इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पुरुषों से संबंधित समस्या है, जिसे नपुंसकता भी कहा जाता है। इसमें पुरुषों को यौन संबंध बनाने के दौरान गुप्तांग में इरेक्शन यानी कड़ापन पाने या उसे लंबे समय तक बनाए रखने में दिक्कत आती है। हालांकि, ऐसा होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं और जरूरी नहीं है कि यह कोई स्थायी समस्या हो। हालांकि, इसका समाधान जानने के लिए इसके लक्षणों पर गौर किया जाना जरूरी है। जानें, मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से इनके बारे में।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के संकेत (Signs Of Erectile Dysfunction)
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उत्तेजना में कमी
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने पर सबसे पहले पुरुषों में गुप्तांग में तनाव या उत्तेजना की कमी महसूस होती है। यहां तक कि उनमें यौन इच्छा होने के बाद भी लिंग में कड़ापन महसूस नहीं होता है या इसे बनाए रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसा शुरुआती दिनों में तनाव के कारण होता है। तनाव की वजह से शरीर में ब्लड फ्लो कम हो जाता है, जिसका प्रभाव लिंग पर भी पड़ता है।
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इरेक्शन बनाए रखने में दिक्कतें
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह से न सिर्फ इरेक्शन में कमी आती है, बल्कि इसे बनाए रखने में भी परेशानी महसूस होती है। ऐसा आत्मविश्वास की कमी, थकान, परेशानी, स्मोकिंग, हाई बीपी जैसी स्थितियों में होता है। साल 2012 में International Journal Of Hypertension में प्रकाशित रिसर्च पेपर से पता चलता है कि जब किसी को हाई बीपी होता है, तो पूरे शरीर के साथ-साथ लिंग की ब्लड वेसल्स में भी ठीक से ब्लड फ्लो नहीं होता है। यही कारण है कि हाई बीपी के पुरुष मरीजों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दिक्कत देखी जाती है। रिसर्च में यह भी बताया गया है कि हाई बीपी में यूज होने वाली कई दवाएं भी साइड इफेक्ट के रूप में इस समस्या को बढ़ा देती हैं।
यौन इच्छा में कमी
साल 2019 में The Journal Of Sexual Medicine में प्रकाशित मेडिकल रिसर्च पेपर के अनुसार, पुरुषों में यौन संतुष्टि के लिए केवल शारीरिक रूप से सक्षम होना काफी नहीं होता है, बल्कि मानसिक स्तर पर यौन इच्छा होना भी जरूरी है। डॉ. विजय दहिफले बताते हैं, "इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का सीधा कनेक्शन टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी से हो सकता है। यह समस्या डिप्रेशन, थकान और पार्टनर्स के बीच आपसी रिश्तों में कड़वाहट के कारण हो सकती है, जो कि सेक्स इच्छा को कम कर देती है। ऐसे में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या भी देखी जा सकती है।"
कमजोर इरेक्शन
अगर कभी आप महसूस करें कि आपके लिंग में पहले की तरह इरेक्शन नहीं है यानी सॉफ्ट कड़ापन महसूस हो रहा है, तो समझ जाएं कि लिंग की नसों में सही तरह से रक्त प्रवाह नहीं हो रहा है। ऐसा कई बार धमनियों में प्लाक या ब्लॉकेज जमने के कारण होता है, जिसे मेडिकल की भाषा में एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। कमजोर इरेक्शन को आप एथेरोस्क्लेरोसिस का बहुत शुरुआती संकेत भी समझ सकते हैं।
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सुबह के समय इरेक्शन महसूस न करना
डॉ. विजय दहिफले के अनुसार, "वैसे तो कई बार बढ़ती उम्र और तनाव होने पर भी सुबह के समय इरेक्शन महसूस करने में दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन अगर अक्सर किसी के साथ यह समस्या हो रही है, तो उन्हें इस स्थिति को इग्नोर नहीं करना चाहिए। ध्यान रखें कि सुबह का इरेक्शन इस बात की ओर इशारा करता है कि आपकी नसें और नर्वस सिस्टम सही तरह से काम कर रहे हैं। वहीं, अगर अचानक इसमें कमी आने लगे, तो ऐसा डायबिटीज, कार्डियोवास्कुलर डिजीज, हाई बीपी और लो टेस्टोस्टेरोन के कारण हो सकता है। इनमें कोई भी समस्या महसूस होने पर डॉक्टर के पास जाना आवश्यक हो जाता है।"
शीघ्रपतन यानी जल्दी डिस्चार्ज होना
शीघ्रपतन को भी हम इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से जोड़कर देखते हैं। असल में 2018 में PLOS ONE नामक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण मेडिकल रिसर्च पेपर से यह पता चलता है कि शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर शीघ्रपतन और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का आपस में एक-दूसरे से बहुत गहराई से जुड़ी हुई हैं। वास्तव में ये दोनों समस्याएं शरीर की पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों और परफॉर्मेंस की चिंता से आपस में जुड़ी हुई हैं। इसलिए, कई बार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने पर शीघ्रपतन की समस्या भी होने लगती है।
परफॉर्मेंस एंग्जायटी
जब कोई लगातार अपनी परफॉर्मेंस को लेकर चिंता या तनाव में रहता है, तो यह स्थिति भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह बन सकती है। डॉ. विजय दहिफले बताते हैं कि कम उम्र के युवा पुरुषों में अपनी परफॉर्मेंस को लेकर काफी चिंता होती है। यही कारण है कि उनमें यौन संबंध बनाने के शुरुआती दिनों में शीघ्रपतन या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी दिक्कतें हो जाती हैं। हालांकि, यह कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिससे पुरुष निपट नहीं सकते हैं। जैसे-जैस अनुभव में सुधार होता है, पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या में कमी आने लगती है।
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इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का इलाज
NHS Inform के अनुसार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या क्यों हो रही है, उसी के आधार पर उसका इलाज किया जाता है। कई मामलों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन अस्थायी समस्या होती है और खुद ब खुद ठीक भी हो जाती है। ध्यान रखें कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने की मुख्य वजह धमनियों का सिकुड़ना होता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर जीवनशैली में बदलाव करने की सलाह देते हैं और वजन को कंट्रोल करने को कहते हैं। इससे हार्ट को ब्लड पंप करने में परेशानियों में कमी आती है और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या में भी राहत मिलने लगती है। कई बार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए विशेष किस्म की दवा दी जाती है, जिससे लिंग में खून का बहाव बढ़े और समस्या से राहत मिल सके। अगर जरूरी हो, तो मनोवैज्ञानिक इलाज का सहारा भी लिया जाता है, जैसे सेक्स थेरेपी आदि। इससे पुरुषों में मन का डर दूर किया जाता है, ताकि वे यौन संबंध स्थापित करने को लेकर डर और तनाव को दूर कर सकें।
निष्कर्ष
कुछ मामलों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन सामान्य समस्या होती है। पुरुष अपनी जीवनशैली, खान-पान जैसी आदतों में सुधार करके समस्या से निपट सकते हैं। हालांकि, कई बार यह चिंता का विषय होता है और इसके कारण भी गंभीर होते हैं, जैसे चोट लगना, लंबे समय से तनाव में रहना आदि। इन समस्याओं में डॉक्टर की मदद की जरूरत होती है। अगर किसी को लगे कि उनकी समस्या कई दिनों से बनी हुई है, तो उन्हें इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर से अपना ट्रीटमेंट करवाना चाहिए।
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FAQ
क्या कीगल एक्सरसाइज से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) पूरी तरह ठीक हो सकता है?
कीगल एक्सरसाइज मुख्य रूप से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करती है। हालांकि, इसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का इलाज नहीं समझना चाहिए। ऐसी समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।क्या बिना डॉक्टर की सलाह के ED की दवा ली जा सकती है?
यह बेहद खतरनाक हो सकता है। विशेष रूप से जो लोग दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह जानलेवा भी हो सकता है।
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Jul 17, 2026 15:05 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale