डायबिटीज से पीड़ित लोगों में हाई बीपी होने का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा होता है। इसकी मुख्य वजह दोनों बीमारियों के पीछे छिपे कारण हैं, जैसे खराब खानपान, मोटापा, तनाव, शारीरिक गतिविधि की कमी और अस्वस्थ जीवनशैली। जब शरीर में ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ी रहती है, तो यह ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाने लगती है। इससे धमनियां सख्त हो जाती हैं और इससे ब्लड फ्लो प्रभावित होता है जिसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। दूसरी ओर हाई बीपी भी शरीर की ब्लड वेसल्स और हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालता है जिससे डायबिटीज के मरीजों में हार्ट डिजीज, किडनी की बीमारी और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि डॉक्टर डायबिटीज और हाई बीपी को डबल रिस्क मानते हैं और दोनों को कंट्रोल करना जरूरी है। डायबिटीज और हाई बीपी का कनेक्शन समझने के लिए हमने Dr. Vidya Tickoo, Consultant Endocrinologist & Diabetologist At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।

मोटापे से बढ़ सकती हैं दोनों समस्याएं
मोटापा डायबिटीज और हाई बीपी दोनों का बड़ा कारण माना जाता है। पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी शरीर में सूजन बढ़ाती है और हार्मोनल असंतुलन पैदा करती है। इससे ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों प्रभावित होते हैं। मोटापे से पीड़ित लोगों के हार्ट को ज्यादा मेहनत करती पड़ती है जिससे बीपी बढ़ सकता है।
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ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचता है
डायबिटीज में लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से ब्लड वेसल्स की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचता है। इससे धमनियां सख्त और संकरी होने लगती हैं। जब ब्लड फ्लो में रुकावट होती है, तो हार्ट पर ज्यादा दबाव लपड़ता है, जिससे हाई बीपी की समस्या बढ़ सकती है। यही कारण है कि असंतुलित डायबिटीज वाले लोगों में हृदय रोगों का खतरा ज्यादा होता है।
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तनाव और खराब लाइफस्टाइल भी हैं जिम्मेदार
तनाव, नींद की कमी, धूम्रपान, ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन जैसी आदतें डायबिटीज और हाई बीपी दोनों को बढ़ावा देती हैं। लंबे समय तक स्ट्रेस में रहने से शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ जाते हैं, जो बीपी और ब्लड शुगर दोनों को प्रभावित करते हैं। शारीरिक गतिविधि की कमी भी इस समस्या को गंभीर बना सकती है।
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कैसे करें बचाव?
- रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें।
- भोजन में नमक और चीनी की मात्रा सीमित रखें।
- ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त चीजें खाएं।
- वजन को कंट्रोल करें।
- धूम्रपान और अल्कोहल से दूरी बनाएं।
- नियमित रूप से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें।
- तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन अपनाएं।
निष्कर्ष:
डायबिटीज और हाई बीपी का साथ-साथ सामान्य नहींं है। इसके कारण हार्ट, किडनी और आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, संतुलित आहार लेकर और नियमित जांच कराकर इन दोनों बीमारियों को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं।
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Current Version
May 08, 2026 22:29 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 08, 2026 22:29 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Vidya Tickoo