Wed Oct 7, 2026 | 06:59 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

क्या पित्ताशय की पथरी बिना सर्जरी के ठीक हो सकती है? डॉक्टर से जानें

पित्त की पथरी का इलाज पथरी के आकार, संख्या और लक्षणों पर निर्भर करता है। डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, यह आमतौर पर अपने आप खत्म नहीं होती है, ऐसे में मरीज की स्थिति को देखकर सही निर्णय लिया जाता है।
क्या पित्ताशय की पथरी बिना सर्जरी के ठीक हो सकती है? डॉक्टर से जानेंक्या पित्ताशय की पथरी बिना सर्जरी के ठीक हो सकती है? डॉक्टर से जानें

पित्त की पथरी एक ऐसी समस्या है, जो आजकल हर उम्र के लोगों में देखने को मिल रही है। कई बार लोगों को इसका पता तब चलता है, जब किसी अन्य कारण से अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। वहीं, कुछ मरीजों में अचानक पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज दर्द, मतली, उल्टी, गैस, अपच और भोजन के बाद भारीपन जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर पित्त की पथरी को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं। कुछ लोग घरेलू नुस्खों, हर्बल दवाओं या खास डाइट के जरिए पथरी को खत्म करने की बात करते हैं, जबकि कई मरीज सर्जरी के नाम से घबराकर ऐसे उपायों पर भरोसा करने लगते हैं। आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा का कहना है कि हर मरीज की स्थिति अलग होती है और इलाज का निर्णय पथरी के आकार, संख्या, प्रकार और उससे होने वाले लक्षणों के आधार पर लिया जाता है।

क्या पित्त की पथरी बिना सर्जरी के ठीक हो सकती है?

डॉ. शरद मल्होत्रा पित्त की पथरी गॉलब्लैडर यानी पित्ताशय में बनने वाले कठोर कण होते हैं, जो मुख्य रूप से कोलेस्ट्रॉल, बिलीरुबिन और पित्त में मौजूद अन्य पदार्थों से बनते हैं। इनका आकार रेत के दाने जितना छोटा या गोल्फ बॉल जितना बड़ा भी हो सकता है। डॉक्टर शरद का कहना है कि महिलाओं में पित्त की पथरी की समस्या पुरुषों के मुकाबले ज्यादा देखने को मिलती है। कई लोगों में यह बिना किसी लक्षण के सालों तक मौजूद रहती है, जबकि कुछ मरीजों में अचानक तेज दर्द और सूजन का कारण बन सकती है।

डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में पित्त की पथरी अपने आप खत्म नहीं होती। यदि पथरी छोटी है और किसी तरह की परेशानी नहीं दे रही है, तो डॉक्टर केवल नियमित निगरानी की सलाह दे सकते हैं। कुछ खास मामलों में दवाओं के जरिए कोलेस्ट्रॉल वाली छोटी पथरी को धीरे-धीरे घोलने की कोशिश की जाती है, लेकिन यह प्रोसेस लंबी होती है और हर मरीज में सफल नहीं होती। इसके अलावा, दवा बंद करने के बाद दोबारा पथरी बनने का खतरा भी बना रहता है।

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किन परिस्थितियों में सर्जरी जरूरी हो जाती है?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि यदि मरीज को बार-बार पेट के दाईं ओर तेज दर्द, बुखार, उल्टी या गॉलब्लैडर में सूजन जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो सर्जरी सबसे प्रभावी इलाज मानी जाती है। डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, बार-बार होने वाले लक्षण फ्यूचर में गंभीर समस्याओं जैसे इंफेक्शन, पैंक्रियाटाइटिस या पित्त नली में रुकावट का कारण बन सकते हैं। ऐसी स्थिति में केवल घरेलू उपायों या दवाओं पर निर्भर रहना सही नहीं होता।

साल 2026 में Harvard Health Publishing में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पित्त की पथरी का इलाज तभी जरूरी होता है जब वे दर्द या परेशानी का कारण बनें। पित्ताशय को निकालने के लिए पारंपरिक बड़ी चीरे वाली सर्जरी की जगह मॉडर्न 'लैप्रोस्कोपिक सर्जरी' का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें छोटे चीरों के जरिए दूरबीन से ऑपरेशन होता है, जिससे मरीज बहुत जल्दी ठीक हो जाता है और उसे अस्पताल में ज्यादा रुकना भी नहीं पड़ता। सबसे अच्छी बात यह है कि इंसान बिना गॉलब्लैडर यानी पित्ताशय के भी एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकता है। हमारे लिवर में बनने वाला पित्त (bile) सीधे छोटी आंत में पहुंचकर भोजन पचाने का काम जारी रखता है। कभी-कभी ऑपरेशन के बाद शुरुआत में दस्त जैसी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है, जिसे दवाओं की मदद से आसानी से ठीक किया जा सकता है। इसलिए, डॉक्टर की सलाह से सही समय पर इसका इलाज कराना पूरी तरह सुरक्षित है।

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क्या घरेलू नुस्खों से पथरी निकल सकती है?

सोशल मीडिया पर कई तरह के घरेलू नुस्खों के दावे किए जाते हैं, लेकिन इनके समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। डॉ. शरद मल्होत्रा का कहना है कि ऐसे उपाय पथरी को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने में सक्षम साबित नहीं होते हैं। कई बार इन पर भरोसा करने से सही इलाज में देरी हो सकती है और बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

पित्त की पथरी से बचाव के लिए क्या करें?

डॉ. शरद मल्होत्रा का कहना है कि हर प्रकार की पथरी को रोका नहीं जा सकता, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर जोखिम को कम किया जा सकता है। बैलेंस डाइट लें, ताजे फल और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं, नियमित एक्सरसाइज करें और वजन को कंट्रोल रखें। बहुत तेजी से वजन घटाने से भी पित्त की पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए धीरे-धीरे और हेल्दी तरीके से वजन कम करना बेहतर माना जाता है। पर्याप्त पानी पीना और ज्यादा तली-भुनी व फैट वाली चीजों का सेवन सीमित करना भी फायदेमंद हो सकता है।

निष्कर्ष

पित्त की पथरी हर मरीज में एक जैसी नहीं होती, इसलिए इसका इलाज भी व्यक्ति की स्थिति के अनुसार तय किया जाता है। यदि पथरी बिना लक्षण की है, तो कई मामलों में केवल निगरानी पर्याप्त हो सकती है लेकिन यदि बार-बार दर्द, इंफेक्शन या अन्य समस्याएं हो रही हैं, तो सर्जरी सबसे सुरक्षित और प्रभावी मानी जाती है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं या घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने के बजाय गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जांच कराना सही होता है।

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FAQ

  • क्या पित्त की पथरी खतरनाक हो सकती है?

    यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह इंफेक्शन, पित्त नली में रुकावट या पैनक्रियाज में सूजन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है।
  • पित्त की पथरी के लक्षण क्या हैं?

    पित्त की पथरी होने पर व्यक्ति को पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द, मतली, अपच, भोजन के बाद भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 16, 2026 18:42 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra