ को नुकसान पहुंचता है।
5. धूम्रपान करना
अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो भी स्पाइन को नुकसान पहुंचता है और दर्द बढ़ सकता है। साल 2021 में Surgical Neurology International नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, स्मोकिंग थ्रोम्बोसिस को ट्रिगर करती है जिससे स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा बढ़ता है। साथ ही स्टडी में बताया गया है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें सर्जिकल फेलियर का खतरा ज्यादा होता है यानी अगर स्पाइनल समस्याओं के लिए सर्जरी की गई, तो स्मोकर्स में उसके सफल होने का संभावना कम होती है।
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स्पाइन की सेहत के लिए अपनाएं ये टिप्स
बेडरूम
- बैक पेन या स्टिफनेस से बचने के लिए सोने के लिए अच्छा गद्दा चुनें।
- स्पाइन को सपोर्ट करने के लिए पीठ के बल के सोएं या एक साइड सोएं।
वर्कप्लेस
- लैपटॉप को अपने आई लेवल पर रखें। इससे स्पाइन पर जोर नहीं पड़ता।
- लोअर बैक को सपोर्ट करने के लिए आरामदायक कुर्सी चुनें।
- बैठते समय पैरों को जमीन पर टिकाकर 90 डिग्री पर रखें इससे स्पाइन को सपोर्ट मिलेगा।
- ज्यादा झुककर फोन या लैपटॉप चलाने से बचें।
घर के बाहर
- किसी भी भारी सामान को ज्यादा देर कंधे पर टांगकर न घुमें।
- सामान उठाने के लिए क्रॉसबॉडी बैग का इस्तेमाल करें ताकि बोझ दोनों कंधों पर बंट जाएं।
घर के भीतर
- लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से बचें।
- लगातार बैठे रहने का काम है, तो बीच-बीच में ब्रेक लेना न भूलें।
- ब्रेक के दौरान वॉक और स्ट्रेचिंग करें।
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डॉक्टर को कब दिखाएं?
खराब आदतों के कारण स्पाइन की समस्याएं समय के साथ बढ़ने लगती हैं। अगर पीठ, कमर या गर्दन में तेज दर्द हो, तो देर किए बगैर डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही पैरों में सुन्नपन, झुनझुनी भी स्पाइन की समस्या हो सकती है जिसे लोग अक्सर पैरों की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर एमआरआई या सीटी स्कैन जैसी जांच कराएं। स्पाइन की तकलीफ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए वरना स्लिप डिस्क, स्पाइनल अर्थराइटिस, डिस्क डिजनरेशन, नस दबना या क्रॉनिक बैक पेन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
निष्कर्ष:
ज्यादा देर बैठना, एक्सरसाइज न करना, भारी वजन उठाना, झुककर काम करना, धूम्रपान करने से स्पाइन कमजोर हो सकती है। बचाव के लिए बैठने या खड़े रहने से बचें, क्रॉसबॉडी बेग से दोनों कंधों पर सामान का वजन दें, लैपटॉप को आई लेवल पर रखकर काम करें, पीठ के बल सोएं वगैरह। पीठ दर्द या पैरों में सुन्नपन, झुनझनी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
FAQ
स्पाइन के लिए सोने की बेस्ट पोजीशन कौन सी है?
स्पाइन को हेल्दी रखने के लिए पीठ के बल सोएं या एक साइड करवट लेकर सोएं। पेट के बल सोने से स्पाइन पर जोर पड़ सकता है।ड्राइव करने से भी स्पाइन की सेहत बिगड़ती है?
हां, जो लोग लंबे समय तक ड्राइव करते हैं उनकी कमर या पीठ पर दबाव बन सकता है और स्पाइनल समस्याएं होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए समय-समय पर ब्रेक लेना और स्ट्रेचिंग करना जरूरी है।स्पाइन को मजबूत करने के लिए कौन सी एक्सरसाइज करें?
ब्रिज एक्सरसाइज, बर्ड-डॉग, कैट-काउ स्ट्रेच, प्लैंक, कोर स्ट्रेंथ एक्सरसाइज वगैरह करके स्पाइन को मजबूत बना सकते हैं।
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Current Version
Jul 08, 2026 17:34 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jul 08, 2026 17:34 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Bala Raja Sekhar Chandra