Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay S Dahiphale , Consultant Urologist, Andrologist & Sexologist

क्या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को हमेशा के लिए ठीक किया जा सकता है? डॉक्टर से जानें इसकी सच्चाई

ऐसा नहीं है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन को हमेशा के लिए ठीक नहीं किया जा सकता है। हालांकि, यह समस्या क्यों हो रही है, सबसे पहले इसके कारण को जानना जरूरी है। इसके बाद समस्या का समाधान निकालना आसान हो जाता है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, जिसे आम भाषा में नपुंसकता भी कहा जाता है, एक ऐसी समस्या है, जिसमें पुरुषों को यौन संबंध बनाते हुए लिंग में पर्याप्त तनाव प्राप्त करने या बनाए रखने में कठिनाई होती है। ऐसे में अक्सर यह सवाल पुरुषों के मन में उठता है कि क्या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हमेशा के लिए ठीक हो सकती है? इस संबंध में एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के मूल कारण को जानकर इसे पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है। तो आइए, नवी मुंबई स्थित मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से जानते हैं कि किन मामलों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक किया जा सकता है। इस बारे में जानने के लिए हमने डॉक्टर से बात की।

क्या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है?

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कई मामलों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इस बारे में डाॅ. विजय दहिफले का कहना है, "इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पूरी तरह ठीक हो सकता है या नहीं, यह उसके कारण पर निर्भर करता है। अगर किसी को अस्थायी समस्या हुई है, जैसे मानसिक थकान या परफॉर्मेंस एंग्जाइटी, तो इसे रिवर्स किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए मरीज को अपनी जीवनशैली में बदलाव करने पड़ सकते हैं और जरूरी हो, तो डॉक्टर से अपना ट्रीटमेंट भी करवाना पड़ सकता है।"

किन स्थितियों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पूरी तरह ठीक हो सकता है?

1. दवाओं का प्रभाव

डाॅ. विजय दहिफले के अनुसार, "कई दवाओं का प्रभाव ऐसा होता है, जिसकी वजह से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हो सकती है। विशेषकर, अगर कोई लंबे समय से एंटी-डिप्रेसेंट और ब्लड प्रेशर की दवा ले रहा है।" साल 2025 में Cureus में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार कई दवाओं के कारण ब्लड फ्लो बाधित होता है और हार्मोन का स्तर प्रभावित होता है। ऐसे में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने का जोखिम बढ़ जाता है। 

क्या करेंः दवाओं के डोज में बदलाव करके इस समस्या से राहत पाई जा सकती है। इस मामले में आप सीधे डॉक्टर की मदद लें।

2. साइकोलॉजिकल कारक

Harvard Medical School के अनुसार, पुरुषों में साइकोलॉजिकल फैक्टर्स भी उनमें इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह बनते हैं। इसमें मुख्य रूप से जॉब का तनाव, अवसाद, आदि शामिल हैं। इस तरह की स्थिति में भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को रिवर्स किया जा सकता है। 

क्या करेंः साइकोलॉजिकल फैक्टर्स होने पर सेक्स थेरेपी या काउंसलिंग की मदद ली जा सकती है, जिससे समस्या से छुटकारा मिल जाता है।

3. वैस्कुलर समस्या

डाॅ. विजय दहिफले कहते हैं, "हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या शुरुआती मोटापे के कारण पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है। दरअसल, ये ऐसी समस्याएं हैं, जिसके कारण रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) संकरी या सख्त हो जाती हैं, जिसकी वजह से ब्लड फ्लो बाधित होने लगता है।"

क्या करेंः ऐसे में आप नियमित रूप से कार्डियो एक्सरसाइज करें, वजन को संतुलित रखें और खान-पान में हेल्दी आदतों को अपनाएं। इससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या धीरे-धीरे अपने आप कम होने लगती है।

4. टाइप 2 डायबिटीज

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टाइप 2 डायबिटीज एक ऐसी समस्या है, जिसमें नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या कमजोर हो जाती हैं, जिस वजह से ब्लड फ्लो बाधित होता है। कोई भी ऐसी समस्या है, जिसके कारण रक्त प्रवाह सही न हो, तो उसका असर पुरुषों की सेक्शुअल लाइफ पर पड़ता है। इसी तरह, टाइप 2 डायबिटीज में ब्लड शुगर संतुलित नहीं रहता है, जिससे ब्लड फ्लो प्रभावित होता है। जेनिटल एरिया पर भी इसका असर देखने को मिलता है। American Urological Association की मानें, तो ED का बहुत बड़ा कारण डायबिटीज होता है। 

क्या करेंः सबसे पहले अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल करने की कोशिश करें। इसके लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, वजन नियंत्रण में रखें। अगर टाइप 2 डायबिटीज की दवा शुरू हो गई है, तो डोज मिस न करें। ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है, तो इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या में भी कमी आने लगती है।

5. हार्मोनल असंतुलन

हार्मोनल असंतुलन की समस्या सिर्फ महिलाओं में नहीं, पुरुषों में भी होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे खराब जीवनशैली, नींद की कमी या नशीले पदार्थों का सेवन। ये तमाम ऐसे कारण हैं, जिससे टेस्टोस्टेरोन के स्तर में गिरावट आ सकती है, जो कि उनकी सेक्शुअल लाइफ को भी प्रभावित करता है।

क्या करेंः हार्मोनल असंतुलन क्यों हो रहा है, सबसे पहले इसका कारण जानने की कोशिश करे। इस संबंध में डॉक्टर की राय लेना अधिक जरूरी है। इसके अलावा, धूम्रपान न करें और शराब से भी दूर रहें। अगर मोटापे के कारण हार्मोनल असंतुलन हो रहा है, तो बेहतर है कि आप डॉक्टर से मिलें।

निष्कर्ष

अगर खराब जीवनशैली के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हुई है, तो उसे रिवर्स किया जा सकता है। हालांकि, जीवनशैली में जरूरी बदलाव करना आवश्यक होता है। वहीं, अगर किसी बीमारी की वजह से पुरुष को इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हुई है, तो सबसे पहले उस बीमारी का इलाज किया जाना आवश्यक होता है। जैसे-जैसे बीमारी से रिकवरी होती जाती है, वैसे-वैसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से भी राहत मिलने लगती है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या में सुधार होता है?

    विशेषज्ञों की मानें, तो पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे इरेक्शन को ज्यादा देर तक बनाए रखने में मदद मिलती है।
  • इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की सटीक जानकारी के लिए कौन से टेस्ट करवाए जाते हैं?

    इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की सटीक जानकारी के लिए डॉक्टर्स मुख्य रूप से टोटल और फ्री टेस्टोस्टेरोन टेस्ट, फास्टिंग ब्लड शुगर/HbA1c, लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल) और थायराइड (TSH) जैसे टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 19, 2026 17:29 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale

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