हाल के सालों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन यानी स्तंभन दोष के मामले बढ़े हैं। इस बात की पुष्टि साल 2025 में Cureus में प्रकाशित एक रिपोर्ट से होती है। इसमें बताया गया है कि एक समय तक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को सिर्फ बुजुर्गों की समस्या माना जाता है। हालांकि, अब 40 साल की उम्र से छोटे पुरुषों में भी यह समस्या बढ़ रही है। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि जीवनशैली से जुड़ी कई बुरी आदतें भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को बढ़ावा देती है? यहां मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले आदतों का जिक्र कर रहे हैं। संभव हो, तो इन आदतों को आप और अभी से ही छोड़ दें।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को बढ़ाने वाली बुरी आदतें
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वैसे तो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कई कारणों से हो सकता है, जैसे तनाव का बढना, कोई मेडिकल कंडीशन आदि। कुछ बुरी आदतें भी इस समस्या को ट्रिगर कर सकती है, जैसे-
1. स्मोकिंग करना
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का बहुत बड़ा कारण स्मोकिंग को माना जाता है। साल 2014 में International Journal Of Andrology में प्रकाशित एक रिव्यू के अनुसार, आमतौर पर लोग धूम्रपान को सिर्फ फेफड़ों या दिल के लिए घातक बताते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। यह शोध पिछले तीन दशकों के वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट करता है कि सिगरेट में मौजूद जहरीले रसायन पुरुषों की यौन क्षमता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषकर, सिगरेट में मौजूद हानिकारक रसायन लिंग की नसों को फैलाने और ब्लड फ्लो को रोकते हैं।
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2. शराब का अत्यधिक सेवन
साल 2018 में Indian Journal Of Psychiatry में प्रकाशित एक स्टडी से पता चलता है कि शराब का सेवन करने से सेंट्रल नर्वस सिस्टम धीमा हो जाता है। नतीजतन, दिमाग और लिंग के बीच कम्यूनिकेशन कमजोर हो जाता है जिससे उनमें सेंसिटिविटी में कमी आने लगती है। इसे आप सरल शब्दों में समझें कि शराब का सेवन करने से पुरुषों को बार-बार पेशाब आता है, जिससे उनकी बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है। ऐसे में शरीर में एंजियोटेंसिन नाम के हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो नसों को सिकोड़ देता है। एंजियोटेंसिन का बढ़ा हुआ स्तर पुरुषों में लिंग तक होने वाले खून के बहाव को रोक या सीमित कर सकता है, जो कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का बड़ा कारण है।
3. लंबे समय तक बैठना
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आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि लंबे समय तक बैठकर काम करने से भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हो सकती है। असल में, जब आप लंबे समय तक और कई महीनों या सालों तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करते हैं, तो इसकी वजह से आर्टरीज पर दबाव बढ़ता है, जिससे ब्लड फ्लो बाधित होता है। डॉ. विजय दहिफले कहते हैं, "नितंबों और अंडकोष व गुदा के बीच के हिस्से पर लंबे समय तक दबाव पड़ने से वे नसें सुन्न हो सकती हैं या उन्हें नुकसान पहुंच सकता है, जो कि यौन उत्तेजना और पुरुषों के गुप्त अंगों के कामकाज को नियंत्रित करती हैं।"
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4. खराब खान-पान
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खान-पान की बुरी आदतें भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को बढ़ावा दे सकती है। विशेषज्ञ भी यह स्पष्ट करते हैं कि खान-पान का पुरुष स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। साल 2020 में प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल JAMA Network Open में प्रकाशित शोध पत्र से यह साबित होता है कि खान-पान की बुरी आदतें काफी हद तक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ट्रिगर कर सकती हैं। इस शोध में यह भी समझाया गया कि जो पुरुष हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज (जैसे ओट्स, दलिया), नट्स (बादाम, अखरोट) और मछली खाते हैं, उनकी नसें स्वस्थ रहती हैं, जिससे अंगों में खून का दौरा बेहतर रहता है। ऐसे पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या कम देखने को मिलती है।
5. शारीरिक गतिविधियों में कमी
मौजूदा समय में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ गई है, जो अपना ज्यादातर समय डेस्क जॉब पर बिताते हैं। काम का बोझ और घर की जिम्मेदारियों के चलते कई लोग सुबह उठकर एक्सरसाइज नहीं कर पाते हैं। आपने विशेषज्ञों को कहते सुना होगा कि जो लोग रेगुलर वर्कआउट नहीं करते हैं, उनमें कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। साल 2012 में Online library में प्रकाशित एक रिसर्च से पता चलता है कि शारीरिक गतिविधियां न करने से तमाम गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसमें टाइप 2 डायबिटीज, मोटापा, दिल की बीमारियां सहित इरेक्टाइल डिस्फंक्शन भी शामिल है।
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6. खराब नींद
अच्छी और गहरी नींद लेना हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य है। जब हम रोजाना 7-8 घंटे की नींद नहीं लेते हैं, तो इसका बुरा प्रभाव हमारे समग्र स्वास्थ्य पर पड़ता है। साल 2022 में Dovepress में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, जो पुरुष लगातार कम सोते हैं या जिन्हें पूरी नींद नहीं मिलती, उनमें इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। असल में, अच्छी नींद नहीं लेने से हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे पुरुषों के मुख्य सेक्स हार्मोन यानी टेस्टोस्टेरोन का स्तर तेजी से गिरने लगता है, जिससे सेक्सुअल डिजायर और परफॉर्मेंस दोनों पर सीधा बुरा असर पड़ता है।
7. गंभीर तनाव
तनाव का बढ़ना भी पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण बन सकता है। इस बारे में साल 2025 में Cureus में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन सिर्फ एक शारीरिक बीमारी नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध दिमाग से है। तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन के कारण पुरुषों में यह समस्या तेजी से बढ़ती है। वैसे भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के कारण पुरुषों में खुद में आत्मविश्वास की कमी हो जाती है, जो उन्हें अकेलापन और डिप्रेशन की ओर अधिक धकेल देता है।
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निष्कर्ष
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन एक गंभीर समस्या है। कई बार कुछ मेडिकल कंडीशन जैसे डायबिटीज, नसों से संबंधित समस्या के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या होती है। वहीं, आपकी खराब जीवनशैली भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है। इसमें स्मोकिंग, शराब का सेवन, लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना, एक्सरसाइज न करना आदि। यह सूची और भी लंबी हो सकती है। बेहतर होगा कि यहां बताई गई बुरी आदतों में आज से ही सुधार करें।
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FAQ
क्या बहुत तंग या टाइट अंडरवियर पहनने से भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है?
सीधे तौर पर ऐसा नहीं होता, लेकिन बहुत टाइट अंडरवियर पहनने से अंडकोष का तापमान बढ़ सकता है, जिससे स्पर्म काउंट पर असर पड़ता है।क्या प्री-डायबिटीज स्टेज में ही नसों को नुकसान होने से ED की शुरुआत हो सकती है?
हां, प्री-डायबिटीज स्टेज में भी खून में इंसुलिन और शुगर का स्तर बढ़ सकता है, जिससे नसों को नुकसान पहुंचना शुरू हो जाता है। ऐसे में लिंग में ब्लड फ्लो कम हो सकता है।
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Current Version
Jul 17, 2026 17:52 IST
Modified By : Meera Tagore Jul 17, 2026 17:52 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale