Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineet Malhotra , Consultant Urologist, Andrologist & Microsurgeon

क्या 30 की उम्र के बाद पुरुषों की फर्टिलिटी कम होने लगती है? जानें स्टडी और डॉक्टर की राय

पुरुषों की फर्टिलिटी को लेकर अक्सर कम ही बात होती है, लेकिन 30 की उम्र के बाद पुरुषों की फर्टिलिटी भी कम होने लगती है। इसका कारण स्पर्म की क्वालिटी खराब होना, लाइफस्टाइल में बदलाव और स्पर्म में जेनेटिकल बदलाव हो सकते हैं। इस बारे में स्टडीज और डॉक्टर की राय को इस लेख में विस्तार से बताया गया है।  

आमतौर पर उम्र और फर्टिलिटी को महिलाओं से जोड़कर ही देखा जाता है, क्योंकि माना जाता है कि एक उम्र के बाद महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी मुश्किल हो सकती है। लोगों को लगता है कि ऐसा पुरुषों के साथ नहीं होता और वे किसी भी उम्र में पिता बन सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होता। 30 की उम्र के बाद पुरुषों की फर्टिलिटी पर भी असर पड़ सकता है। इस बारे में हमने Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology, VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि पुरुषों में 30 साल की उम्र के बाद फर्टिलिटी अचानक कम नहीं होती, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ स्पर्म की क्वालिटी में धीरे-धीरे बदलाव आने लगते हैं। इसी कारण आजकल जब लोग फैमिली प्लानिंग करते हैं, तो महिला और पुरुष, दोनों की ही उम्र पर ध्यान दिया जाता है।

30 की उम्र के बाद पुरुषों में फर्टिलिटी कम होने के कारण

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “ऐसा भी नहीं है कि 30 की उम्र के बाद भी पुरुष पिता बनने में सक्षम होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे स्पर्म की क्वालिटी में बदलाव आने लगता है। हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि 30 की उम्र के बाद पुरुषों में बिल्कुल ही फर्टिलिटी कम हो जाती है, लेकिन प्रेग्नेंसी में पहले के मुकाबले थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं।”

स्पर्म पर असर

Ageing Research Reviews में प्रकाशित 90 स्टडीज और करीब 94 हजार पुरुषों पर आधारित एक बड़े विश्लेषण में पाया गया कि उम्र बढ़ने के साथ सीमन और स्पर्म में कई महत्वपूर्ण बदलाव आने लगते हैं। इस स्टडी में पाया गया कि उम्र बढ़ने पर सीमन की कुल मात्रा कम हो सकती है। स्पर्म की कुल संख्या घट सकती है। स्पर्म की गति पहले जैसी नहीन रहती और स्पर्म की अंडे तक पहुंचने की क्षमता में कमी आ सकती है। इसके अलावा, सामान्य आकार वाले सेहतमंद स्पर्म का प्रतिशत कम हो सकता है। हालांकि, एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई कि प्रति मिलीलीटर सीमन में स्पर्म की कंस्नट्रेशन हर पुरुष में उम्र के साथ कम होना जरूरी नहीं है। इसका मतलब है कि सिर्फ स्पर्म काउंट देखकर फर्टिलिटी का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

fertility in men

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ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होना

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “उम्र बढ़ने के साथ शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ने लगात है। दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा बढ़ने लगती है, जो स्पर्म की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे स्पर्म की गति कम हो सकती है और डीएनए पर भी असर पड़ सकता है।”

स्पर्म के डीएनए को नुकसान होना

Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ स्पर्म के डीएनए में छोटे-छोटे नुकसान होने की संभावना बढ़ सकती है, जिसे डीएनए फ्रेग्मेंटेशन कहा जाता है। अगर स्पर्म का डीएनए प्रभावित होता है, तो इस वजह से प्रेग्नेंसी में देरी हो सकती है।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पर असर

Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर भी कम हो सकात है। हालांकि, यह बदलाव बहुत धीमा होता है, लेकिन इस वजह से कुछ पुरुषों में इसका असर यौन इच्छा, एनर्जी और स्पर्म प्रोडक्शन पर भी दिखाई दे सकता है। अगर किसी पुरुष को लंबे समय तक थकान, सेक्स ड्राइव में कमी या गर्भधारण में दिक्कत जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, तो सिर्फ उम्र का असर मानकर नजरअंदाज न करें, बल्कि डॉक्टर को जरूर दिखाएं।”

लाइफस्टाइल में बदलाव

Dr. Vineet Malhotra के अनुसार, कई बार उम्र के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव भी फर्टिलिटी पर असर डाल सकते हैं। अगर कोई पुरुष स्मोकिंग करता है, बहुत ज्यादा शराब पीता है, मोटापे से पीड़ित है, डायबिटीज या हाई बीपी का मरीज है, तो इन सभी का असर स्पर्म क्वालिटी पर पड़ सकता है। इसके अलावा, प्रदूषण, कीटनाशक और केमिकल्स के कारण पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है।

जेनेटिक कारण

Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “उम बढ़ने के साथ-साथ जेनेटिक बदलाव होने लगते हैं। इससे स्पर्म बनाने वाली कोशिकाओं में छोटे-छोटे बदलाव होने लगते हैं। हालांकि, इसका कतई मतलब नहीं है कि हर पुरुष में यह समस्या होगी, लेकिन रिस्क धीरे-धीरे बढ़ सकता है। इसलिए अगर उम्र बढ़ने के साथ-साथ प्रेग्नेंसी में दिक्कत आ रही हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।

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फर्टिलिटी को बेहतर रखने के उपाय

Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि पुरुष अपनी फर्टिलिटी को बेहतर रखने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने चाहिए।

  1. रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट कसरत करनी चाहिए।
  2. वजन कंट्रोल करना जरूरी है।
  3. पेट के आसपास फैट को कंट्रोल करना जरूरी है।
  4. स्मोकिंग और तंबाकू पूरी तरह से छोड़ देना चाहिए।
  5. शराब पीना बंद कर देना चाहिए।
  6. रोजाना सात से आठ अच्छी नींद लेनी चाहिए।
  7. स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन या योग करना चाहिए।
  8. मौसमी फल और सब्जियां डाइट में शामिल करनी चाहिए।
  9. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।

निष्कर्ष
Dr.Vineet Malhotra कहते हैं कि 30 साल की उम्र पार करते ही पुरुषों की फर्टिलिटी अचानक कम नहीं होती, लेकिन लाइफस्टाइल, स्पर्म में हो रहे बदलावों के कारण फर्टिलिटी में कमी आ सकती है। अगर किसी कपल को एक साल तक रेगुलर असुरक्षित संबंध बनाने के बावजूद महिला प्रेग्नेंट नहीं हो रही, तो पुरुषों को फर्टिलिटी जरूर चेक कराना चाहिए। इसके लिए सीमन एनालिसिस कराना चाहिए, ताकि स्पर्म काउंट, स्पर्म की गति और उनकी बनावट को चेक किया जाता है। इसके अलावा, पुरुषों को अपनी रोजाना की आदतों में बदलाव करना चाहिए।

FAQ

  • क्या मोबाइल फोन की रेडिएशन और लैपटॉप का इस्तेमाल 30 के बाद स्पर्म को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है?

    30 की उम्र के बाद शरीर की प्राकृतिक रूप से कोशिकाओं को ठीक करने की क्षमता थोड़ी धीमी हो जाती है। ऐसे में अगर पुरुष पैंट की जेब में लगातार मोबाइल रखते हैं या जांघों पर लैपटॉप रखकर घंटों काम करते हैं, तो उससे निकलने वाली हीट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन अंडकोष के तापमान को बढ़ा देती है। यह बढ़ी हुई गर्मी स्पर्म के प्रोडक्शन को सीधे तौर पर डैमेज करती है।
  • क्या सप्लीमेंट्स या जिम के प्रोटीन पाउडर पुरुषों की फर्टिलिटी खराब कर सकते हैं?

    जिम जाने वाले कई पुरुष अनजाने में मांसपेशियों को जल्दी बढ़ाने के लिए एनाबॉलिक स्टेरॉयड या असुरक्षित सप्लीमेंट्स का सेवन कर लेते हैं। ये स्टेरॉयड बाहर से टेस्टोस्टेरोन देकर शरीर के अपने प्राकृतिक हार्मोन सिस्टम को पूरी तरह ठप कर देते हैं। इसके कारण अंडकोष सिकुड़ सकते हैं और स्पर्म काउंट घटकर शून्य तक पहुंच सकता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 08, 2026 18:35 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Jul 08, 2026 18:35 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineet Malhotra

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