Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

World Ovarian Cancer Day: क्या कम उम्र में भी हो सकता है ओवेरियन कैंसर? मानें डॉक्टर की सलाह

ओवेरियन कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और इसमें लाइफस्टाइल और हार्मोनल असंतुलन अहम भूमिका निभाता है। क्या इस वजह से यंग महिलाओं को ओवरी कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है? इस लेख में डॉक्टर ने विस्तार से बताया है। 

महिलाओं के रिप्रोडेक्टिव सिस्टम में दो ओवरी होती है, जो यूटरस के दोनों तरफ होती है। अगर ओवरी के सेल्स तेजी से बढ़ने लगे और उन्हें कंट्रोल करना मुश्किल हो जाए, तो ये सेल्स शरीर के अन्य टिश्यू को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। यह वजह महिलाओं में ओवेरियन कैंसर की बन सकती है। आमतौर पर ओवेरियन कैंसर का रिस्क 40 से 50 साल की उम्र की महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है, तो क्या यंग महिलाओं में भी ओवेरियन कैंसर का रिस्क हो सकता है? World Ovarian Cancer के मौके पर हमने Dr. Chetna Jain, Director, Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon) से बात की।

क्या यंग महिलाओं को ओवेरियन कैंसर हो सकता है?

डॉ. चेतना जैन कहती हैं, “वैसे तो 40 के बाद ही ओवेरियन कैंसर के मामले देखे जाते हैं, लेकिन यह भी सच नहीं है कि सिर्फ बढ़ती उम्र में ही महिलाओं को ओवेरियन कैंसर हो सकता है। आजकल कम उम्र यानी 20 से 30 साल की महिलाओं में भी इस कैंसर के मामले देखे जा सकते हैं। हालांकि, इसके मामले काफी कम होते हैं। अगर यंग महिलाओं को ओवरी कैंसर होता है, तो ओवेरियन ट्यूमर जर्म सेल ट्यूमर या लो ग्रेड का होता है, जिसकी समय पर पहचान हो जाए, तो सफल तरीके से इलाज किया जा सकता है।”

ओवेरियन कैंसर किन कारणों से हो सकता है?

डॉ. चेतना जैन ने कहा, “कुछ जेनेटिक कारणों जैसे BRCA gene mutation (BRCA1/BRCA2) होने पर कम उम्र में भी रिस्क बढ़ सकता है। इसके अलावा, परिवार में ओवेरियन या ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री, हार्मोनल असंतुलन और कुछ मामलों में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) भी रिस्क जुड़ा हो सकता है। हालांकि, PCOS होना सीधा कारण नहीं हो सकता है।

ओवेरियन कैंसर के लक्षण

Mayo Clinic के अनुसार ओवेरियन कैंसर में इन लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत है। डॉ. चेतना कहती हैं कि अगर यंग महिलाओं को ये लक्षण दो या तीन हफ्ते से ज्यादा रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

  1. पेट में ब्लोटिंग या सूजन आना
  2. जल्दी पेट भरना या भूख कम लगना
  3. तेजी से वजन कम होना
  4. पेल्विक एरिया में दर्द या असहज होना
  5. थकान होना
  6. कमर में दर्द होना
  7. कब्ज होना
  8. बार-बार पेशाब महसूस होना

ovarian cancer in young women

यह भी पढ़ें- क्या PCOS की वजह से ओवेरियन कैंसर हो सकता है? डॉक्टर से जानें सच्चाई

ओवेरियन कैंसर से कैसे बचाव करें?

डॉ. चेतना जैन बताती हैं कि महिलाओं को अपने लाइफस्टाइल और खानपान पर ध्यान देना चाहिए ताकि युवावस्था में ओवेरियन कैंसर के रिस्क को कम किया जा सके।

  1. रेगुलर चेकअप कराना बहुत जरूरी है।
  2. प्रेग्नेंसी होने पर ओवेरियन कैंसर के रिस्क से बचाव हो सकता है।
  3. महिलाएं ब्रेस्टफीडिंग के जरिए कैंसर के जोखिम को कम कर सकती है।
  4. स्मोकिंग और शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
  5. महिलाओं को अपना वजन कंट्रोल में रखना चाहिए।
  6. रेगुलर कसरत करने से कैंसर का रिस्क कम हो सकता है।

निष्कर्ष

यंग महिलाओं को ओवेरियन कैंसर का रिस्क कम हो सकता है और इसके लिए महिलाओं को अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। इसके अलावा, अगर परिवार में किसी महिला को ओवेरियन कैंसर रहा है, तो महिलाओं को 30 साल के बाद रेगुलर चेकअप कराना चाहिए।

FAQ

  • क्या PCOS ओवेरियन कैंसर का कारण बन सकता है?

    PCOS ओवेरियन कैंसर का सीधा कारण नहीं है, लेकिन यह हार्मोनल असंतुलन से जुड़ा है, इसलिए इस दौरान अपने स्वास्थ्य की निगरानी जरूरी है।
  • क्या स्मोकिंग और शराब ओवेरियन कैंसर के लिए जिम्मेदार हैं?

    तंबाकू और शराब का सेवन शरीर की कोशिकाओं में म्यूटेशन का कारण बन सकता है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 07, 2026 12:34 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • May 07, 2026 12:34 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain

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