Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Jayaditya Ghosh , Consultant Endocrinologist

क्या तेज गर्मी बढ़ा सकती है डायबिटीज रोगियों की परेशानी? डॉक्टर से जानें हीटवेव का असर

भीषण गर्मी के मौसम में हीटवेव के दौरान ब्लड शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है और डायबिटीज मरीजों को अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।

तेज गर्मी और बढ़ता तापमान आजकल केवल मौसम की समस्याएं नहीं हैं, बल्कि ये कई कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म दे सकते हैं। खासकर, डायबिटीज के मरीजों के लिए ज्यादा गर्मी (Extreme Heat) एक बड़ा खतरा बन सकती है। इस मौसम में शरीर का तापमान कंट्रोल करने के लिए ज्यादा पसीना आता है, जिससे डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की समस्या बढ़ जाती है। इसका सीधा असर ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है, जिससे यह कभी बहुत ज्यादा बढ़ सकता है या कभी अचानक कम भी हो सकता है। इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. जयादित्य घोष से जानिए, क्या ज्यादा गर्मी डायबिटीज की समस्याओं को बढ़ा सकती है?

तेज गर्मी का डायबिटीज रोगियों पर असर

डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि गर्मी के मौसम में डायबिटीज मरीजों को अपनी लाइफस्टाइल और खानपान पर खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। ज्यादा गर्मी शरीर में डिहाइड्रेशन पैदा करती है, जिससे ब्लड शुगर का लेवल बढ़ या घट सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो किडनी को ज्यादा ग्लूकोज बाहर निकालने में कठिनाई होती है। इससे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है।

इसके अलावा, गर्मी में इंसुलिन का फंक्शन भी प्रभावित हो सकता है, जिससे दवाओं का असर कम या अनियमित हो सकता है। कुछ मामलों में तेज गर्मी लो ब्लड शुगर का भी कारण बन सकती है, खासकर जब मरीज कम खाना खा रहा हो या ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी कर रहा हो। डायबिटीज मरीजों को गर्मियों में कुछ खास लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए जैसे ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, चक्कर आना, कमजोरी, धुंधला दिखाई देना और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना। यदि ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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साल 2025 में Frontiers in Public Health Journal में प्रकाशित रिसर्च आर्टिकल के मुताबिक, बदलते मौसम और बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड का सीधा असर डायबिटीज के मरीजों पर पड़ता है। इससे उनकी हालत बिगड़ने और यहां तक कि मौत का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। तापमान में बदलाव का ब्लड शुगर और इंसुलिन पर क्या असर होता है, इस पर और रिसर्च की जरूरत है।

बचाव के आसान उपाय

डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि गर्मियों में डायबिटीज मरीजों को पर्याप्त पानी पीना चाहिए ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।

  • हल्का और बैलेंस डाइट लेना, ज्यादा तले-भुने भोजन से बचना और नियमित रूप से ब्लड शुगर मॉनिटर करना बेहद जरूरी है।
  • दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और हल्के, ढीले कपड़े पहनें।
  • दवाओं और इंसुलिन को सही तापमान में स्टोर करना भी जरूरी है, क्योंकि गर्मी में उनकी प्रभावशीलता कम हो सकती है।

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can extreme heat trigger diabetes complications

डॉक्टर की सलाह

डॉ. जयादित्य घोष सलाह देते हैं कि बुजुर्ग डायबिटीज मरीज, लंबे समय से इंसुलिन लेने वाले मरीज और जिनका ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं रहता, उन्हें गर्मी में ज्यादा जोखिम होता है। इसके अलावा दिल और किडनी की बीमारी वाले डायबिटीज मरीजों को भी खास सावधानी रखनी चाहिए।

निष्कर्ष

ज्यादा गर्मी डायबिटीज मरीजों के लिए कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकती है, लेकिन सही देखभाल और सावधानी से इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित जांच, पर्याप्त हाइड्रेशन और डॉक्टर की सलाह का पालन करके गर्मियों में भी डायबिटीज को कंट्रोल रखा जा सकता है।

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FAQ

  • गर्मी में ब्लड शुगर क्यों बढ़ जाता है?

    गर्मी में डिहाइड्रेशन और किडनी फंक्शन प्रभावित होने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
  • प्रेग्नेंसी में शुगर बढ़ने के क्या लक्षण हैं?

    प्रेग्नेंसी में शुगर बढ़ने पर अक्सर ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, मुंह सूखना, बहुत थकान महसूस होने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
  • शुगर में ठंडा पीना चाहिए कि नहीं?

    डायबिटीज में ठंडा पानी पी सकते हैं लेकिन रूम टेम्परेचर का पानी पीना सेहत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। 

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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