डायबिटीज को अक्सर लोग केवल ब्लड शुगर बढ़ने वाली बीमारी मानते हैं, लेकिन इसका प्रभाव शरीर के बाकी हिस्सों पर पड़ सकता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर का लेवल कंट्रोल न रहने पर यह शरीर के मेटाबॉलिज्म, हार्मोनल संतुलन और अन्य अंगों के फंक्शन को प्रभावित कर सकता है। आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि डायबिटीज से जुड़ी समस्याओं में हार्ट, किडनी, आंखों और नसों की समस्याएं तो आम हैं, लेकिन इसका संबंध डाइजेस्टिव सिस्टम और गॉल ब्लैडर यानी पित्ताशय की सेहत से भी देखा जाता है।
डायबिटीज और पित्ताशय की बीमारी का कनेक्शन
डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं, ''डायबिटीज में शरीर के मेटाबॉलिज्म में कई बदलाव आते हैं। इंसुलिन रेजिस्टेंस और बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर में फैट के इस्तेमाल और स्टोरेज को प्रभावित कर सकता है। कई डायबिटीज मरीजों में मोटापा या पेट के आसपास ज्यादा फैट जमा होने की समस्या भी देखी जाती है, जो पित्त की पथरी बनने के जोखिम को बढ़ा सकती है। पित्त की पथरी अक्सर तब बनती है जब पित्ताशय में मौजूद पित्त में कोलेस्ट्रॉल या अन्य पदार्थों का बैलेंस बिगड़ जाता है। डायबिटीज और उससे जुड़ी मेटाबॉलिक समस्याएं इस प्रोसेस को प्रभावित कर सकती हैं।''
- डायबिटीज से जुड़े कुछ कारण पित्ताशय के फंक्शन को प्रभावित कर सकते हैं। लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन बढ़ सकती है और नसों का फंक्शन प्रभावित हो सकता है।
- कुछ मामलों में यह गॉल ब्लैडर यानी पित्ताशय की सामान्य एक्टिविटी को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे पित्त लंबे समय तक जमा रह सकता है और पथरी बनने की संभावना बढ़ सकती है।
- इसके अलावा, डायबिटीज से पीड़ित कई लोगों में वजन बढ़ना, कम फिजिकल एक्टिविटी और अनहेल्दी डाइट जैसी समस्याएं भी आम होती हैं, जो पित्ताशय की डिजीज के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
साल 2023 में Gastroenterology Review में प्रकाशित पेपर से पता चलता है कि डायबिटीज और पित्त की पथरी होने के बीच एक गहरा कनेक्शन है। आसान शब्दों में कहें तो जिन लोगों को डायबिटीज है, उनमें पित्त की पथरी होने का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा, रिसर्च में एक और अहम बात सामने आई है कि जो डायबिटीज मरीज इंसुलिन थेरेपी यानी इंसुलिन के इंजेक्शन या दवाएं ले रहे हैं, उनमें इंसुलिन न लेने वाले मरीजों की तुलना में पित्त की पथरी होने की संभावना काफी ज्यादा देखी गई।
हालांकि, यह पूरी तरह साफ नहीं है कि ऐसा क्यों होता है। इसलिए, यह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है कि इंसुलिन थेरेपी की इसमें क्या भूमिका है, मरीज कितने समय से इंसुलिन ले रहा है और इंसुलिन की कितनी मात्रा दी जा रही है। इन बातों का पथरी बनने की प्रोसेस पर क्या असर पड़ता है, यह आगे की रिसर्च से ही साफ हो पाएगा।
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किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए?
डॉ. शरद मल्होत्रा सलाह देते हैं कि पित्त की पथरी की समस्या होने पर कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द, खासतौर पर खाना खाने के बाद दर्द बढ़ना, मतली, उल्टी, पेट फूलना या अपच जैसी समस्याएं इसके संकेत हो सकते हैं। यदि पथरी पित्त नली में रुकावट पैदा करती है, तो स्किन और आंखों में पीलापन, तेज पेट दर्द या बुखार जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
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डायबिटीज के साथ पित्ताशय को हेल्दी रखने के उपाय
डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना पित्ताशय सहित पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसके लिए बैलेंस डाइट, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी वजन बनाए रखना जरूरी है। फाइबर से भरपूर भोजन जैसे सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। वहीं ज्यादा तला-भुना भोजन, ज्यादा फैट वाले फूड्स और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करना चाहिए। अचानक बहुत तेजी से वजन कम करने से भी पित्त की पथरी का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए वजन घटाने के लिए धीरे-धीरे और हेल्दी तरीके अपनाने चाहिए।
निष्कर्ष
डायबिटीज सीधे तौर पर पित्ताशय की बीमारी का एकमात्र कारण नहीं है, लेकिन यह पित्त की पथरी और अन्य पित्ताशय की समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है। ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना, बैलेंस डाइट लेना, नियमित एक्सरसाइज करना और हेल्दी वजन बनाए रखना इस जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। डायबिटीज मरीजों को पेट से जुड़े असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।
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FAQ
क्या पित्त की पथरी का पता ब्लड टेस्ट से लगाया जा सकता है?
कुछ ब्लड टेस्ट शरीर में सूजन या लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत दे सकते हैं, लेकिन पित्त की पथरी की पहचान के लिए अक्सर अल्ट्रासाउंड जैसी जांच की जरूरत पड़ सकती है।क्या डायबिटीज की दवाओं से पित्त की पथरी होती है?
आमतौर पर डायबिटीज की दवाएं सीधे पित्त की पथरी का कारण नहीं बनतीं, लेकिन कुछ दवाओं या वजन में बदलाव का असर पड़ सकता है। किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना लेना या बंद नहीं करना चाहिए।
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Jul 30, 2026 23:15 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Sharad Malhotra