Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

तला-भुना खाते ही होने लगता है पेट में दर्द? डॉक्टर से जानें कारण

तला-भुना खाना खाने के बाद पेट दर्द, गैस या एसिडिटी जैसी समस्याएं आम हैं, लेकिन ये पित्त की पथरी जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकती हैं। डॉक्टर शरद मल्होत्रा के अनुसार, पाचन संबंधी इन समस्याओं से बचने के लिए खानपान में बदलाव और समय पर जांच जरूरी है।

आजकल तला-भुना और ज्यादा तेल वाला खाना लोगों की फेवरेट डाइट का हिस्सा बन चुका है। समोसा, कचौरी, पकोड़े, फ्रेंच फ्राइज और फास्ट फूड जैसी चीजें स्वाद तो बढ़ाती हैं, लेकिन कई लोगों के लिए इन्हें खाने के बाद पेट दर्द, भारीपन, गैस, एसिडिटी, मतली या पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं। अक्सर लोग इन लक्षणों को सामान्य अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कई बार यह डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, ऑयली फूड खाने के बाद होने वाला दर्द केवल पेट में गैस बनने की वजह से नहीं होता। इसके पीछे पित्ताशय यानी गॉलब्लैडर में पथरी, एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस, अग्न्याशय यानी पैंक्रियाज की समस्या, अपच या फैटी फूड को पचाने में शरीर की परेशानी जैसे कई कारण हो सकते हैं।

तला-भुना खाने के बाद पेट में दर्द का कारण

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं, ''फैट से भरपूर भोजन को पचाने में शरीर को सामान्य भोजन की तुलना में ज्यादा समय और ज्यादा पाचन एंजाइमों की जरूरत होती है। जब हम ज्यादा तेल वाला भोजन खाते हैं, तो पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है और पाचन की प्रोसेस धीमी हो जाती है। इसके कारण पेट में भारीपन, दर्द, गैस और बेचैनी की शिकायत हो सकती है। जिन लोगों की पाचन क्षमता पहले से कमजोर होती है, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।''

1. पित्ताशय (Gallbladder) की समस्या

डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, यदि तला-भुना खाना खाने के कुछ समय बाद पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में तेज दर्द होता है, तो यह पित्ताशय की पथरी या गॉलब्लैडर की अन्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। फैट से भरा भोजन खाने के बाद पित्ताशय ज्यादा मात्रा में पित्त छोड़ता है, जिससे पहले से मौजूद पथरी दर्द का कारण बन सकती है। यह दर्द कई बार पीठ या कंधे तक भी फैल सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

2. एसिडिटी, गैस्ट्राइटिस और अल्सर

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि तेल और मसाले वाला भोजन पेट में एसिड के प्रोडक्शन को बढ़ा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को पहले से गैस्ट्राइटिस, एसिड रिफ्लक्स (GERD) या पेट के अल्सर की समस्या है, तो ऑयली फूड खाने के बाद जलन, पेट दर्द, खट्टी डकारें और सीने में जलन बढ़ सकती है।

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साल 2016 में Advanced Biomedical Research में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, कई मरीज बताते हैं कि खाना खाने के बाद, खासकर ज्यादा फैट वाले भोजन के बाद, उनकी अपच, पेट भारी लगना, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। अब तक इस संबंध में सीमित स्टडी हुई हैं, लेकिन उपलब्ध रिसर्च बताती हैं कि ज्यादा फैट वाला भोजन इन लक्षणों को बढ़ा सकता है। वहीं, कम फैट वाले फूड्स अपनाने से कुछ मरीजों में राहत मिल सकती है। हालांकि, इस बात की पुष्टि के लिए बड़े स्तर पर और ज्यादा रिसर्च की जरूरत है, ताकि यह समझा जा सके कि खानपान का इन लक्षणों पर कितना प्रभाव पड़ता है और कम फैट वाली डाइट कितनी फायदेमंद हो सकती है।

Pain After Eating Oily Food

3. पैनक्रियाज से जुड़ी समस्या

डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, कुछ मामलों में ऑयली फूड खाने के बाद तेज पेट दर्द अग्न्याशय यानी पैनक्रियाज की सूजन का संकेत भी हो सकता है। पैनक्रियाज फैट को पचाने वाले एंजाइम बनाता है। यदि इसमें सूजन या कोई अन्य समस्या हो, तो फैटयुक्त भोजन खाने के बाद पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द, उल्टी और मतली की शिकायत हो सकती है।

साल 2022 में Springer Nature के Drugs journal में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस (Acute Pancreatitis) पैंक्रियाज में होने वाली अचानक सूजन है। इसमें मरीज को पेट में तेज दर्द होता है और शरीर के कई अंगों के फंक्शन प्रभावित हो सकते हैं। गंभीर मामलों में पैंक्रियाज के टिश्यू खराब हो सकते हैं (पैंक्रियाटिक नेक्रोसिस) और अंगों का लंबे समय तक सही तरीके से काम न करना (पर्सिस्टेंट ऑर्गन फेल्योर) जैसी स्थिति बन सकती है। इस बीमारी से मृत्यु का जोखिम लगभग 1% से 5% तक होता है। दुनियाभर में हर साल लगभग 1 लाख लोगों में 30 से 40 लोगों को एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस होता है।

दर्द से बचने के लिए क्या करें?

डॉ. शरद मल्होत्रा का कहना है कि यदि आपको अक्सर ऑयली फूड खाने के बाद पेट में दर्द होता है, तो सबसे पहले अपने खानपान में बदलाव करें। तले-भुने और ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन सीमित करें। भोजन को छोटे-छोटे हिस्सों में खाएं और खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और फाइबर युक्त फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें। नियमित एक्सरसाइज भी डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है। यदि दर्द लगातार बना रहे या बार-बार हो, तो बिना देरी किए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह लें।

निष्कर्ष

तला-भुना भोजन खाने के बाद पेट में दर्द को केवल सामान्य गैस या अपच समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। यह गॉलब्लैडर की पथरी, गैस्ट्राइटिस, एसिडिटी, पैनक्रियाज की समस्या या अन्य पाचन संबंधी डिजीज का संकेत हो सकता है। यदि यह परेशानी बार-बार हो रही है या दर्द तेज है, तो समय रहते डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

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FAQ

  • क्या ऑयली खाने से एसिडिटी बढ़ती है?

    ज्यादा तेल और मसाले वाला भोजन एसिडिटी और GERD के लक्षणों को बढ़ा सकता है। जिन लोगों में ये समस्या पहले से है उन्हें ऐसे खाने से परहेज करना चाहिए।
  • 1 दिन में कितना तेल खा सकते हैं?

    तेल का कितना सेवन करना चाहिए यह व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना 15 से 20 ग्राम यानी लगभग 3 से 4 छोटे चम्मच से अधिक तेल या घी का सेवन नहीं करना चाहिए।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 16, 2026 19:26 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra

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