आमतौर पर लोग मानते हैं कि स्मोकिंग करने से फेफड़ों, हार्ट और शरीर के दूसरे अंगों को नुकसान हो सकता है, लेकिन लोग इस बात को नहीं समझ पाते कि स्मोकिंग का असर उनकी सेक्शुअल लाइफ पर भी पड़ सकता है। इस बारे में हमने Dr. Vineet Malhotra, Sexologist and Head of Urology, VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि सिगरेट में मौजूद निकोटीन शरीर के ब्लड सर्कुलेशन, हार्मोन और एनर्जी के लेवल को प्रभावित करता है, जिसका सीधा असर सेक्शुअल हेल्थ पर दिखाई देता है। स्मोकिंग छोड़ना सिर्फ शरीर को बीमारियों से बचाने का तरीका नहीं है, बल्कि इससे व्यक्ति की सेक्शुअल लाइफ और फर्टिलिटी पर भी पॉजिटिव असर पड़ सकता है।
स्मोकिंग छोड़ने का सेक्शुअल लाइफ पर असर
Dr. Vineet Malhtra ने बताया कि स्मोकिंग करने से निकोटिन शरीर में जाता है, जो हार्मोनल असंतुलन कर सकता है और महिलाओं में अंडों की क्वालिटी को प्रभावित कर सकता है। स्मोकिंग छोड़ने पर शरीर में कई तरह के पॉजिटिव बदलाव होते हैं, जो सेक्शुअल लाइफ और फर्टिलिटी पर असर डाल सकते हैं।”
स्मोकिंग छोड़ने पर सेक्शुअल परफॉर्मेंस का बेहतर होना
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “सिगरेट में मौजूद निकोटीन की वजह से धमनियां सिकुड़ जाती है, जिससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पर्याप्त मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता। पुरुषों में यही समस्या कई बार इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण बन सकती है। जब कोई व्यक्ति धूम्रपान छोड़ देता है, तो कुछ ही हफ्तों में शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर होने लगता है। इससे पुरुषों में इरेक्शन से जुड़ी समस्याओं में सुधार देखा जा सकता है और सेक्शुअल परफॉर्मेंस भी बेहतर हो सकती है।”

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स्टैमिना और एनर्जी में सुधार
Dr. Vineet Malhotra के अनुसार, “धूम्रपान करने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ जाती है। यही वजह है कि स्मोकर्स जल्दी थकान महसूस करते हैं। जब वे सिगरेट पीना छोड़ देते हैं, तो फेफड़ों की कार्यक्षमता धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। इस वजह से शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलने लगती है और व्यक्ति खुद को ज्यादा एक्टिव महसूस करता है।”
हार्मोनल बैलेंस होना
Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “निकोटीन शरीर के हार्मोनल बैलेंस पर असर डालता है। यह पुरुषों टेस्टोस्टेरोन के लेवर को कम कर सकता है, जिससे फिजिकल इंटेमेसी की इच्छा कम होने लगती है। वहीं महिलाओं में स्मोकिंग के कारण एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल प्रभावित हो सकता है। इस वजह से वजाइनल ड्राइनेस और सेक्स के दौरान असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जब लोग स्मोकिंग छोड़ते हैं, तो हार्मोनल संतुलन में सुधार होने से कामेच्छा भी बेहतर हो सकती है।”
फर्टिलिटी पर असर
Dr. Vineet Malhotra ने कहा, “अगर कोई फैमिली प्लानिंग कर रहा है, तो स्मोकिंग छोड़ना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे पुरुषों में स्पर्म काउंट और स्पर्म क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। वहीं महिलाओं में यह अंडों की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है। स्मोकिंग छोड़ने से प्रजनन क्षमता में सुधार की संभावना बढ़ जाती है और प्रेग्नेंसी की संभावना बेहतर हो सकती है।”
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सांस की बदबू कम होना
Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि स्मोकिंग का असर सिर्फ शरीर के अंदरूनी भागों में ही नहीं होता, बल्कि इससे मुंह में बदबू भी बढ़ जाती है। सिगरेट की गंध के कारण कई बार पार्टनर के लिए असहजता पैदा कर सकती है। सिगरेट छोड़ने के बाद सांसों की दुर्गंध कम होने लगती है और सूंघने व स्वाद महसूस करने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।”
निष्कर्ष
Dr. Vineet Malhotra मानते हैं कि स्मोकिंग छोड़ना शुरुआत में मुश्किल हो सकता है, क्योंकि निकोटीन विद्ड्रॉल की वजह से चिड़चिड़ापन, स्ट्रेस और बेचैनी महसूस हो सकती है। लेकिन धीरे-धीरे शरीर तंबाकू के प्रभाव से बाहर आने लगता है और शरीर पर कई पॉजिटिव बदलाव दिखाई देने लगते हैं।
FAQ
क्या वेपिंग या हुक्का पीना सिगरेट जितना ही नुकसानदेह है?
कई लोग सोचते हैं कि वेप या फ्लेवर्ड हुक्का पीने से सेक्शुअल लाइफ पर असर नहीं पड़ता, लेकिन सच्चाई यह है कि वेप में भी भारी मात्रा में निकोटीन होता है। निकोटीन का काम ही नसों को सिकोड़ना है। इसलिए वेपिंग करने वाले युवाओं में भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और लो-स्टैमिना की गंभीर शिकायत हो सकती है।क्या निकोटीन पैच या गम (NRT) का उपयोग करने से भी सेक्शुअल परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है?
निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (जैसे चुइंगम या पैच) में तंबाकू का धुआं और कार्सिनोजेन्स नहीं होते, जो फेफड़ों के लिए अच्छे हैं। लेकिन चूंकि इनमें निकोटीन होता है, इसलिए शुरुआत में यह आपके ब्लड फ्लो को थोड़ा प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यह सिगरेट जितनी खतरनाक नहीं है और इसका उपयोग केवल स्मोकिंग छोड़ने के ट्रांजिशन पीरियड में ही करना चाहिए।
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Current Version
May 25, 2026 19:26 IST
Modified By : Aneesh Rawat May 25, 2026 19:26 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra