जब आप कम ऑक्सीजन वाली जगह जैसे पहाड़ों पर यात्रा करते हैं, तो इसका शरीर पर बुरा असर पड़ता है। इससे शरीर में पानी की कमी होना शुरू हो जाता है। कई बार ऊंचाई पर जाने पर हाई बीपी के मरीजों काे सांस लेने में तकलीफ होती है। यात्रा के दौरान शरीर का तापमान अचानक बदलता है जिससे हार्ट की नसें सिकुड़ने लगती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। जब भी व्यक्ति जमीन से ऊंचाई वाली जगह जाता है, तो वहां ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस की तकलीफ होती है क्योंकि ऐसे मरीजों की शारीरिक क्षमता अधिक कमजोर होती है। ऑक्सीजन की कमी के कारण हार्ट अटैक भी आ सकता है और यात्रा में जान का जोखिम बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए यात्रा के दौरान कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है, खासकर अगर आप हाई बीपी या डायबिटीज के मरीज है। ऐसी कुछ सावधानियों के बारे में जानने के लिए हमने Dr. V. Rajasekhar, Cardiologist At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।
1. समय-समय पर बीपी मॉनिटर करें

अगर आप हाई बीपी के मरीज हैं, तो अपने साथ बीपी मॉनिटर मशीन साथ रखें और समय-समय पर बीपी रीडिंग लें। अगर सिर दर्द हो या जेट लेग महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और आराम करें। अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही यात्रा करना चाहिए।
American Heart Association में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक, यात्रा के दौरान हाई बीपी या हार्ट डिजीज के कुछ मरीजों में सडन कार्डियक डेथ का खतरा हो सकता है क्योंकि अधिक ऊंचाई पर हार्ट को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है और शरीर को ऊंचाई के मुताबिक ढलने का समय न मिले या शरीर में पानी की कमी हो जाए, तो खतरा बढ़ सकता है इसलिए अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ों पर यात्रा करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।
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2. समय पर दवा लें
यात्रा के दौरान दिनचर्या बदल जाती है जिसके कारण दवा स्किप हो सकती है। डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों को समय पर दवा लेने की सलाह दी जाती है। दवा मिस करने से तबीयत बिगड़ सकती है इसलिए यात्रा के दौरान अपनी दवा और पर्चा साथ रखें। प्लेन से यात्रा कर रहे हैं, तो हैंड लगेज या केबिन लगेज में अपने पास दवा रखना न भूलें। चाहे आप जिस भी टाइम जोन में यात्रा कर रहे हों, दवा को सही अंतराल पर लेना न भूलें।
3. पानी पीते रहें
पूरी यात्रा के दौरान हाई बीपी के मरीजों को समय-समय पर पानी पीने की सलाह दी जाती है। इस तरह शरीर को डिहाइड्रेशन से बचा सकते हैं। यात्रा के दौरान अल्कोहल और अधिक कैफीन का सेवन करने से बचें। इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है।
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4. आराम करना न भूलें
समय-समय पर आराम करना जरूरी है। लगातार सफर, भागदौड़ और थकान से बीपी बढ़ सकता है। बीच-बीच में आराम करने से यह जोखिम कम होता है। यात्रा के दौरान ट्रैफिक, भीड़ या समय की चिंता बीपी बढ़ा सकती है। कुछ देर आराम करने से स्ट्रेस घटता है।
साल 2021 में Anatolian Journal of Cardiology में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, फ्लाइट में अक्सर केबिन का दबाव आमतौर पर 5 से 8 हजार फीट की ऊंचाई के बराबर रखा जाता है। इससे ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है। इससे हार्ट और फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों को तकलीफ हो सकती है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि टेक-ऑफ, लैंडिंग, विमान का शोर और यात्रा की चिंता बीपी को प्रभावित कर सकती है।
5. यात्रा के दौरान क्या खाएं और क्या नहीं?
- यात्रा के दौरान हाई बीपी के मरीजों को ताजे फल, सब्जियां, होल ग्रेन्स, लीन प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।
- यात्रा के दौरान प्रोसेस्ड फूड्स, फ्राइड फूड्स, ज्यादा नमक वाली चीजों का सेवन करने से बचें वरना सोडियम का स्तर बढ़ सकता है और बीपी ज्यादा हो सकता है।
6. गर्म और ऊनी कपड़ों को साथ रखें
अगर आप किसी ठंडी जगह पर जा रहे हैं, तो गर्म और ऊनी कपड़ों को साथ ले जाना न भूलें। बहुत ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ सकती हैं, जिससे बीपी असंतुलित हो सकता है।
7. खाने के बीच लंबा गैप न करें
डायबिटिक और हाई बीपी के मरीजों को समय-समय पर हेल्दी डाइट लेते रहना चाहिए। दो मील्स के बीच लंबे गैप से बचना चाहिए। कुछ बीपी की दवाएं भोजन के साथ या भोजन के बाद लेने की सलाह दी जाती हैं। समय पर भोजन खाने से दवा सही तरीके से ली जा सकती है।
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किस कंडीशन में यात्रा नहीं करना चाहिए?
- अगर डायबिटीज और हाई बीपी का लेवल कंट्रोल नहीं है, तो यात्रा करने से बचना चाहिए।
- अगर हाल ही में हार्ट अटैक या स्ट्रोक आया हो, तो भी यात्रा करने से बचें।
- बीपी अगर बार-बार ऊपर-नीचे हो रहा हो, तो भी यात्रा करने से बचना चाहिए।
- प्रेग्नेंसी में हाई बीपी या प्री-एक्लेम्प्सिया हो, तो भी यात्रा करने से बचें।
साल 2023 में Tropical Diseases, Travel Medicine And Vaccines में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, 28.8% यात्रियों में हाई ब्लड प्रेशर मिला, लेकिन इनमें अधिकांश नए मामले थे। कुल 28.8% में से केवल 6.7% लोगों को पहले से हाइपरटेंशन था, जबकि 22.2% लोगों का हाई बीपी पहली बार ट्रैवल के दौरान की गई जांच से पता चला। स्टडी में यह भी बताया गया है कि यात्रा से पहले बीपी की जांच, दवाओं का सेवन और उचित तैयारी करने से यात्रा के दौरान बीपी कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
- अगर बीपी 180/110 से ज्यादा हो।
- चेस्ट पेन हो।
- हल्का सिर दर्द हो।
- आंखों से धुंधला नजर आए।
- अधिक थकान या कमजोरी होने पर डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें।
निष्कर्ष:
अगर आपको हाई बीपी या डायबिटीज है और आप यात्रा कर रहे हैं, तो कुछ सावधानियों का ख्याल रखें जैसे समय-समय पर बीपी मॉनिटर करें। अगर बीपी 180/110 से ज्यादा हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। दवाओं को समय पर लें, पानी का सेवन करना न भूलें, हेल्दी डाइट लें, कैफीन, अल्कोहल या प्रोसेस्ड फूड्स से बचें, ठंडी जगह पर यात्रा कर रहे हैं, तो गर्म और ऊनी कपड़ों को साथ रखें। दो मील्स के बीच लंबा गैप न करें, आराम करें और यात्रा में शरीर पर अधिक दबाव न हो इसलिए यात्रा से पहले शरीर को यात्रा के लिए तैयार करें। हल्की वॉक से शुरुआत कर सकते हैं।
FAQ
यात्रा के दौरान बीपी अचानक बढ़ने पर क्या करें?
शांत जगह पर बैठकर आराम करें और पानी पिएं। बीपी मॉनिटर करें, नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें।हवाई यात्रा के दौरान हाई बीपी के मरीज किन बातों का ख्याल रखें?
हवाई यात्रा के दौरान दवाओं को साथ रखें, उड़ान के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें, टाइम जोन बदलने पर भी दवा समय पर लें, चक्कर, उल्टी या अन्य असामान्य लक्षण नजर आने पर तुरंत क्रू से संपर्क करें।
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Jul 31, 2026 21:11 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr V Rajasekhar