Wed Oct 7, 2026 | 12:00 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineet Malhotra , Consultant Urologist, Andrologist & Microsurgeon

पुरुषों में इनफर्टिलिटी के हैं ये 5 शुरुआती संकेत, डॉक्टर से जानें ज्यादातर लोग क्यों कर देते हैं नजरअंदाज

पुरुषों में इनफर्टिलिटी होने के संकेत पहचानना जरूरी है ताकि इनफर्टिलिटी की समस्या का समय पर इलाज किया जा सके। इस लेख में डॉक्टर ने इरेक्शन, अंडकोष में सूजन जैसे पांच ऐसे लक्षण बताए हैं, जिसे जानना महत्वपूर्ण है। 
पुरुषों में इनफर्टिलिटी के हैं ये 5 शुरुआती संकेत, डॉक्टर से जानें ज्यादातर लोग क्यों कर देते हैं नजरअंदाजपुरुषों में इनफर्टिलिटी के हैं ये 5 शुरुआती संकेत, डॉक्टर से जानें ज्यादातर लोग क्यों कर देते हैं नजरअंदाज

पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है और इसकी वजह आमतौर पर खराब लाइफस्टाइल, स्ट्रेस, स्मोकिंग, शराब, मोटापा और नींद की कमी बन रहे हैं। अक्सर लोग यह मानते हैं कि पुरुषों में इनफर्टिलिटी का पता तभी चलता है, जब लंबे समय तक कोशिश के बाद भी बच्चा नहीं होता, लेकिन शरीर कई बार पहले से संकेत देना शुरू कर देता है। इस बारे में हमने Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology at VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि आमतौर पर पुरुष इनफर्टिलिटी से जुड़े लक्षणों को सामान्य कमजोरी या थकान समझकर इग्नोर कर देते हैं। अगर शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो सही इलाज और लाइफस्टाइल बदलाव से स्थिति में काफी सुधार किया जा सकता है।

पुरुषों में इनफर्टिलिटी की पहचान करने वाले पांच संकेत

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं कि भारतीय समाज में पुरुष इनफर्टिलिटी को लेकर बात करने में शर्म महसूस करते हैं और इस वजह से ये शुरुआती संकेत आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन जाते हैं।

सेक्स ड्राइव में कमी और इरेक्शन की समस्या

Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “पुरुषों में इनफर्टिलिटी का सबसे शुरुआती संकेत यौन इच्छा में कमी हो सकती है। अगर किसी पुरुष को बार-बार इरेक्शन बनाए रखने में दिक्कत हो रही है या सेक्स ड्राइव पहले की तुलना में कम महसूस हो रही है, तो इसे केवल तनाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई मामलों में यह टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी, ब्लड सर्कुलेशन की समस्या या स्पर्म प्रोडक्शन में कमी होने का संकेत हो सकता है। हार्मोनल अंसतुलन पुरुषों की इनफर्टिलिटी पर सीधा असर डालता है।”

infertility in meninfertility in men

यह भी पढ़ें- स्मोकिंग पूरी तरह छोड़ने पर सेक्शुअल लाइफ कैसे बदल सकती है, बता रहे हैं डॉक्टर

अंडकोष में दर्द, सूजन या भारीपन

Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि अगर अंडकोष में लगातार भारीपन, हल्का दर्द या सूजन महसूस हो रही है, तो यह भी इनफर्टिलिटी का संकेत हो सकता है। अगर किसी पुरुष को अंडकोष के आसपास असामान्य गर्माहट महसूस हो रही हो, तो यह वैरिकोसील की समस्या हो सकती है। इसमें अंडकोष की नसें फैलने लगती है और स्पर्म की क्वालिटी और संख्या प्रभावित होने लगती है। अगर समय पर यह समस्या पता चल जाए, तो इसका इलाज हो सकता है।

हार्मोनल बदलाव होना

Dr. Vineet Malhotra का कहना है, “पुरुषों के चेहरे या शरीर के बाल कम होना, मसल्स कमजोर पड़ना, लगातार थकान महसूस होना या छाती के आसपास फैट बढ़ना हार्मोनल अंसुतलन का कारण हो सकता है। अक्सर लोग इसे बढ़ती उम्र या फिटनेस की कमी मान लेते हैं, लेकिन इसका कारण टेस्टोस्टेरोन का कम होना हो सकता है। हार्मोनल बदलाव स्पर्म काउंट और उनकी गतिशीलता दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।”

बार-बार इंफेक्शन या पेशाब से जुड़ी परेशानी

Dr. Vineet Malhotra के अनुसार, “अगर किसी पुरुष को बार-बार यूरिन इंफेक्शन, पेशाब में जलन, जननांग में इंफेक्शन या वीर्य के दौरान दर्द महसूस होता है, तो यह भी गंभीर संकेत हो सकता है। अगर इंफेक्शन लंबे समय तक रहे, तो इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है। इससे स्पर्म क्वालिटी में भी असर पड़ सकता है। इसलिए ऐसी समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज करना सही नहीं है।”

लंबे समय तक प्रेग्नेंसी न होना

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “प्रेग्नेंसी को हमेशा महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अगर एक सेहतमंद कपल की लगातार कोशिश के बावजूद एक साल तक प्रेग्नेंसी नहीं हुई, तो पुरुषों की जांच भी जरूरी हो जाती है। आजकल करीब 40 से 50 प्रतिशत मामलों में पुरुषों में इनफर्टिलिटी देखी जा रही है। इनफर्टिलिटी को चेक करने के लिए स्पर्म एनालिसिस, हार्मोन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड का इस्तेमाल किया जा सकता है।”

यह भी पढ़ें-  स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल बन सकता है पुरुषों में इनफर्टिलिटी का कारण, इस तरह छोड़ें ये बुरी आदत

निष्कर्ष

Dr. Vineet Malhotra सलाह देते हैं कि इनफर्टिलिटी कोई कमजोरी या शर्म की बात नहीं है। यह एक मेडिकल कंडीशन है, जिसके बारे में समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इसके अलावा, बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, शराब और स्मोक से दूरी, स्ट्रेस कम लेने और पर्याप्त नींद लेने से भी इनफर्टिलिटी को कम किया जा सकता है।

FAQ

  • क्या बहुत ज्यादा टाइट अंडरवियर पहनने या लैपटॉप को जांघों पर रखने से स्पर्म काउंट कम होता है?

    यह कोई मिथक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य है। बहुत ज्यादा टाइट जींस या अंडरवियर पहनने, लगातार गर्म पानी के टब में नहाने या चालू लैपटॉप को घंटों अपनी जांघों पर रखने से अंडकोष का तापमान खतरनाक रूप से बढ़ जाता है। यह बढ़ा हुआ तापमान सीधे तौर पर स्पर्म प्रोडक्शन कम कर देता है।
  • वेरिकोसेल क्या है और यह पुरुषों को कैसे बांझ बनाता है?

    वेरिकोसेल का मतलब है अंडकोष की थैलियों के अंदर की नसों का असामान्य रूप से सूजन आना। नसों में सूजन से अंडकोष का तापमान बढ़ जाता है। तापमान बढ़ते ही स्पर्म कम होने लगते हैं, जिससे इनफर्टिलिटी होती है।

Read Next

→ पुरुषों की हेल्थ के लिए जरूरी है टेस्टोस्टेरोन हार्मोन, डॉक्टर से जानें इसे नेचुरली बढ़ाने के उपाय

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 29, 2026 17:49 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • May 29, 2026 17:49 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineet Malhotra