हवाई जहाज या किसी ऊंचे पहाड़ी इलाके पर ट्रैवल के दौरान अक्सर लोगों को कान से जुड़ी आम समस्याएं हो जाती हैं। ऊंचे स्थानों पर, पहाड़ों पर या हवाई जहाज में कान बंद होने, सुनाई कम देना या कानों में प्रेशर महसूस होने जैसी समस्याएं महसूस होती हैं। कई लोगों को इस दौरान कानों में पॉप जैसी आवाज भी सुनाई देती है। यह स्थिति आमतौर पर कुछ समय के लिए होती है और अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि फ्लाइट या पहाड़ों में ट्रैवल के दौरान कान क्यों बंद हो जाते हैं। Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi का कहना है कि फ्लाइट या पहाड़ों पर कान बंद होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता है, बल्कि वातावरण के एयर प्रेशर में अचानक बदलाव के कारण होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि फ्लाइट या पहाड़ों पर कान क्यों बंद होते हैं?
कान के अंदर प्रेशर कैसे संतुलित रहता है?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि कान के अंदर 3 हिस्से होते हैं, बाहरी कान, मध्य कान और अंदरूनी कान। मध्य कान के अंदर एक पतली झिल्ली होती है, जिसे कान का पर्दा या ईयरड्रम कहा जाता है। इस पर्दे के दोनों तरफ हवा का दबाव लगभग एक जैसा होना जरूरी होता है, तभी यह नॉर्मल तरीके से कंपन करता है और हमें साफ सुनाई देता है। मध्य कान को गले के पिछले हिस्से से जोड़ने वाली एक पतली नली होती है, जिसे यूस्टेशियन ट्यूब कहा जाता है। इसका काम कान के अंदर और बाहर की हवा के प्रेशर को संतुलित रखना है। नॉर्मल स्थितियों में यह नली समय-समय पर खुलती और बंद होती रहती है, जिससे प्रेशर बराबर बना रहता है।
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फ्लाइट के दौरान कान क्यों बंद हो जाते हैं?
जब फ्लाइट उड़ान भरती है या उतरती है तो ऊंचाई तेजी से बदलती है। इसके साथ ही बाहरी वातावरण का एयर प्रेशर भी तेजी से बदल जाता है। Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि अगर यूस्टेशियन ट्यूब तुरंत इस बदलाव के अनुसार प्रेशर को संतुलित नहीं कर पाती है तो कान के पर्दे के दोनों तरफ प्रेशर में अंतर आ जाता है। इसी कारण कान बंद होने, कान में भारीपन महसूस होने, सुनाई कम देने या कानों में हल्का दर्द महसूस होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जैसे ही यूस्टेशियन ट्यूब खुलती है और प्रेशर बराबर होता है, कान में पॉप की आवाज आ सकती है और असुविधा कम हो जाती है। साल 2019 में AIMS Public Health में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार हवाई जहाज में यात्रा के दौरान कान बंद होने या उनमें दर्द होने की समस्या ऊंचाई और हवा के प्रेशर में तेजी से होने वाले बदलाव के कारण होती है।
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पहाड़ों पर भी कान क्यों बंद होते हैं?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj के अनुसार, सिर्फ फ्लाइट में ही नहीं, बल्कि पहाड़ों पर तेजी से चढ़ने या उतरने के दौरान भी एयर प्रेशर बदलता है। हालांकि यह बदलाव फ्लाइट की तुलना में धीरे-धीरे होता है, क्योंकि आप पहाड़ों की ऊंचाई पर धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं। हालांकि, सेंसिटिव लोगों में इससे भी कान बंद होने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अगर सड़क यात्रा के दौरान लगातार ऊंचाई बदल रही हो तो कुछ लोगों को कानों में प्रेशर, हल्की तकलीफ या सुनने में बदलाव की समस्या महसूस हो सकती है। साल 2023 में PLOS One में प्रकाशित रिव्यू स्टडी के अनुसार, पहाड़ों में कान बंद होने का मुख्य कारण वायुमंडलीय दबाव में कमी और ऑक्सीजन के लेवल में गिरावट है।
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कान बंद होने पर क्या करें?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj की मानें तो अगर फ्लाइट या पहाड़ों पर घूमने के दौरान कान बंद हो जाएं तो कुछ आसान उपायों से राहत मिल सकती है, जैसे-
- फ्लाइट में टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान उबासी लें और कुछ निगलें। ऐसा करने से यूस्टेशियन ट्यूब खुलती हैं। पहाड़ों पर सफर के दौरान आप कैंडी चूसने या च्युइंग गम भी चबा सकते हैं।
- फ्लाइट में टेकऑफ और लैंडिंग के समय सोने से बचें। कानों में प्रेशर बराबर बनाए रखने के लिए जागना जरूरी है।
- अपने सफर की प्लानिंग बदलें। अगर मुमकिन हो तो सर्दी, साइनस इंफेक्शन, नाक बंद होने या कान के इंफेक्शन के साथ ट्रैवल न करें।
- सफर के दौरान बार-बार जम्हाई लेने से भी कान के अंदर का प्रेशर ठीक करने में मदद मिलती है। कई बार जानबूझकर जम्हाई लेने की कोशिश करने से भी राहत मिल सकती है।
- वाल्साल्वा तकनीक अपनाएं, जिसमें नाक को हल्के से बंद करके मुंह बंद रखें और धीरे-धीरे सांस बाहर निकालने की कोशिश करें।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj की मुताबिक, ज्यादातर मामलों में कान कुछ मिनटों या घंटों के अंदर अपने आप नॉर्मल हो जाते हैं। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे या शरीर कुछ अन्य लक्षण जैसे- कान का दर्द तेज होना, कम सुनाई देना, कान से लिक्विड निकलना, चक्कर आना या संतुलन बिगड़ने की समस्या होना और कान कई दिनों तक बंद होने जैसी समस्याएं महसूस होती हैं तो इन्हें नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में एक्सपर्ट से जांच करवाना बहुत जरूरी है।
निष्कर्ष
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj का कहना है कि फ्लाइट या पहाड़ों पर कान बंद होना एक नॉर्मल शारीरिक प्रतिक्रिया है, जो वातावरण के एयर प्रेशर में बदलाव के कारण होती है। इसमें यूस्टेशियन ट्यूब प्रेशर को संतुलित करने का काम करती है, लेकिन जब यह तुरंत ऐसा नहीं कर पाती है तो कानों में भारीपन, कान बंद होने का अहसास या हल्का दर्द महसूस होने की समस्याएं हो सकती हैं।
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FAQ
उड़ान के दौरान कान बंद होने पर क्या करना चाहिए?
हवाई जहान में कान बंद होने पर तुरंत राहत पाने के लिए पानी निगले, जम्हाई लें या च्युइंग गम चबाने की कोशिश करें।उड़ान में कान के दर्द से कैसे बचें?
उड़ान के दौरान कान में दर्द से बचने के लिए च्यूइंग गम चबाएं, कैंडी चूसें और सोने से बचें।
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Jul 17, 2026 11:04 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj