दिल की धड़कन को दो उंगलियों से महसूस करके पल्स चेक करना एक आसान और सामान्य तरीका माना जाता है। कई लोग कलाई या गर्दन पर उंगलियां रखकर यह जानने की कोशिश करते हैं कि उनका दिल सामान्य तरीके से धड़क रहा है या नहीं। इसे पल्स टेस्ट कहते हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर भी अक्सर यह दावा किया जाता है कि दो उंगलियों से किया जाने वाला पल्स टेस्ट दिल की बीमारी का संकेत दे सकता है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या सिर्फ पल्स चेक करके हार्ट प्रॉब्लम का पता लगाया जा सकता है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने Dr. M. Sheetal Kumar,Consultant Physicians And Diabetologists At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।
पल्स रेट से हार्ट की बीमारी का पता नहीं चलता

दो उंगलियों से पल्स चेक करके यह समझने में मदद मिलती है कि कहींं दिल की धड़कन तेज, धीमी या अनियमित तो नहीं लग रही है? हालांंकि इससे हार्ट डिजीज की पुष्टि नहीं की जा सकती। सामान्य पल्स होने का मतलब यह नहीं है कि दिल पूरी तरह स्वस्थ है, और असामान्य पल्स होने का मतलब हमेशा कोई गंभीर बीमारी भी नहीं होती। स्ट्रेस, शरीर में पानी की कमी, बुखार, एंग्जायटी, थायराइड की समस्या या कुछ दवाइयां भी पल्स रेट और उसकी रिदम को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए इस टेस्ट को केवल शुरुआती संकेत या स्क्रीनिंग के रूप में देखना चाहिए न कि पक्के इलाज के रूप में।
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पल्स टेस्ट के फायदे
- यह घर पर आसानी से किया जाने वाला टेस्ट है।
- दिल की धड़कन तेज, धीमी या अनियमित है या नहीं इसका अंदाजा लगाने में मदद मिलती है।
- शरीर की फिटनेस और हार्ट हेल्थ की शुरुआती जानकारी मिल सकती है।
- एक्सरसाइज के दौरान हार्ट रेट मॉनिटर करने में मदद मिलती है।
- स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन या कमजोरी के संकेत समझने में मदद कर सकता है।
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डॉक्टर से संपर्क कब करें?
अगर किसी व्यक्ति को बार-बार दिल की धड़कन रुक-रुक कर महसूस हो, पल्स बहुत तेज लगे, सीने में दर्द हो, सांस फूलने लगे, चक्कर आए या बेहोशी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। कई मामलों में डॉक्टर ECG, ब्लड टेस्ट या अन्य हार्ट टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं ताकि असली कारण का पता लगाया जा सके।
निष्कर्ष:
दो उंगलियों से पल्स चेक करके दिल की अनियमित धड़कन का अंदाजा लगता है, लेकिन इससे हार्ट की बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता। यह हार्ट हेल्थ के प्रति जागरूक रहने के लिए जरूरी है न कि हार्ट की समस्या के इलाज में उपयोगी है।
FAQ
पल्स रेट क्या होता है?
पल्स रेट यानी एक मिनट में दिल कितनी बार धड़कता है। इसे आमतौर पर कलाई या गर्दन पर उंगलियां रखकर महसूस किया जाता है। एक स्वस्थ वव्यक्ति की सामान्य पल्स रेट 60 से 100 बीट प्रति मिनट के बीच मानी जाती है।पल्स रेट ज्यादा होने का क्या मतलब है?
पल्स रेट ज्यादा होने का मतलब है कि दिल सामान्य से अधिक तेजी से धड़क रहा है। आराम की स्थिति में अगर दिल की धड़कन 100 बीट प्रति मिनट से ज्यादा हो, तो इसे हाई पल्स रेट कहते हैं।
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Current Version
May 18, 2026 17:39 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 18, 2026 17:39 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr M Sheetal Kumar