Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay S Dahiphale , Consultant Urologist, Andrologist & Sexologist

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम होने के संकेत हैं ये 7 लक्षण, न करें नजरअंदाज

Low Testosterone Signs In Men: क्या आप भी अक्सर थकान और कमजोरी महसूस करते हैं? क्या सेक्स ड्राइव में भी कमी आने लगी है? अगर ऐसा है, तो यह पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम होने के लक्षण या इसके संकेत हो सकते हैं। जानें इसके अन्य लक्षणों के बारे में।

Low Testosterone Symptoms In Men: टेस्टोस्टेरोन मुख्य मेल हार्मोन के रूप में जाना जाता है, जो कि टेस्टिकल में बनता है। इसी हार्मोन की वजह से किशोरावस्था में लड़कों में पुरुष वाले लक्षण आने शुरू होते हैं, जैसे कि शरीर और चेहरे पर बाल यानी दाढ़ी-मूंछे आना, आवाज का भारी होना और मांसपेशियों में ताकत आना। यहां तक कि स्पर्म प्रोडक्शन में भी टेस्टोस्टेरोन की आवश्यकता होती है। आमतौर पर स्वस्थ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन प्रोडक्शन सामान्य रहता है, लेकिन मौजूदा समय में बढ़ते तनाव, खराब जीवनशैली आदि कारणों से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर घट सकता है। यहां मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डाॅ. विजय दहिफले आपको बता रहे हैं कि टेस्टोस्टेरोन के कम होने पर किस तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं।

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण

symptoms of low testosterone in men 01 (22)

टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने पर पुरुषों में कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे-

1. सेक्स ड्राइव में कमी

साल 2013 में The World Journal Of Men's Health में प्रकाशित शोध पत्र के अनुसार, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन में कमी आने पर सबसे पहले सेक्स ड्राइव पर ही इसका प्रभाव दिखता है। उनमें यौन इच्छा कम हो जाती है और वे यौन संबंध बनाने से बचने की कोशिश करते हैं। हालांकि, कई बार तनावपूर्ण जीवनशैली इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है, लेकिन अगर कोई लंबे समय तक यौन संबंध से दूर रहता है, तो अपने इस लक्षण को नजरअंदाज न करें।

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2. इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

साल 2022 में Reviews In Endocrine And Metabolic Disorders में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आने पर पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्या भी होने लगती है। रिव्यू में कहा गया है कि बढ़ती उम्र और अन्य बीमारियों (जैसे डायबिटीज या हृदय संबंधी समस्याएं) के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और टेस्टोस्टेरोन के बीच का सीधा संबंध कमजोर पड़ जाता है। आपको बता दें कि टेस्टोस्टेरोन सिर्फ मेल हार्मोन ही नहीं, बल्कि यह पुरुषों के लिए सेक्स हार्मोन भी है। अगर इसके स्तर में तेजी से गिरावट आती है, तो पुरुषों को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का शिकार होना पड़ सकता है।

3. थकान महसूस होना

how heat affects male fertility and sexual health 01 (15)

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन सिर्फ सेक्स हार्मोन या पुरुष हार्मोन के रूप में ही सीमित नहीं है। अगर पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में भारी गिरावट आ जाती है, तो वे अक्सर थकान और कमजोरी से घिरे रह सकते हैं। साल 2013 में कैंसर से पीड़ित पुरुषों में एक शोध किया गया, जो कि Supportive Care In Cancer में प्रकाशित हुआ है। उसके अनुसार, कैंसर के ट्रीटमेंट और टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी के कारण वे काफी ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस करते थे। ऐसे में डॉक्टरों ने उन्हें टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी दी, जिससे रोगियों की थकान में कमी देखी गई।

4. मसल मास (Muscle Mass) में कमी

डॉ. विजय दहिफले बताते हैं, "टेस्टोस्टेरोन मांसपेशियों के लिए बहुत जरूरी हार्मोन होता है। जब मांसपेशियों को क्षति होती है, उसे रिपेयर करने के लिए टेस्टोस्टेरोन ही मुख्य भूमिका अदा करता है। अगर पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है, तो इससे उनके शरीर में दो तरह की दिक्कतें हो जाती हैं, जैसे शरीर नई मांसपेशियां नहीं बना पाता है, जिससे शरीर में धीरे-धीरे मसल्स कम होने लगते हैं। दूसरी, मसल्स को रिपेयर करने वाली स्टेम सेल्स भी सही तरह से काम नहीं करती हैं। नतीजतन, पुरुष टेस्टोस्टेरोन के स्तर में आई कमी के कारण बहुत दुबला-पतला नजर आने लगता है।"

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5. शरीर में फैट का बढ़ना

साल 2015 में Obesity में प्रकाशित एक रिव्यू के अनुसार, अगर कोई मोटापा से ग्रस्त है, तो उनमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है। इसी तरह, अगर किसी में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में गिरावट आती है, तो उनमें मोटापा बढ़ने का जोखिम बना रहता है। असल में, टेस्टोस्टेरोन की कमी से शरीर में फैट बढ़ता है, टाइप 2 डायबिटीज और मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि टेस्टोस्टेरोन और ओबेसिटी के बीच काफी कॉम्प्लेक्स रिश्ता है।

6. बार-बार मूड में बदलाव

टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने से इसका बुरा प्रभाव पुरुषों के मूड पर भी पड़ता है। इस संबंध में डाॅ. दहिफले कहते हैं, "टेस्टोस्टेरोन में आई कमी के कारण पुरुषों में यौन इच्छा कम हो जाती है और यह इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का भी कारण बनता है। यह सब स्थिति पुरुषों में अपने परफॉरमेंस को लेकर भी चिंता खड़ी करती है। यौन संबंध न बना पाने के कारण, थकान और कमजोरी बढ़ने के कारण पुरुषों में बार-बार मूड स्विंग की दिक्कतें भी होने लगती हैं।"

7. याददाश्त में कमजोरी

टेस्टोस्टेरोन में कमी के कारण दिमागी कार्यक्षमता पर भी असर पड़ता है। साल 2022 में Reviews In Endocrine And Metabolic Disorders में प्रकाशित समीक्षा शोध पत्र के अनुसार, टेस्टोस्टेरोन में कमी और डिमेंशिया तथा अल्जाइमर जैसी बीमारियों का आपस में गहरा संबंध है। हालांकि, शोधकर्ता यह भी स्पष्ट करते हैं कि टेस्टोस्टेरोन में कमी डिमेंशिया का सीधा कारण नहीं है। ऐसी स्थिति में पुरुष टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की मदद से अपने स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।

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निष्कर्ष

टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आने के कई कारण हो सकते हैं। हालांकि इसके लक्षणों पर गौर करना आवश्यक होता है। टेस्टोस्टेरोन में कमी आने की वजह से यौन इच्छा कम हो सकती है, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए, अगर कोई ऐसी परेशानी महसूस करे, तो जरूरी है कि वे डॉक्टर से संपर्क कर अपनी जांच करवाएं।

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FAQ

  • पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर की जांच के लिए कौन से टेस्ट कराए जाते हैं?

    इसके लिए Total Testosterone या Free Testosterone ब्लड टेस्ट कराया जाता है। यह सैंपल हमेशा सुबह 7 से 10 बजे के बीच लिया जाता है, क्योंकि सुबह के समय शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सबसे ज्यादा होता है।
  • क्या बिना किसी दवा के टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ाया जा सकता है?

    अगर टेस्टोस्टेरोन में बहुत ज्यादा कमी नहीं है, तो सही डाइट और नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग तथा 7-8 घंटे की नींद की मदद से इसके स्तर में सुधार किया जा सकता है।

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 20, 2026 15:03 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jul 20, 2026 15:03 IST

    Published By : Meera Tagore
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