आमतौर पर दिल की सेहत की बात करते हैं, तो बमुश्किल ही हम सेक्शुअल हेल्थ के बारे में सोचते हैं। हालांकि, माना जाता है कि दिल की सेहत और सेक्शुअल हेल्थ आपस में गहराई तक जुड़े हुए हैं। यहां यह सवाल उठता है कि आखिर इनके बीच किस तरह का कनेक्शन? क्या हार्ट हेल्थ बिगड़ने पर सेक्शुअल हेल्थ भी बिगड़ सकती है? आइए, जानते हैं Dr. Deebanshu Gupta, Consultant Interventional Cardiologist, Sarvodaya Hospital, Jalandhar से।
स्टडी क्या कहती है?
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आपको यह जानकर हैरानी होगी, लेकिन यह सच है कि दिल की बीमारियों से पीड़ित मरीजों में यौन संबंध से जुड़ी समस्याएं होना आम बात है। AHA में प्रकाशित एक स्टडी की मानें, तो कोरोनरी आर्टरी डिजीज के मरीजों, हार्ट अटैक से उबर रहे लोगों, इंप्लांटेबल कार्डियोवेटर-डेफिब्रिलेटर लगे मरीजों और क्रॉनिक हार्ट फेलियर से जूझ रहे मरीजों में सेक्शुअल हेल्थ से जुड़ी परेशानियां देखी जाती हैं।’ रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि हार्ट फेलियर के लगभग 60 फीसदी से 90 फीसदी मरीज यौन समस्याओं (सेक्शुअल डिस्फंक्शन) का सामना करते हैं। यहां तक कि उनकी यौन सक्रियता भी कम हो जाती है।
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दिल की सेहत का सेक्शुअल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है?
ब्लड वेसल्स का संकुचित होनाः Dr. Deebanshu Gupta बताते हैं, "हार्ट के मरीजों में अक्सर ब्लड वेसल्स संकुचित हो जाती हैं। ऐसे में हार्ट को ब्लड पंप करने में काफी मेहनत लगती है, जिससे सेक्शुअल ऑर्गन तक ब्लड फ्लो सही तरह से नहीं हो पाता है। ऐसे में पुरुषों में उत्तेजना की कमी आती है, नतीजतन पुरुषों को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (लिंग में सही से तनाव न आना) जैसी समस्याएं होने लगती हैं।"
रिप्रोडक्टिव ऑर्गन में छोटे आकार की नसेंः Dr. Deebanshu Gupta के अनुसार, हार्ट के पुरुष मरीजों में सेक्शुअल समस्या इसलिए भी होती है, क्योंकि उनके रिप्रोडक्टिव ऑर्गन में खून की नलियां हार्ट के ब्लड वेसल्स की तुलना में छोटी और अधिक पतली होती हैं। दिल के मरीजों में नसों में प्लाक जम सकता है या ब्लड वेसल्स सख्त हो सकती हैं। ऐसे में ब्लड फ्लो बाधित होता है, जो कि सीधे-सीधे सेक्शुअल हेल्थ के स्तर को गिराता है।
इरेक्शन की समस्याः The Journal of Sexual Medicine के अनुसार, हार्ट हेल्थ की समस्या से जूझ रहे पुरुषों में इरेक्शन की दिक्कत भी देखने को मिलती है। दरअसल, इरेक्शन के लिए ब्लड फ्लो का सही होना बहुत जरूरी है, जबकि हार्ट की समस्या में अक्सर आर्टरीज संकुचित हो जाती हैं। यही नहीं, हार्ट के मरीजों में एंडोथेलियल डैमेज हो जाता है।
Dr. Deebanshu Gupta बताते हैं, "खून की नलियों के अंदरूनी हिस्से पर कोशिकाओं की एक बहुत पतली और चिकनी परत को एंडोथेलियम कहा जाता है। जब ये नलियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, तो इसी स्थिति को एंडोथेलियल डैमेज कहा जाता है। यह परत खास केमिकल रिलीज करती है, जिसे नाइट्रिक ऑक्साइड कहते हैं। इस केमिकल की वजह से नलियां सिकुड़ती और फैलती हैं। एंडोथेलियल डैमेज के कारण केमिकल बनना कम हो जाता है।"
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कब हो सकते हैं सेक्शुअली एक्टिव?

सीढ़ियां चढ़ने का टेस्ट लेंः AHA Journals के अनुसार, हार्ट के मरीज सेक्शुअल एक्टिविटी के लिए तैयार हैं या नहीं, यह जानने के लिए वे स्टेयर टेस्ट ले सकते हैं। इसका मतलब है कि आप नोटिस करें कि क्या तेज चलने से या दो मंजिल सीढ़ियां चढ़ने से सांस फूलती या नहीं? अगर सांस स्थिर रहती है, तो आप यौन संबंध बना सकते हैं।
डाॅक्टर की सलाहः Dr. Deebanshu Gupta के मुताबिक, हार्ट के मरीजों के लिए बहुत जरूरी है कि वे डाॅक्टर की सलाह पर ही यौन संबंध की नई शुरुआत करें। वे कंडीशन को बेहतर तरीके से समझेंगे और जानेंगे और उसी के आधार पर आपको सही सलाह देंगे। ध्यान रखें कि हार्ट अटैक जैसी कंडीशन से रिकवरी के बाद आपको सामान्य सेक्शुअली एक्टिव होने में समय लग सकता है।
धीमी शुरुआत करेंः हार्ट के मरीज जब भी सेक्शुअली एक्टिव होने की नई शुरुआत करें, तो इसकी पहल हमेशा धीमी होनी चाहिए।
यौन संबंध की शुरुआत करने से पहले बरतें जरूरी सावधानी
ट्रिगर प्वाइंट से बचेंः इसका मतलब है कि यौन संबंध की शुरुआत करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रक्रिया के दौरान आपको असहजता महसूस नहीं होगी। इसका मतलब है कि सेक्शुअल एक्टिविटी से ठीक पहले हैवी मील न लें और न ही कमरे का तापमान बहुत ज्यादा ठंडा रखें।
शराब से दूर रहेंः हार्ट के कई ऐसे मरीज हैं, जो खराब स्वास्थ्य के बावजूद शराब का सेवन करते हैं। सेक्शुअली एक्टिव होना चाहते हैं, तो शराब से पूरी तरह दूरी बना लें। शराब के कारण हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
समय पर दवा लेंः हार्ट के मरीजों के लिए बहुत जरूरी है कि वे समय से दवा लें, ताकि उनका स्वास्थ्य सही रहे। हार्ट सही तरह से ब्लड पंप करे। इस तरह, यौन संबंध बनाने के दौरान परेशानियां भी कम आती हैं।
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निष्कर्ष
Dr. Deebanshu Gupta कहते हैं, "अगर किसी को हार्ट से जुड़ी गंभीर समस्या है या किसी हार्ट अटैक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा है, तो संभवतः सेक्शुअली हेल्थ भी प्रभावित होती है। अगर हार्ट के मरीज सेक्शुअली एक्टिव होना चाहते हैं, तो इसके लिए बहुत जरूरी है कि आप सबसे पहले डाॅक्टर से मिलें और उनकी सलाह पर ही यौन संबंध की शुरुआत करें।"
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FAQ
क्या हार्ट के मरीज इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं ले सकते हैं?
दवाओं से जुड़ी कोई भी जानकारी लेने के लिए आप सीधे डॉक्टर से बात करें। वैसे, हार्ट के मरीजों को ये दवाएं बिना कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह के कभी नहीं लेनी चाहिए।क्या हाई ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं भी पुरुषों में यौन इच्छा के स्तर में कमी सकता है?
हां, बीपी को कंट्रोल करने वाली कुछ दवाएं रक्त प्रवाह को धीमा कर सकती हैं, जिससे लिबिडो में कमी आती है।
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Aug 03, 2026 19:44 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Deebanshu Gupta