Fri Oct 23, 2026 | 04:05 PM IST

Medically Reviewed by Dr. G. Krishna Mohan Reddy , Consultant Physician & Diabetologist

ये 5 संकेत बताते हैं कि आपका ब्लड शुगर बहुत ज्यादा है, डॉक्टर से जानें औेर रहें सतर्क

अगर आप चाय पीते हैं और इसके तुरंत बाद टॉयलेट जाते हैं या आप रात में उठ-उठकर पानी पीने जाते हैं, तो यह शुगर लेवल बढ़ने के लक्षण हो सकते हैं। जानते हैं ऐसे ही कुछ अन्य लक्षणों के बारे में और इसके पीछे कारण क्या है?
ये 5 संकेत बताते हैं कि आपका ब्लड शुगर बहुत ज्यादा है, डॉक्टर से जानें औेर रहें सतर्कये 5 संकेत बताते हैं कि आपका ब्लड शुगर बहुत ज्यादा है, डॉक्टर से जानें औेर रहें सतर्क

शुगर बढ़ना एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर शुगर पचाने की जगह इसे खून में मिलाना शुरू कर देता है। यह पैंक्रियाज द्वारा कम मात्रा में इंसुलिन हार्मोन बनाने के कारण होता है,जिससे शरीर शुगर को अच्छी तरह से नहीं पचा पाता है और इसे खून में सर्कुलेट कर देता है। इस शुगर सर्कुलेशन और लो शुगर मेटाबॉलिज्म की वजह से शरीर के कई अंगों पर असर पड़ता है। ऐसे में Dr. G. Krishna Mohan Reddy, Senior Consultant Physician and Diabetologist, Yashoda Hospitals, Hyderabad का कहना है कि आप समय रहते शरीर के खराब शुगर मेटाबॉलिज्म के लक्षणों को पहचान लें। ऐसे में इन 5 संकेतों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।

ये 5 संकेत बताते हैं कि आपका ब्लड शुगर बहुत ज्यादा है

डॉ. जी कृष्णा कहते हैं कि जब शरीर में शुगर बढ़ने लगता है और यह 200 mg/dL के पार हो जाता है तो इसे हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycemia) कहते हैं। यह डायबिटीज वाले लोगों में आम है, लेकिन यह उन लोगों में भी हो सकता है जिनकी अभी तक पहचान नहीं हुई है। इसके लक्षण धीरे-धीरे विकसित हो सकते हैं और कभी-कभी इन पर ध्यान भी नहीं जाता। ऐसे में आपको इन लक्षणों की पहचान करनी चाहिए जैसे-

1. बहुत ज्यादा प्यास लगना

डॉ. कृष्णा कहते हैं कि एक होती है पानी की तलब और दूसरा होता है बात-बात पर गला सूखना और प्यास लगाना। अगर बिना किसी कारण के यह स्थिति हो रही है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। दरअसल, पानी पीने के बाद भी बहुत ज्यादा प्यास लगना, हाई ब्लड शुगर का शुरुआती संकेत हो सकता है। दरअसल, होता यह है कि जब ग्लूकोज का स्तर बढ़ता है, तो किडनी पेशाब के जरिए अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने की कोशिश करती हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और आपको बार-बार प्यास लगती है।

2. बहुत ज्यादा थकान महसूस होना

अगर आप अच्छी डाइट लेते हैं और रात को अच्छी तरह से सोते भी हैं फिर भी थकान बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज करना आप पर भारी पड़ सकता है। दरअसल, यह थकान शुगर बढ़ने का लक्षण हो सकता है। दरअसल, हाई ब्लड शुगर की वजह से व्यक्ति को थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। इस दौरान खून में ग्लूकोज मौजूद होता है, लेकिन शरीर एनर्जी के लिए इसका सही इस्तेमाल नहीं कर पाती और लो महसूस करती है। इससे हर समय थका हुआ महसूस होता है।

01 (100)01 (100)

इसे भी पढ़ें: सुबह खाली पेट शुगर अचानक क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानें कारण

3. बार-बार पेशाब आना

डॉ. कृष्णा कहते हैं कि आप हर कुछ देर पर पेशाब करने जाते हैं और रात में यह दिक्कत बढ़ जाती है तो यह हाई ब्लड शुगर की वजह से हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ब्लडस्ट्रीम से अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने के लिए किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस लक्षण को नजरअंदाज करना डायबिटीज की बीमारी को बढ़ाने का काम कर सकता है।

4. धुंधला दिखना

खून में जब ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो आंखों में तरल पदार्थों का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे लेंस का आकार कुछ समय के लिए बदल जाता है और धुंधला दिखाई देने लगता है। ऐसा अगर आपके साथ रह-रहकर हर कुछ दिन पर होता है, तो आपको अपने शुगर लेवल की जांच करवानी चाहिए। साथ ही आई टेस्ट भी करवाएं ताकि स्थिति साफ हो सके और आप अपनी आंखों को और खराब होने से बचा सकें।

इसे भी पढ़ें: बार-बार खाने की क्रेव‍िंग होती है तो खाएं ये 5 हेल्दी फूड्स, लंबे समय तक भरा रहेगा पेट

5. बहुत ज्यादा भूख लगना

भूख लगना शरीर की एक क्रिया है, लेकिन अगर यह क्रिया बार-बार होने लगे तो आपको अपना शुगर लेवल चेक करना चाहिए। डॉ. कृष्णा कहते हैं कि अगर आपको खाना खाने के बाद भी बार-बार भूख लगती है तो आपका शुगर लेवल बढ़ा हुआ हो सकता है। दरअसल, ऐसा तब हो सकता है जब शरीर एनर्जी के लिए ग्लूकोज का सही इस्तेमाल न कर पाता है, जिससे कोशिकाओं को जरूरी एनर्जी नहीं मिल पाती और बार-बार भूख लगने की समस्या होती है।

American Diabetes Association के अनुसार, जैसे-जैसे ब्लड ग्लूकोज का स्तर बढ़ता है, आपको भूख लग सकती है या कुछ खाने की तीव्र इच्छा यानी क्रेविंग हो सकती है। भले ही आपके खून में ऊर्जा देने के लिए पर्याप्त ग्लूकोज मौजूद हो, लेकिन आपका मस्तिष्क उसका उपयोग नहीं कर पाता। ऐसे में, शरीर को एनर्जी के लिए मस्तिष्क को भूख के संकेत भेजने लगता है।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. कृष्णा कहते हैं कि ये लक्षण अपने आप में डायबिटीज की पुष्टि नहीं करते हैं। यह पता लगाने के लिए कि क्या शुगर का स्तर बढ़ा हुआ है, ब्लड ग्लूकोज की जांच कराना जरूरी है। जिन लोगों को ये लक्षण महसूस हों, उन्हें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और अपनी जांच करानी चाहिए। ब्लड शुगर का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाने से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। उल्टी आना, पेट में दर्द, बहुत गहरी या तेज सांसें लेना, उलझन महसूस होना या बहुत ज्यादा सुस्ती आना - ऐसी स्थितियों में तुरंत चिकित्सीय मदद की जरूरत होती है, खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें डायबिटीज है।

FAQ

  • हाई शुगर लेवल को तुरंत कैसे कंट्रोल करें?

    हाई शुगर लेवल को तुरंत कंट्रोल करने लिए आपको तुरंत वॉक करना शुरू करना चाहिए। इसके अलावा आप कोई मेहनत का काम करें जिसमें पसीना निकले और शुगर कम हो।
  • शुगर में कौन सी दाल नहीं खानी चाहिए

    शुगर में राजमा, सफेद छोले और उड़द की दाल खाने से बचना चाहिए। हालांकि, मूंग की दाल खाएं जो कि सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है।

Read Next

→ परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं, फिर भी क्यों हो सकती है यह बीमारी? डॉक्टर से जानें 7 कारण

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 23, 2026 15:02 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr. G. Krishna Mohan Reddy