Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineet Malhotra , Consultant Urologist, Andrologist & Microsurgeon

मोटापा कैसे बढ़ा सकता है एजुस्पर्मिया (जीरो स्पर्म) का खतरा? डॉक्टर से जानें

पुरुषों में मोटापा होना सिर्फ शरीर से जुड़ी बीमारियों का कारण ही नहीं बनता, बल्कि इससे इनफर्टिलिटी की भी समस्या हो सकती है। इनफर्टिलिटी से जुड़ी इस समस्या को एजोस्पर्मिया कहते हैं और इस लेख में डॉक्टर ने पुरुषों की इस समस्या को विस्तार से बताया है।

पुरुषों के बढ़ते वजन के कारण न सिर्फ हार्ट, किडनी और डायबिटीज की समस्या हो सकती है, बल्कि इससे पुरुषों को इनफर्टिलिटी की परेशानी होने का रिस्क बढ़ सकता है। जिन पुरुषों का पेट के आसपास फैट जरूरत से ज्यादा जमा होने लगता है, उन्हें एजोस्पर्मिया जैसी गंभीर कंडीशन का रिस्क बढ़ा सकती है। एजोस्पर्मिया पुरुषों में बांझपन का प्रमुख कारण हो माना जाता है। इस बारे में हमने Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology at VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि मोटापे के कारण पुरुषों में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं और ये बदलाव स्पर्म की प्रोडक्शन और क्वालिटी दोनों पर ही असर डाल सकते हैं।

मोटापा कैसे एजोस्पर्मिया का रिस्क बढ़ाता है?

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “एजोस्पर्मिया में पुरुषों के वीर्य में स्पर्म नहीं होते और पुरुषों में बांझपन का सबसे कारण हो सकता है। आमतौर पर इस समस्या में पुरुषों का अंडकोष पर्याप्त मात्रा में स्पर्म नहीं बना पाता या फिर स्पर्म तो बनते हैं, लेकिन रुकावट के कारण वीर्य तक नहीं पहुंच पाते। इसमें मोटापा सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर हो सकता है, जो पुरुषों के स्पर्म पर असर डाल सकता है।”

मोटापे से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ना

Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “मोटापे के कारण पुरुषों में मौजूद अतिरिक्त फैट टिश्यू खास एंजाइम की मदद से टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजन में बदलने लगते हैं। जब पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होने लगता है और एस्ट्रोजन बढ़ जाता है। कम टेस्टोस्टेरोन न सिर्फ सेक्शुअल लाइफ पर असर डालते हैं, बल्कि स्पर्म की संख्या, उनकी क्वलिटी और गतिशीलता को भी कम कर सकते हैं।”

azoospermia

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मोटापे से अंडकोष का तापमान बढ़ना

Dr. Vineet Malhotra का कहना है, “आमतौर पर स्पर्म बनाने के लिए अंडकोष को शरीर के नार्मल तापमान से थोड़ा कम तापमान चाहिए होता है। मोटापे की वजह से पेट और जांघों के आसपास एक्स्ट्रा फैट जमा हो जाता है और इस वजह से अंडकोष का तापमान बढ़ सकता है। अगर लंबे समय तक अंडकोष का तापमान बढ़ा रहता है, तो स्पर्म बनाने वाले सेल्स को नुकसान पहुंच सकता है। कुछ मामलों में तो नुकसान इतना ज्यादा हो सकता है कि स्पर्म बनना बिल्कुल बंद हो सकता है और इस कंडीशन को एजोस्पर्मिया कहा जाता है।”

इनफर्टिलिटी का कारण सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “मोटापा शरीर में लगातार क्रोनिक इंफ्लेमेशन को बढ़ावा देता है। इसके साथ ही ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बढ़ जाता है, जिसमें शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है। ये स्पर्म बनाने वाली कोशिकाओं और उनके डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे स्पर्म प्रोडक्शन पर नेगेटिव असर पड़ सकता है।”

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निष्कर्ष
Dr. Vineet Malhotra पुरुषों को सलाह देते हैं कि मोटापा सिर्फ शरीर का वजन ही नहीं बढ़ाता, बल्कि सेक्सुअल लाइफ और फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है। हार्मोनल असंतुलन, अंडकोष का तापमान, सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस जैसे कई कारण एजोस्पर्मिया के रिस्क बढ़ा सकते हैं।

FAQ

  •  क्या मोटापे से पीड़ित पुरुषों में 'इरेक्टाइल डिस्फंक्शन' (Erectile Dysfunction) का खतरा भी अधिक होता है?

    मोटापे के कारण खून की धमनियों में ब्लॉकेज होने लगता है और अंगों तक रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है। इसके कारण पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और सेक्स की इच्छा में कमी की समस्या बहुत आम हो जाती है।
  • मोटापा किस तरह पुरुषों में स्पर्म काउंट को जीरो कर सकता है?

    मोटापे के कारण शरीर में जमा अतिरिक्त फैट पुरुषों के मुख्य हार्मोन टेस्टोस्टेरोन को महिला हार्मोन एस्ट्रोजन में बदलने लगती है। टेस्टोस्टेरोन की भारी कमी के कारण मस्तिष्क अंडकोष को स्पर्म बनाने का सिग्नल देना बंद कर देता है, जिससे स्पर्म काउंट जीरो हो सकता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 08, 2026 19:17 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Jun 08, 2026 19:17 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineet Malhotra

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