दुनिया भर में डायबिटीज की समस्या तेजी से बढ़ रही है और भारत में तो यह बीमारी महामारी की तरह फैल रही है। खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी डाइट डायबिटीज की बीमारी को और अधिक गंभीर कर रही है। अगर आंकड़ों की बात करें, तो International Diabetes Federation (IDF) के अनुसार, भारत में साल 2024 में 94 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित थे। इसमें पुरुषों की संख्या भी काफी ज्यादा है। जिन लोगों को लंबे समय से डायबिटीज की समस्या होती है और ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं रहता, उन्हें किडनी, आंखों और हार्ट की समस्याएं हो सकती हैं। पुरुषों में इन समस्याओं के अलावा, डायबिटीज के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या भी हो सकती है। पुरुषों में डायबिटीज के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कैसे होता है? यह जानने के लिए हमने Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology at VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक अनियंत्रित रहती है, तो पुरुषों की यौन क्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसमें इरेक्टाइल डिस्फंक्शन भी शामिल है।
डायबिटीज के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने का रिस्क
Diabetes Metabolism Research and Reviews में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन डायबिटीज से पीड़ित पुरुषों में सबसे आम यौन रोग माना गया है। डायबिटीज से पीड़ित पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) होने की संभावना, डायबिटीज न होने वाले पुरुषों के मुकाबले लगभग 3.5 गुना ज्यादा होती है। हर साल प्रति 1,000 पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (स्तंभन दोष) के लगभग 25 से 30 नए मामले सामने आते हैं। करीब 20% से 30% वयस्क पुरुषों में कम से कम एक यौन रोग जरूर पाया जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बढ़ा हुआ शुगर लेवल पेनिस तक जाने वाली नसों और ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे वहां ब्लड फ्लो ठीक से नहीं हो पाता।
इस बारे में Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “आमतौर पर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या 60 साल की उम्र के बाद देखने को ज्यादा मिलती है, लेकिन अब यह समस्या 40 से 45 साल की उम्र में भी शुरू हो सकती है। दरअसल, इरेक्शन का प्रोसेस नसों, ब्लड वेसल्स, हार्मोन और मेंटल हेल्थ की स्थिति के बेहतर तालमेल पर निर्भर करता है, लेकिन जब लंबे समय तक ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं रहती, तो यह पूरा सिस्टम प्रभावित होने लगता है। इसके कई कारण हो सकते हैं।”
ब्लड वेसल्स को नुकसान
Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “इरेक्शन के लिए पेनिस तक पर्याप्त मात्रा में ब्लड पहुंचना जरूरी होता है। हाई ब्लड शुगर, ब्लड वेसल्स को संकरा और सख्त बना देती है। इसके साथ ही शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाना कम कर देता है, जिससे ब्लड वेसल्स ठीक से फैल नहीं पाते।”

नसों की कमजोरी
Dr. Vineet Malhotra ने कहा कि डायबिटीज के कारण होने वाली डायबिटिक न्यूरोपैथी नसों को नुकसान पहुंचाती है। जब पेनिस तक जाने वाली नसों पर असर पड़ने लगता है, तो दिमाग से मिलने वाले यौन इच्छा के संकेत सही तरीके से नहीं पहुंचते। इससे इरेक्शन को बनाए रखने में मुश्किल होती है।
टेस्टोस्टेरोन में कमी
Dr. Vineet Malhotra ने कहा, “कई मरीजों में डायबिटीज के साथ टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल भी कम हो जाता है। यह हार्मोन पुरुषों के इरेक्शन के लिए जरूरी माना जाता है। इसकी कमी से सेक्स ड्राइव भी घट सकती है।”
मेंटल हेल्थ पर असर
Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन सिर्फ फिजिकल समस्या नहीं है, बल्कि इससे पुरुषों में स्ट्रेस और डिप्रेशन भी हो सकता है। इसका असर मैरिज पर भी पड़ सकता है और पुरुष संकोच के कारण डॉक्टर से सलाह लेने से हिचकिचाते हैं और इससे समस्या और बढ़ जाती है।
निष्कर्ष
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं कि अगर डायबिटीज रोगियों को इरेक्शन आने में दिक्कत हो, अगर इरेक्शन लंबे समय तक टिक न पाए, यौन इच्छा की कमी और लगातार बढ़ती ब्लड शुगर के साथ यौन क्षमता कम होने लगे, तो डॉक्टर से जरूर मिलें। अगर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हो, तो शर्म या संकोच नहीं करना चाहिए, बल्कि सही इलाज और बेहतर लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
FAQ
क्या डायबिटीज की दवाएं भी इस समस्या को बढ़ा सकती हैं?
डायबिटीज के साथ अक्सर मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर या डिप्रेशन की समस्या भी होती है। बीपी को नियंत्रित करने वाली कुछ दवाएं और एंटी-डिप्रेशन की दवाएं भी साइड इफेक्ट के रूप में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को बढ़ा सकती हैं। अपनी दवाएं खुद बंद न करें, इस बारे में डॉक्टर से बात करें।इरेक्टाइल डिस्फंक्शन समस्या के मानसिक पहलू क्या हैं?
डायबिटीज एक क्रोनिक बीमारी है जो मरीज को मानसिक तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन दे सकती है। परफॉर्मेंस को लेकर होने वाला तनाव शारीरिक समस्या से ज्यादा मानसिक परेशानी को और अधिक गंभीर बना देता है, जिससे एक परफॉर्मेंस फोबिया पैदा हो जाता है।
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Jun 29, 2026 16:17 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jun 29, 2026 16:17 IST
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Modified By : Aneesh RawatJun 29, 2026 16:17 IST
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Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra