Fri Oct 23, 2026 | 05:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

Shamonda Virus: गाय-घोड़ों की इस बीमारी से पहली बार एक इंसान संक्रमित, क्या वाकई खतरनाक है शामोंडा वायरस?

जानवरों में फैलने वाला शमोंडा वायरस अब इंसानों में भी पाया जाने लगा है। हाल ही में फ्रांस में एक मरीज की मौत ने वायरस के फैलने की चिंता बढ़ा दी है। जानते हैं कि शामोडा वायरस क्या है और यह कितना खतरनाक है?
Shamonda Virus: गाय-घोड़ों की इस बीमारी से पहली बार एक इंसान संक्रमित, क्या वाकई खतरनाक है शामोंडा वायरस?Shamonda Virus: गाय-घोड़ों की इस बीमारी से पहली बार एक इंसान संक्रमित, क्या वाकई खतरनाक है शामोंडा वायरस?

जानवरों जैसे गाय और घोड़े में पाया जाने वाला शमोंडा वायरस (Shamonda Virus) की मौजूदगी इंसानों में देखी जा रही है। हाल ही में फ्रांस में शमोंडा वायरस से संक्रमित मरीज की मृत्यु की पुष्टि हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शमोंडा वायरस का इंसानों में पाए जाने को रिपोर्ट किया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मरीज की मौत का कारण सिर्फ वायरस था या फिर मरीज की पहले से मौजूद गंभीर बीमारी ने भी इसमें भूमिका निभाई है। इस एक मामले की वजह से शमोंडा वायरस को लेकर काफी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसे अब तक इंसानों को संक्रमित करने वाला वायरस नहीं माना जाता था।

भारत में शमोंडा वायरस को लेकर कितनी सतर्कता बरतनी चाहिए और यह कितना खतरनाक है? यह जानने के लिए हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने कहा कि ये बीमारी से घबराने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत है और यह इंसान के छूने से फैलने वाली बीमारी नहीं है।

शमोंडा वायरस क्या है?

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “शमोंडा वायरस आमतौर पर मवेशियों में ही पाया जाता है। अब तक गाय, बकरी और घोड़े जैसे जानवरों में भी संक्रमण के मामले सामने आए हैं। यह वायरस संक्रमित मिज (Midge) के काटने से फैल सकता है। ये मच्छरों से अलग छोटे कीड़ें होते हैं।”

शमोंडा वायरस सबसे पहले साल 1965 में नाइजीरिया के मवेशियों में पाया गया था और तब से अफ्रीका और एशिया के कई भागों में यह मिल चुका है। यूरोप के कई देशों जैसे फ्रांस, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, स्पेन, इटली, बेल्जियम और आयरलैंड में दर्जनों मवेशियों में इस वायरस के मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन इंसानों में शमोंडा वायरस का यह पहला मामला मिला है।

शमोंडा वायरस के लक्षण क्या है?

इंसानों में पाया जाने वाला पहला मामला होने के कारण शमोंडा वायरस के लक्षणों की ज्यादा पहचान करना मुश्किल है। रिपोर्ट्स की मानें, तो जो संक्रमित मरीज इस वायरस के चलते भर्ती हुआ था, उसका इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर था।

  • इंफेक्शन के दौरान उसमें दिमाग और नर्व सिस्टम में समस्याएं देखी गई थी।
  • जांच के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि शमोंडा वायरस न्यूरोलॉजिकल समस्याएं कर सकता है।

क्या शमोंडा वायरस कोरोना की तरह फैल सकता है?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “हालांकि, इंसानों में इस वायरस के आने से चिंता तो बढ़ी है, लेकिन जानकारी के आधार पर आम लोगों में शमोंडा वायरस से संक्रमण फैलने का रिस्क नहीं है। कोरोना के बाद लोग वायरस फैलने को लेकर बहुत चिंतित हो जाते हैं, लेकिन फिलहाल जानकारी में इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।”

Shamonda VirusShamonda Virus

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शमोंडा वायरस से कैसे बचें?

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि इंसानों में संक्रमण को लेकर जानकारी बहुत सीमित है, लेकिन फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सबसे जरूरी बात यह है कि लोगों को बिना पुष्टि वाली जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। लोग कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।

  • लोगों को ऐसी जगहों पर जाने से बचना चाहिए, जहां खासतौर पर जानवरों में यह वायरस पाया गया है।
  • मिज और दूसरे काटने वाले छोटे कीड़ों से बचने के लिए शरीर को ढककर निकलें।
  • पशुओं के आस-पास काम करने वाले लोगों को रेगुलर चेकअप कराना चाहिए।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं कि फिलहाल शमोंडा वायरस के लिए कोई खास इलाज या वैक्सीन नहीं है। इसलिए लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अधूरी या गलत जानकारी से बचना चाहिए। फिलहाल शमोंडा वायरस को लेकर अभी बहुत जानकारी नहीं है, लेकिन लोगों को बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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निष्कर्ष
फिलहाल, फ्रांस में सिर्फ एक मरीज का मामला सामने आया है, इसलिए शमोंडा वायरस को लेकर अभी लक्षणों और रिस्क फैक्टर्स की पहचान नहीं हो पाई है। अभी तक इस बीमारी को World Organisation for Animal Health (WOAH) में शामिल नहीं किया गया है। इसलिए देश इस बीमारी की जानकारी संगठन को देने के लिए बाध्य नहीं हैं। शमोंडा वायरस को लेकर डॉक्टर्स का कहना है कि जैसे-जैसे जानकारी मिलेगी, तभी इसके लक्षण, फैलने के तरीके और लोगों के लिए खतरे को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।

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FAQ

  • क्या शामोंडा वायरस से संक्रमित जानवर का दूध या मांस खाने से इंसान बीमार पड़ सकता है?

    पका हुआ खाना पूरी तरह सुरक्षित है। दूध को अच्छी तरह उबालकर पीने और मांस को सही तापमान पर अच्छी तरह पकाकर खाने से यह वायरस पूरी तरह नष्ट हो जाता है। कच्चे या बिना उबले दूध के सेवन से बचना चाहिए।
  • शमोंडा वायरस की पहचान करने के लिए कौन-से लैब टेस्ट किए जाते हैं?

    संक्रमण की पुष्टि के लिए RT-PCR (Reverse Transcription-Polymerase Chain Reaction) टेस्ट किया जाता है, जो वायरस के जेनेटिक मटेरियल (RNA) की पहचान करता है। इसके अलावा ब्लड में एंटीबॉडीज की जांच के लिए ELISA टेस्ट भी उपलब्ध है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 23, 2026 15:59 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon