पुरुषों और महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ यौन इच्छा बदलना स्वाभाविक होता है। हालांकि, ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं होता है कि ऐसा क्यों हो रहा है? यही कारण है कि हर व्यक्ति इस संबंध में अपनी अलग-अलग राय रखता है। यह सही नहीं, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ यौन इच्छा क्यों कम हो रही है, इसके कारणों को जानकर इनमें सुधार किया जा सकता है। तो आइए, मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है।
पुरुषों-महिलाओं में अधिक उम्र में यौन इच्छा बदलने के कारण
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हार्मोनल बदलाव
पुरुषों मेंः बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों में यौन इच्छा में कमी आने का एक बड़ा कारण हार्मोन के स्तर में बदलाव होता है। दरअसल, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में 1 फीसदी की गिरावट होती है। टेस्टोस्टेरोन सेक्स हार्मोन है।
Journal Of Clinical Endocrinology & Metabolism में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ-साथ फ्री और टोटल टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम होता जाता है, जो यौन गतिविधि, कामेच्छा और इरेक्शन में गिरावट उत्पन्न करता है।
महिलाओं में: पुरुषों की ही तरह महिलाओं में भी उम्र के साथ-साथ यौन इच्छा का स्तर कम हो जाता है। कहने की जरूरत नहीं है कि महिलाओं को अपने जीवनकाल में कई तरह के हार्मोन बदलाव झेलने पड़ते हैं। खासकर, मेनोपॉज की बात करें, तो इस चरण के बाद एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से गिरता है, जिससे उनमें यौन इच्छा कम होने लगती है।
साल 2017 में Journal Of The Turkish-German Gynecological Association में प्रकाशित मेडिकल समीक्षा के अनुसार, महिलाओं में फीमेल सेक्शुअल डिस्फंक्शन किसी भी उम्र में हो सकता है। हालांकि, मेनोपॉज के बाद 40 फीसदी तक महिलाओं में सेक्शुअल लिबिडो के स्तर में गिरावट आती है और जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, सेक्शुअल डिजायर और भी कम हो जाती है।
शारीरिक स्वास्थ्य का असर
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पुरुष या महिला, दोनों में बढ़ती उम्र के साथ यौन इच्छा के स्तर में कमी आती है, क्योंकि इसके पीछे शारीरिक स्वास्थ्य भी बड़ा कारक है, जैसे-
- योनि में बदलावः पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज, हर चरण में महिलाओं को हार्मोनल बदलाव झेलने पड़ते हैं। बढ़ती उम्र के साथ उनके शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर घट जाता है, जिससे योनि में इचिंग और ड्राईनेस जैसी समस्या होने लगती है। इस तरह की स्थिति में महिलाओं के लिए यौन संबंध बनाना मुश्किल होता है।
- इरेक्टाइल फंक्शनः पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ इरेक्टाइल फंक्शन के स्तर में भी कमी आती है। साल 2017 में Translational Andrology And Urology में प्रकाशित शोध पत्र से पता चलता है कि उम्र के साथ-साथ पुरुषों के लिंग की स्मूद मसल सेल्स धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं। इससे नसों में ब्लड फ्लो कम हो जाता है, जिससे उनमें इरेक्शन से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं।
- पुरानी बीमारियांः महिला-पुरुष दोनों में यौन इच्छा के स्तर में कमी का एक बड़ा कारण पुरानी बीमारियां हैं। इसमें हार्ट डिजीज, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर आदि समस्याएं शामिल हैं। ये कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जिनमें नसें कमजोर या क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। ऐसे में ब्लड फ्लो सही तरह से नहीं हो पाता है, जिस कारण सेक्शुअल लाइफ प्रभावित होती है। साल 2024 में PLOS One जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से भी इस बात की पुष्टि होती है कि मोटापा, उच्च रक्तचाप और मधुमेह सबसे आम स्थितियां हैं, जो बड़े पैमाने पर सेक्शुअल हेल्थ को प्रभावित करती हैं।
जीवनशैली का असर
डॉ. विजय दहिफले स्पष्ट करते हैं कि जीवनशैली का यौन संबंध की इच्छा पर गहरा असर पड़ता है। ऐसा पुरुष और महिला दोनों के साथ होता है, जैसे-
- रोजाना अच्छी और गहरी नींद न लेने से हार्मोन असंतुलन को बढ़ावा मिलता है, जिससे यौन इच्छा के स्तर में गिरावट आती है।
- तनाव का बढ़ता स्तर शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाता है, जिससे सेक्शुअल लिबिडो में कमी आती है।
- उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर में टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसे सेक्स हार्मोन्स नेचुरली कम होने लगते हैं। वहीं, अगर कोई लंबे समय से तनाव में है, तो सेक्स ड्राइव में कमी, उत्तेजना में परेशानी और यौन संतुष्टि न मिल पाना जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।
निष्कर्ष
बढ़ती उम्र के साथ सेक्शुअल चाहत में कमी आना कोई हैरानी की बात नहीं है और न ही यह किसी तरह की बीमारी है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। हां, अगर किसी को कोई बीमारी है या लंबे समय से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो ऐसे में ब्लड फ्लो सुचारू ढंग से नहीं होता है। ऐसे में यौन संबंध बनाने में चुनौतियां आ सकती हैं। यही नहीं, कई बार घरेलू परेशानियां और जीवनशैली की बुरी आदतें भी यौन इच्छज्ञ को कम करते हैं।
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FAQ
क्या मेनोपॉज के बाद महिलाओं में यौन इच्छा बढ़ाने के लिए हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी सेफ है?
महिलाओं को हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए। आमतौर पर डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह पूरी तरह सेफ होती है। हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के गिरते स्तर को संतुलित करके योनि के ड्राईनेस और यौन संबंध बनाने के दौरान दर्द को कम कर सकती है, जिससे यौन इच्छा में सुधार होता है।पुरुषों में कम लिबिडो की समस्या की जांच के लिए कौन से टेस्ट करवाए जाते हैं?
पुरुषों में कम लिबिडो की समस्या होने पर डॉक्टर मुख्य रूप से सीरम टेस्टोस्टेरोन (Total and Free Testosterone), Prolactin, थायराइड फंक्शन टेस्ट (TSH, FTS) और फास्टिंग ब्लड शुगर/HbA1c जांच कराने के सुझाव दे सकते हैं।
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Jul 24, 2026 12:45 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale