Sat Oct 17, 2026 | 08:17 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akash Singhal , Consultant – Orthopaedics

भारी स्कूल बैग बच्चों की रीढ़ की हड्डी को कैसे कर रहा है बर्बाद? ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जानें

स्कूल खुलते ही बच्चों के भारी बैग को लेकर पेरेंट्स की चिंता बढ़ जाती है। भारी स्कूल बैग बच्चों की रीढ़ की हड्डी पर दबाव डाल सकता है जिससे बैक पेन और पॉश्चर की समस्यों का खतरा बढ़ जाता है।
भारी स्कूल बैग बच्चों की रीढ़ की हड्डी को कैसे कर रहा है बर्बाद? ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जानेंभारी स्कूल बैग बच्चों की रीढ़ की हड्डी को कैसे कर रहा है बर्बाद? ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जानें

आज के समय में बच्चों के स्कूल बैग का वजन पेरेंट्स के लिए चिंता का विषय है। अक्सर देखा जाता है कि बच्चे स्कूल जाते समय भारी बैग लेकर चलते हैं, जिसमें कई किताबें, कॉपियां, टिफिन और अन्य सामान शामिल होता है। शुरुआत में यह समस्या सामान्य लग सकती है, लेकिन लगातार भारी बैग उठाने से बच्चों की पीठ, कंधों और गर्दन पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। इससे कई बार बच्चों को स्कूल से लौटने के बाद दर्द, थकान महसूस होने लगती है। इस लेख में कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून के कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉ. आकाश सिंघल से जानिए, भारी बैकपैक बच्चों की रीढ़ की हड्डी पर कैसा असर डालते हैं?

भारी बैग बच्चों की रीढ़ की हड्डी पर क्या असर डालते हैं?

डॉ. आकाश सिंघल बताते हैं कि बच्चों की हड्डियां, मांसपेशियां और जोड़ बचपन में विकास की अवस्था में होते हैं। जब बच्चा जरूरत से ज्यादा भारी बैग उठाता है, तो शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए वह अनजाने में आगे की ओर झुक जाता है या पीठ को पीछे की ओर मोड़ लेता है। इस अतिरिक्त प्रयास से गर्दन, कंधों और कमर की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है। यही कारण है कि कई बच्चे स्कूल से लौटने के बाद पीठ, कंधों या गर्दन में दर्द की शिकायत करते हैं। लंबे समय तक ऐसा होने पर मांसपेशियों में खिंचाव और थकान बढ़ सकती है।

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  • डॉ. आकाश सिंघल के अनुसार, यदि बच्चे को स्कूल से आने के बाद बार-बार पीठ दर्द रहता है, कंधों में दर्द होता है, बैग की स्ट्रैप्स के कारण कंधों पर लाल निशान पड़ जाते हैं या हाथों में झुनझुनी और सुन्नपन महसूस होता है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
  • इसके अलावा यदि बच्चे को बैग उठाने या पहनने में कठिनाई हो रही है या दर्द लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
  • हालांकि केवल भारी बैग की वजह से रीढ़ में स्थायी समस्या होने की संभावना कम होती है, लेकिन लगातार होने वाला मांसपेशियों का तनाव बच्चे के डेली रूटीन को प्रभावित कर सकता है।

डॉक्टर की सलाह

डॉ. आकाश सिंघल सलाह देते हैं कि बच्चों के लिए हमेशा ऐसा बैग चुनें जिसमें दो चौड़ी और पैडेड शोल्डर स्ट्रैप्स हों। बच्चों को हमेशा दोनों स्ट्रैप्स का इस्तेमाल करने की आदत डालें, क्योंकि एक कंधे पर बैग टांगने से शरीर का बैलेंस बिगड़ सकता है। बैग में केवल उसी दिन की जरूरत वाली किताबें और कॉपियां रखें तथा भारी किताबों को बैग के पीछे वाले हिस्से यानी पीठ के सबसे करीब रखें, ताकि वजन समान रूप से वितरित हो सके। सही आकार का, अच्छी तरह फिट होने वाला और हल्का बैग बच्चों की पीठ पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को काफी हद तक कम कर सकता है।

heavy bag impact on kidsheavy bag impact on kids

साल 2025 में BioMed Research International Journal में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, बच्चे के वजन के 10% से ज्यादा भारी स्कूल बैग उठाने से उनकी पीठ के निचले हिस्से यानी कमर का नेचुरल झुकाव कम हो सकता है और रीढ़ की हड्डी सीधी व सख्त हो सकती है। यह स्थिति बच्चों के शारीरिक विकास और पॉश्चर के लिए हानिकारक है। इस समस्या से बचाव के लिए पेरेंट्स, शिक्षकों और स्वयं बच्चों को भी स्कूल बैग के वजन पर लगातार ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, स्कूलों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे बच्चे अपनी भारी किताबें और कॉपियां स्कूल में ही रख सकें। ऐसा करने से बच्चों की रीढ़ की हड्डी पर रोजाना पड़ने वाला भारी बोझ काफी कम हो जाएगा।

निष्कर्ष

भारी स्कूल बैग बच्चों में पीठ, गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जिससे दर्द और असहजता की समस्या हो सकती है। हालांकि केवल बैग का वजन आमतौर पर रीढ़ की हड्डी को स्थायी नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन रोजाना जरूरत से ज्यादा वजन उठाना सही नहीं है। इसलिए पेरेंट्स को बच्चों के बैग का वजन, सही फिटिंग और उसे उठाने के तरीके पर खास ध्यान देना चाहिए। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बच्चों की बढ़ती उम्र में उनकी रीढ़ और मांसपेशियों को हेल्दी रखा जा सकता है।

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FAQ

  • बच्चों के लिए बैग कितना भारी होना चाहिए?

    बैग का वजन बच्चे के शरीर के वजन के अनुपात में हल्का होना चाहिए और केवल उसी दिन की जरूरत का सामान होना चाहिए।
  • क्या एक कंधे पर बैग लटकाना सही है?

    एक कंधे पर बैग लटकाने से शरीर का बैलेंस बिगड़ता है और रीढ़ पर असमान दबाव पड़ता है।
  • बच्चों के लिए कैसा बैग सबसे अच्छा होता है?

    दो चौड़ी और पैडेड स्ट्रैप्स वाला हल्का और सही फिटिंग वाला बैग सबसे अच्छा माना जाता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 26, 2026 21:26 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Akash Singhal