रात को सोने से पहले ब्लड शुगर लेवल बिल्कुल नॉर्मल होता है, लेकिन सुबह उठते ही खाली पेट शुगर का लेवल अचानक बढ़ा हुआ मिलता है। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सोने से पहले शुगर नॉर्मल है और उठने के बाद बहुत ज्यादा बढ़ी हुई है? यह स्थिति कई लोगों को परेशान कर देती है। लोग अक्सर सोचते हैं कि रात में तो कुछ खाया भी नहीं था, फिर भी सुबह शुगर कैसे बढ़ गई? Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida बताते हैं कि सुबह उठने के बाद ब्लड शुगर लेवल हाई होना आपके द्वारा की जाने वाली किसी तरह की लापरवाही नहीं, बल्कि शरीर का अपना हार्मोनल मेकैनिज्म जिम्मेदार होता है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि सुबह उठते ही ब्लड शुगर हाई क्यों हो जाती है और उसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है?
सुबह शुगर हाई क्यों होती है?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि सुबह-सुबह शुगर स्पाइक होने के कई कारण होते हैं, जिसमें डॉन फेनोमेनन और सोमोगी इफेक्ट शामिल हैं। ये दोनों ही स्थितियां ब्लड शुगर लेवल को सुबह क्यों हाई रखती हैं, आइए जानें-
1. डॉन फेनोमेनन का असर
डॉन फेनोमेनन, सुबह के समय शुगर लेवल बढ़ने की सबसे आम वजह है। हमारे शरीर की एक नेचुरल बायोलॉजिकल क्लॉक होती है, जिसे सर्केडियन रिदम के रूप में जाना जाता है। डॉन फेनोमेनन के कारण शरीर पर कई तरह से असर पड़ता है, जैसे-
सुबह-सुबह यानी रात 3 बजे से सुबह 8 बजे के बीच, हमारे शरीर को जगाने और दिनभर के कामों के लिए एनर्जी देने के लिए लिवर और पिट्यूटरी ग्लैंड कुछ हार्मोन्स रिलीज करती हैं, जैसे- कोर्टिसोल, ग्रोथ हार्मोन और ग्लूकागॉन। ये हार्मोन्स एंटी-इंसुलिन होते हैं। ये लिवर में स्टोर ग्लूकोज को खून में रिलीज करने का सिग्नल देते हैं।
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सुबह-सुबह शरीर में होने वाली इस प्रक्रिया से निपटने के लिए एक हेल्दी व्यक्ति का शरीर शुगर को संभालने के लिए तुरंत ज्यादा इंसुलिन बना लेता है। जबकि डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन या तो कम बनता है या सही तरह से काम नहीं करता है। इस कारण सुबह उठते ही उनका ब्लड शुगर लेवल हाई रहता है।
American Diabetes Association के अनुसार, "डॉन फेनोमेनन डायबिटीज के प्रकारों में कोई फर्क नहीं करता है। टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज वाले लगभग आधे लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है।"
2. सोमोगी इफेक्ट का रिएक्शन
American Diabetes Association में यह भी बताया गया है कि सोमोगी इफेक्ट, रात के समय ब्लड ग्लूकोज के कम होने पर शरीर की प्रतिक्रिया है। सोमोगी इफेक्ट को मेडिकल की भाषा में रिबाउंड हाइपरग्लाइसीमिया भी कहा जाता है। यह शरीर का एक डिफेंस सिस्टम है। जब मरीज रात में जरूरत से ज्यादा इंसुलिन ले लेता है, बहुत हैवी वर्कआउट कर लेता है या बिना कुछ खाए सो जाता है तो रात के 2 से 3 बजे के बीच शुगर बहुत ज्यादा गिर जाती है।
शरीर में शुगर अचानक बहुत कम होने पर शरीर इसे आपातकालीन स्थिति मान लेता है। इस स्थिति में दिमाग को लगता है कि मरीज को खतरा है, इसलिए वह तुरंत लिवर को ग्लूकोज रिलीज करने का सिग्नल देता है। लिवर अचानक बहुत सारा शुगर खून में छोड़ देता है, जिससे सुबह उठने पर शुगर नॉर्मल से ज्यादा हो सकती है।
डॉन फेनोमेनन और सोमोगी इफेक्ट में अंतर कैसे पहचानें?
Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि डॉन फेनोमेनन और सोमोगी इफेक्ट में अंतर को समझने के लिए या सुबह आपका ब्लड शुगर लेवल ज्यादा हाई क्यों है? यह जानने के लिए डॉक्टर आपको रात 3 बजे ब्लड शुगर चेक करने की सलाह देते हैं-
1. डॉन फेनोमेनन
अगर रात 3 बजे शुगर नॉर्मल या थोड़ी बढ़ी हुई आती है तो इसका कारण सुबह के हार्मोन्स के कारण होने वाला नेचुरल स्पाइक है।
2. सोमोगी इफेक्ट
अगर रात के 3 बजे आपकी शुगर बहुत कम या लो आती है तो इसका कारण रात में शुगर डाउन होने के बाद शरीर का रिबाउंड एक्शन होता है।

सुबह की हाई शुगर को रोकने के लिए टिप्स
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, अगर सुबह के समय फास्टिंग शुगर लेवल लगातार बढ़ी हुई आ रही है तो आप अपने रूटीन में ये बदलाव कर सकते हैं-
- रात का खाना समय पर खाएं: रात का खाना 8 बजे से पहले खा लें। डिनर में बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्ब्स लेने से बचें और प्रोटीन व फाइबर से भरपूर फूड्स शामिल करें।
- सोने से पहले हल्का स्नैक लें: अगर सुबह ब्लड शुगर बढ़ने का कारण सोमोगी इफेक्ट (रात में शुगर लो होना) है, तो सोने से 30 मिनट पहले मुट्ठी भर भुने चने, 4-5 बादाम या 1 कप बिना चीनी वाला दूध पी सकते हैं। इससे रात में शुगर लो नहीं होगा।
- डिनर के बाद वॉक: रात के खाने के तुरंत बाद सोने से बचना चाहिए। डिनर करने के 10 मिनट बाद रोजाना 15 से 20 मिनट की हल्की वॉक करने से रात में ब्लड शुगर को स्पाइक होने से रोका जा सकता है।
- रात को देर तक जागने से बचें: रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेना जरूरी है। नींद पूरी न होने से कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ता है, जो सुबह की फास्टिंग शुगर को और बढ़ा देता है। इसलिए, देर रात जागने की जगह समय पर सोने का रूटीन सेट करें।
- दवा या इंसुलिन की डोज खुद न बदलें: बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से अपनी रात की इंसुलिन या दवा की खुराक कम या ज्यादा न करें। खासकर, अगर यह सोमोगी इफेक्ट हुआ तो इंसुलिन बढ़ाने से स्थिति जानलेवा हो सकती है।
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डॉक्टर से कंसल्ट कब लें?
अगर आपकी फास्टिंग ब्लड शुगर लगातार 130 mg/dL से ज्यादा आ रही है या सुबह उठते ही सिरदर्द, ज्यादा प्यास या धुंधलापन महसूस होता है तो तुरंत अपने डायबिटीज एक्सपर्ट से कंसल्ट करें। डॉक्टर आपकी 3 महीने वाले HbA1c टेस्ट और रात की रीडिंग देखकर सही दवाओं या इंसुलिन की टाइमिंग को बदलने की सलाह दे सकते हैं या रूटीन बदलने के बारे में कह सकते हैं।
निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि रात में शुगर लेवल नॉर्मल होने के बाद भी सुबह फास्टिंग शुगर का बढ़ना डॉन फिनोमिना या सोमोगी इफेक्ट जैसी शारीरिक प्रतिक्रियाओं का नतीजा हो सकता है। इसे नजरअंदाज करने के बजाय अपने ब्लड शुगर के लेवल की नियमित मॉनिटरिंग करें और खान-पान में सुधार लाएं। इसके बाद भी अगर समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से कंसल्ट करें और उनकी सलाह पर ही दवाइयों या लाइफस्टाइल और डाइट में किसी तरह का बदलाव करें।
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FAQ
क्या टेंशन लेने से शुगर बढ़ती है?
हां, टेंशन लेने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है। जब आप तनाव में होते हैं तो शरीर फाइट या फ्लाइट मोड में चला जाता है। इससे शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन तेजी से रिलीज होते हैं।खाली पेट रहने से क्या शुगर बढ़ती है?
हां, जब आप लंबे समय तक खाली पेट रहते हैं या नाश्ता करना छोड़ देते हैं तो इससे ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा स्पाइक कर सकता है।
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Sep 17, 2026 16:25 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Sep 17, 2026 16:25 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh