Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deebanshu Gupta , Cardiologist

क्या विटामिन की कमी आपके हार्ट को भी नुकसान पहुंचा सकती है? डॉक्टर से जानें

विटामिन की कमी से दिल की सेहत बहुत ज्यादा प्रभावित हो सकती है। इसकी वजह से रक्त वाहिकाओं में प्लाक जम सकता है और ब्लड फ्लो बाधित हो सकता है, जो कि भविष्य में हार्ट संबंधी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी पोषक तत्व है। यह हमारी ग्रोथ को बढ़ावा देता है और इम्यून सिस्टम को भी दुरुस्त रखता है। इसका मतलब साफ है कि अगर विटामिन की कमी हो जाए, तो शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। खासकर, बीमार होने का जोखिम काफी ज्यादा बढ़ जाता है। यहां यह सवाल उठता है कि क्या विटामिन की कमी से दिल की सेहत पर भी असर पड़ता है? आइए, जानते हैं इस संबंध में Dr. Deebanshu Gupta, Consultant Interventional Cardiologist, Sarvodaya Hospital, Jalandhar की क्या राय है?

विटामिन सप्लीमेंट्स का दिल की सेहत पर असर

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साल 2021 में Frontiers in Physiology में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, दिल की सेहत के लिए विटामिन बहुत ज्यादा मायने रखते हैं। विशेषकर, कुछ विटामिन्स जैसे कि विटामिन ए, बी6, फोलिक एसिड, सी, डी और ई की कमी का सीधा कनेक्शन दिल से संबंधित बीमारियों से है। यही कारण है कि अगर किसी के शरीर में विटामिन की कमी हो जाती है, तो उन्हें इसकी कमी को पूरा करने के लिए विटामिन सप्लीमेंट्स लेने चाहिए। शोध में यह भी बताया गया है कि जो लोग विटामिनों के सप्लीमेंट्स लेते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर, धमनियों में रुकावट या ब्लॉकेज, दिल में रक्त प्रवाह कम होना, दिल की धड़कन का अनियमित होना और हार्ट फेलियर जैसी दिल की गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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किस विटामिन की कमी से होती है कौन सी हार्ट की बीमारी?

विटामिन डीः विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसी के शरीर में विटामिन डी की कमी है, तो उनमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट फेलियर का खतरा बना रहता है। दरअसल, विटामिन डी ब्लड प्रेशर और ब्लड वाॅल्यूम को नियंत्रण में रखता है। इसकी कमी की वजह से धमनियां सख्त हो सकती हैं और हाइपरटेंशन जैसी स्थिति ट्रिगर हो सकती है। यही नहीं, विटामिन डी एक तरह का एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट है। ऐसे में विटामिन डी की कमी के कारण धमनियों में प्लाक जम सकता है।

विटामिन बीः विटामिन B6, B9 और B12, ये तीनों हार्ट हेल्थ के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व हैं। इन विटामिन्स की कमी के कारण शरीर होमोसिस्टीन नाम के अमीनो एसिड को सही तरीके से पचा या तोड़ नहीं पाता है। जाहिर है ऐसी स्थिति में शरीर में होमोसिस्टीन की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिससे धमनियों की दीवारों को नुकसान पहुंचने लगता है। यहां तक कि इसकी वजह से धमनियों में प्लाक या गंदगी जमने लगती है, जो कि भविष्य में दिल की गंभीर बीमारियों के जोखिम को बढ़ा देता है।

विटामिन सीः साल 2019 में Journal Of Cardiovascular Nursing में प्रकाशित एक शोध से यह स्पष्ट होता है कि विटामिन सी का दिल की सेहत से सीधा संबंध होता है। अगर किसी वजह से शरीर में विटामिन सी की कमी हो जाती है, तो इसकी वजह से कार्डियोवास्कुलर हेल्थ प्रभावित होता है। इस अध्ययन के निष्कर्ष से यह बात सामने आई है कि हार्ट फेलियर के मरीजों में विटामिन सी की कमी का सीधा संबंध है। शोधकर्ताओं का सुझाव है कि विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए डाइट में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी युक्त चीजों को शामिल करना चाहिए। इससे हार्ट फेलियर या हार्ट से जुड़ी अन्य बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।

विटामिन ईः इस पोषक तत्व की कमी भी दिल की सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकती है, क्योंकि यह दिल को सुरक्षा देने वाले एंटीऑक्सीडेंट शील्ड को रिमूव कर देती है। ध्यान रखें बिना एंटीऑक्सीडेंट्स के शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है। ऐसे में खून में मौजूद LDL ऑक्सीडाइज्ड हो जाता है। नतीजतन, शरीर की नसों में सूजन आ जाती है और ब्लड फ्लो बाधित होने लगता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

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हार्ट हेल्थ के लिए विटामिन की कमी को पूरा कैसे करें?

जैसा यह साबित हो चुका है कि कई ऐसे विटामिन्स हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि हम विटामिन युक्त डाइट फाॅलो करें, ताकि इनकी कमी शरीर में न हो। इसकी कमी को पूरा करने के लिए यहां दिए गए टिप्स अपनाएं-

  • विटामिन B6, B9 और B12 की कमी को पूरा करने के लिए डाइट में साबुत अनाज, बीन्स और दालें शामिल करें। नियमित रूप से इनका सेवन करें।
  • रोजाना सुबह की 15 मिनट की धूप विटामिन डी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, फैटी फिश और फोर्टिफाइड मिल्क भी विटामिन डी के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।
  • विटामिन ई, जो कि शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देता है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज को डाइट का हिस्सा बनाएं।

डाॅक्टर की राय

हार्ट हेल्थ को बनाए रखने में विटामिन बहुत ज्यादा मायने रखते हैं। हालांकि, अगर किसी के शरीर में उपरोक्त किसी भी विटामिन की कमी हो जाए, तो सिर्फ डाइट से उसकी कमी को पूरा करने की कोशिश न करें। डॉक्टर से जांच करवाएं। वे स्थिति को देखते हुए जरूरी सप्लीमेंट्स दे सकते हैं। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि लंबे समय तक विटामिन की कमी होने पर हार्ट हेल्थ को नुकसान होना शुरू हो जाता है। ऐसे में विटामिन की कमी होने पर यह जांच करना जरूरी है कि हार्ट हेल्थ कैसा है। इस संबंध में एक्सपर्ट से संपर्क करना न भूलें।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि हार्ट हेल्थ के लिए विटामिन्स बहुत जरूरी है। किसी भी स्थिति में इनकी कमी शरीर में नहीं होनी चाहिए। अगर किसी वजह से शरीर में इसकी कमी हो जाती है, तो डाॅक्टर की सलाह लेकर सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।

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FAQ

  • क्या बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से विटामिन सप्लीमेंट्स खाना हार्ट के लिए सेफ है?

    नहीं, ऐसा किया जाना सही नहीं है। ध्यान रखें कि खुद से विटामिन सप्लीमेंट्स लेने से शरीर में इसकी मात्रा बढ़ सकती है, जिससे विटामिन टॉक्सिसिटी हो सकती है। ऐसे में दिल को नुकसान पहुंच सकता है।
  • अगर किसी को पहले से ही दिल की बीमारी है, तो क्या विटामिन की कमी पूरी करने से समस्या ठीक हो सकती है?

    विटामिन की कमी पूरी करने से हार्ट फंक्शन में सुधार हो सकता है, लेकिन कंडीशन में सुधार होगा या नहीं, इसकी पुष्टि डॉक्टर मरीज की जांच के बाद कर सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 09, 2026 16:15 IST

    Modified By : Meera Tagore
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