पित्त की पथरी होने का कारण खराब खान-पान, तली-भुनी चीजों का ज्यादा खाना और अनहेल्दी लाइफस्टाइल हो सकता है। पित्त की पथरी में सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि काफी समय तक लोगों को इसके लक्षणों की ही पहचान नहीं हो पाती। कई बार लोग पेट दर्द, गैस या बदहजमी जैसी शिकायतों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है। हमने Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology at VNA Hospital, Delhi से बात की।
पित्त की पथरी का इलाज न कराने से 5 गंभीर समस्याएं
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “पित्त की पथरी के शुरुआती लक्षण काफी हल्के होते हैं और इस वजह से लोग देरी से इलाज कराते हैं या नहीं कराते। समय पर इलाज न होने पर यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है।”
गॉल ब्लैडर में सूजन का रिस्क
Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “जब पथरी गॉल ब्लैडर की नली में फंस जाती है, तो पित्त का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता। इससे गॉल ब्लैडर के अंदर प्रेशर बनने लगता है और इससे सूजन बढ़ सकती है। इसे एक्यूट कोलेसिस्टाइटिस कहा जाता है। इस दौरान मरीज को पेट के दाहिने हिस्से में तेज दर्द, उल्टी और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर समय पर इलाज न मिले, तो गॉल ब्लैडर में मवाद भर सकता है और इंफेक्शन तेजी से फैल सकता है।”

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पीलिया होना
Dr. Vineet Malhotra ने कहा, “कई बार पथरी खिसककर मुख्य ब्लैडर की नली में पहुंच जाती है। इससे लिवर से निकलने वाला पित्त आंतों तक नहीं पहुंच पाता और खून में मिलने लगता है। ऐसी स्थिति में मरीज को पीलिया हो सकता है। पीलिया होने पर आंखें और स्किन पीली दिखाई देने लगती है। पेशाब का रंग गहरा पीला हो सकता है और शरीर में खुजली होने लगती है। अगर पीलिया का समय पर इलाज न हो, तो इससे लिवर पर असर पड़ सकता है।”
पैंक्रियाटाइटिस में परेशानी
Dr. Vineet Malhotra के अनुसार, “पित्त की पथरी की सबसे खतरनाक जटिलता पैंक्रियाटाइटिस है। जब पथरी पैंक्रियास की नली के रास्ते को ब्लॉक कर देती है, तो खाना पचाने वाले एंजाइम बाहर नहीं निकल पाते और पैंक्रियास में ही सूजन पैदा करने लगते हैं। इस कंडीशन में मरीज को बहुत तेज दर्द, उल्टी और कमजोरी महसूस होने लगती है। कई मामलों में तो मेडिकल इमरजेंसी भी हो सकती है।”
गॉल ब्लैडर के फटने का रिस्क
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “अगर लंबे समय तक गॉल ब्लैडर में सूजन बनी रहे, तो उसकी दीवारें कमजोर होने लगती हैं। धीरे-धीरे वहां गैंग्रीन जैसी स्थिति बन सकती है और गॉल ब्लैडर फट भी सकता है। ऐसा होना पर संक्रमित पित्त और मवाद पेट में फैल जाता है, जिससे पेरिटोनाइटिस हो सकता है। इस कंडीशन में शरीर के अन्य अंगों पर भी असर पड़ सकता है।
लंबे समय तक पथरी रहने से कैंसर का खतरा
Dr. Vineet Malhotra ने कहा, “ जब कई सालों तक गॉल ब्लैडर में पथरी बनी रहती है, तो वहां के सेल्स में असामान्य बदलाव हो सकते हैं, जो भविष्य में पित्त के कैंसर का कारण बन सकते हैं। हालांकि, यह कंडीशन काफी कम मामलों में देखने को मिलती है, लेकिन लंबे समय तक इसके लक्षणों का इग्नोर करना कैंसर का रिस्क भी बढ़ा सकता है।”
पित्त की पथरी के लक्षण
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं कि अगर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से या पसलियों के नीचे अचानक तेज दर्द हो, तो तुरंत चेकअप कराना चाहिए। भारी या ऑयली फूड्स के बाद पेट में दर्द बढ़ना, गैस बनना, लगातार मतली या उल्टी होना भी पित्त की पथरी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, बुखार आना, ठंड लगना या आंखों में पीलापन दिखना गंभीर कंडीशन का संकेत हो सकता है।
निष्कर्ष
Dr. Vineet Malhotra जोर देते हुए कहते हैं कि अगर किसी को भी लक्षण महसूस हो, तो अल्ट्रासाउंड करवाकर तुरंत इलाज कराना चाहिए। सही समय पर चेकअपर और इलाज करने से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
FAQ
बिना ऑपरेशन के केवल घरेलू नुस्खों (जैसे नींबू पानी या जैतून का तेल) से पित्त की पथरी की जटिलताओं से बचा जा सकता है?
घरेलू नुस्खे या गॉलब्लैडर फ्लश जैसी चीजें पथरी को पिघला नहीं सकतीं। बल्कि, तेल या नींबू पानी पीने से गॉलब्लैडर में तेज संकुचन होता है, जिससे पथरी खिसककर नली में फंसने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। पित्त की पथरी का एकमात्र स्थायी इलाज लेप्रोस्कोपिक सर्जरी ही है।क्या होम्योपैथी या आयुर्वेद में पित्त की पथरी को गलाने का कोई सुरक्षित इलाज है?
किडनी की पथरी यूरिन के रास्ते निकल जाती है, इसलिए दवाओं से उसका इलाज संभव है। लेकिन गॉलब्लैडर की बनावट अलग होती है। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि एक बार जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल या पिगमेंट जमकर कड़ा पत्थर बन जाता है, तो उसे पूरी तरह पिघलाना लगभग असंभव होता है।
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Current Version
May 20, 2026 11:58 IST
Modified By : Aneesh Rawat May 20, 2026 11:58 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra