Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्‍या हाई कोलेस्‍ट्रॉल में अखरोट खाना सही है? एक्‍सपर्ट से जानें फायदे और नुकसान

हाई कोलेस्‍ट्रॉल के कारण आर्टरीज (धमनियों) में प्लाक जमने का खतरा बढ़ जाता है। कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने के ल‍िए अखरोट का सेवन फायदेमंद माना जाता है। जानें अखरोट कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कैसे कंट्रोल करता है और हार्ट के ल‍िए इसके फायदे और नुकसान क्‍या हैं?

हाई कोलेस्‍ट्रॉल के कारण हार्ट ड‍िजीज, हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। हाई कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए लाइफस्‍टाइल चेंज के अलावा डाइट में भी बदलाव करना जरूरी होता है। अगर डाइट में हार्ट फ्रेंडली फूड्स को शाम‍िल करेंगे, तो कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल होने के साथ-साथ हार्ट ड‍िजीज का खतरा भी कम होगा। ऐसा ही एक फूड है अखरोट। अखरोट फाइबर, कार्ब्स, हेल्‍दी फैट्स, प्रोटीन, व‍िटाम‍िन्‍स, म‍िनरल्‍स, मैग्नीशियम, कॉपर और मैंगनीज जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं जो हार्ट को हेल्‍दी रखने में मदद करते हैं। इस लेख में जानेंगे हाई कोलेस्‍ट्रॉल में अखरोट खाने के फायदे, नुकसान और सेवन का सही तरीका। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए क्‍यों फायदेमंद है अखरोट?

eating-walnuts-in-high-cholesterol

अखरोट खाने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है, हालांक‍ि यह सीधे तौर पर कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल करने का फूड नहीं है, लेक‍िन इसे हेल्‍दी डाइट का ह‍िस्‍सा बनाकर कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

  • अखरोट में फाइबर होता है ज‍िससे कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।
  • अखरोट में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स होते हैं जो बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
  • अखरोट में व‍िटाम‍िन ई, एंटीऑक्‍सीडेंट्स भी होते हैं जो बैड कोलेस्‍ट्रॉल को ऑक्‍सीडेशन प्रक्र‍िया से बचाते हैं ज‍िससे धमन‍ियां ब्‍लॉक होने का खतरा घटता है।
  • अखरोट में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं और हार्ट हेल्‍थ को सपोर्ट करते हैं।

यह भी पढ़ें- दिमाग के लिए भीगे हुए बादाम और अखरोट एक साथ खाने के फायदे? एक्सपर्ट से जानें

हार्ट अटैक का र‍िस्‍क कम होता है

Mayo Clinic के मुताबि‍क, कई स्‍टडीज में यह बताया गया है क‍ि अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एस‍िड्स मौजूद होते हैं ज‍िससे हार्ट अटैक का र‍िस्‍क घटता है। सभी नट्स में कैलोरीज की मात्रा ज्‍यादा होती है, इसल‍िए सीमि‍त मात्रा में अखरोट का सेवन हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद होता है। अखरोट के साथ-साथ बादाम का सेवन करने से भी कोलेस्ट्रॉल लेवल को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है।

यह भी पढ़ें- क्या गठिया के मरीज अखरोट खा सकते हैं? एक्सपर्ट से जानें

क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2021 में American Heart Association के जर्नल Circulation में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, जो लोग न‍ियम‍ित रूप से अखरोट का सेवन करते हैं, उन्‍हें बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। स्‍टडी में पाया गया क‍ि अखरोट खाने वाले लोगों में बैड कोलेस्‍ट्रॉल का खतरा 4.3 mg/dL तक कम होता है।

यह भी पढ़ें- क्या अखरोट से आंखों की रोशनी बढ़ती है? एक्सपर्ट से जानें

अखरोट का सेवन कैसे करें?

अखरोट को खाने से पहले दो से तीन घंटे भीगा दें, इसके बाद खाएं। अखरोट को सलाद, हेल्‍दी डेजर्ट या अन्‍य ब‍ेकि‍ंग फूड्स में म‍िलाकर भी खा सकते हैं। अखरोट में फोलेट, व‍िटाम‍िन ई और गुड फैट्स की भरपूर मात्रा होती है। हालांक‍ि इसमें कैलोरी ज्‍यादा होती हैं इसल‍िए सीमि‍त मात्रा में ही अखरोट का सेवन करना चाह‍िए। डायब‍िटीज के मरीज हैं, तो एक या दो अखराेट से ज्‍यादा न खाएं।

यह भी पढ़ें- ऑफ‍िस वर्कर्स के ल‍िए सुपरफूड है अखरोट, सेहत को म‍िलते हैं ये 5 फायदे

अखरोट के कुछ नुकसान भी हैं

  • अखरोट में कैलोरी की मात्रा ज्‍यादा होती है, इसे खाने से कैलोरी बढ़ सकती है।
  • अखरोट खाने से ब्‍लोट‍िंग और गैस हो सकती है क्‍योंक‍ि इसमें फाइबर और फैट कटेंट ज्‍यादा होता है।
  • नमक वाले अखरोट खाने से सोड‍ियम इंटेक बढ़ सकता है, इससे हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है और हार्ट डि‍जीज का खतरा बढ़ता है।
  • बाजार में म‍िलने वाले अखरोट में शुगर की मात्रा ज्‍यादा होती है और इससे हार्ट ड‍िजीज का खतरा बढ़ता है।
  • अखरोट का सेवन करने से कैलोरी इंटेक बढ़ता है ज‍िससे वजन घटाना मुश्‍क‍िल हो सकता है और कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने में भी परेशानी हो सकती है।

न‍िष्‍कर्ष:

अखरोट का सेवन करने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। हालांक‍ि, अखरोट में कैलोरी ज्‍यादा होती हैं इसल‍िए सीमि‍त मात्रा में ही अखरोट का सेवन करना चाह‍िए। अखरोट को खाने से पहले उसे भीगा दें और फ‍िर रॉ, सलाद या ड‍िश में एड करके खा सकते हैं।

FAQ

  • द‍िनभर में क‍ितने अखरोट खा सकते हैं?

    द‍िनभर में करीब 25 ग्राम अखरोट खा सकते हैं। यानी 8 से 10 या मुट्ठी भर अखरोट खा सकते हैं।
  • हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए क्‍यों फायदेमंद है अखरोट?

    अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एस‍िड्स, फाइबर, एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं ज‍िससे बैड कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल होता है और हार्ट ड‍िजीज का र‍िस्‍क घटता है।

Read Next

क्या डायलिसिस के मरीजों के लिए शिमला मिर्च खाना सुरक्षित है? जानें इसमें पोटैशियम की मात्रा

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jul 06, 2026 19:49 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jul 06, 2026 19:49 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jul 06, 2026 19:49 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content