Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr V Rajasekhar , Senior Consultant – Interventional Cardiology & Electrophysiology | Certified TAVR Operator | Clinical Director

सीने में दर्द कब हार्ट अटैक का संकेत है? कार्डियोलॉजिस्ट से जानें

सीने में दर्द एक तरह की बेचैनी है, जिसे आप द‍िल के करीब, गर्दन और पेट के ऊपरी भाग के बीच कहीं भी महसूस कर सकते हैं। यह दर्द हमेशा सामान्‍य नहीं होता। जानते हैं सीने में दर्द कब हार्ट की समस्‍या बन सकती है?

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सीने में दर्द होने पर बहुत से लोगों को यह डर लगता है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ रहा है। हालांकि, सीने में दर्द के कई संभावित कारण हो सकते हैं। कुछ कारण आपकी सेहत के लिए खतरनाक नहीं होते, जबकि कुछ कारण गंभीर होते हैं और कुछ मामलों में जानलेवा भी हो सकते हैं। सीने में दर्द कब हार्ट से संबंध‍ित है या नहीं, यह समझने के ल‍िए हमने Dr. V. Rajasekhar, Senior Consultant Interventional Cardiology & Electrophysiology, Certified TAVR Operator & Clinical Director At Yashoda Hospitals, Hitec City से बात की।

छाती का दर्द दिल से कब जुड़ा होता है?

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  • जब दर्द अचानक और तेज हो।
  • साथ में सांस फूलना।
  • पसीना आना।
  • उल्‍टी जैसा लगे, खासकर शारीर‍िक श्रम करने पर।

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हार्ट की समस्‍या होने पर सीने में कैसे लक्षण महसूस होते हैं?

  • दबाव होना।
  • जकड़न होना।
  • भारीपन महसूस होना, जैसे छाती पर कोई भारी चीज रखी हो।
  • छाती के बीच में भी दर्द हो सकता है।

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हार्ट पेन गंभीर कब होता है?

Harvard Medical School के मुताब‍िक, अगर सीने, ऊपरी पीठ, बाईं हाथ या जबड़े में दर्द या बेचैनी महसूस हो या आप अचानक बेहोश हो जाएं या आपको ठंडा पसीना आए, जी मिचलाए या उल्टी हो, तो तुरंत किसी डॉक्टर के पास जाएं। सीने का दर्द एक गंभीर मामला है। अगर आपको लगता है कि आपका दर्द दिल के दौरे की वजह से हो सकता है, तो तुरंत कदम उठाएं। जितनी जल्दी जांच होगी, उतनी ही जल्दी हार्ट को गंभीर नुकसान से बचा पाएंगे।

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सीने में दर्द के कारण

हार्ट की समस्‍याएं

MedlinePlus के मुताब‍िक, अगर सीने में दर्द हार्ट की समस्‍या के कारण हो रहा है, तो ये कारण हो सकते हैं-

  • एंजाइना
  • हार्ट अटैक
  • एओर्टिक डिसेक्शन (Aortic Dissection)
  • पेरिकार्डिटिस (Pericarditis)
  • दिल की मांसपेशियों में सूजन (Myocarditis)

फेफड़ों की समस्याएं

  • फेफड़े में खून का थक्का जमना (Pulmonary Embolism)
  • फेफड़े का सिकुड़ना (Pneumothorax)
  • निमोनिया के कारण सीने में तेज दर्द हो सकता है
  • फेफड़े के चारों ओर की परत में सूजन (Pleurisy)

पाचन तंत्र की समस्याएं

  • भोजन नली (Esophagus) में ऐंठन या उसका सिकुड़ जाना
  • पित्त की पथरी (Gallstones)
  • सीने में जलन या गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स (GERD)
  • पेट का अल्सर या गैस्ट्राइटिस

सीने में दर्द के अन्य कारण

  • पैनिक अटैक, जो अक्सर तेज़ सांस लेने के साथ होता है
  • पसलियों और सीने की हड्डी के जोड़ वाली जगह पर सूजन
  • शिंगल्स (Shingles)
  • पसलियों के बीच की मांसपेशियों और टेंडन में खिंचाव
  • हार्टबर्न
  • चेस्‍ट इंफेक्‍शन
  • मसल्‍स की समस्‍या

एंग्‍जाइटी में भी सीने में दर्द हो सकता है

British Heart Foundation के मुताब‍िक, एंग्‍जाइटी होने पर भी सीने में दर्द महसूस हो सकता है। एंग्‍जाइटी होने पर सीने में कसाव महसूस हो सकता है और ऐसा लग सकता है जैसे द‍िल तेज धड़क रहा है। एंग्‍जाइटी में व्‍यक्‍त‍ि की सांस भी फूल सकती है और चक्‍कर जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

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एंजाइना, हार्ट अटैक और सामान्‍य स्‍थि‍त‍ि में हार्ट पेन में अंतर

एंजाइना में कैसा हार्ट पेन होता है?

Mayo Clinic के मुताब‍िक, हार्ट की समस्‍या के लक्षण को एंजाइना कहते हैं। एंजाइना की गंभीरता, अवध‍ि और प्रकार अलग-अलग हो सकते हैं। एंजाइना में हार्ट पेन होने पर ये लक्षण महसूस होते हैं-

  • एंजाइना का दर्द होने पर सीने मे भारीपन महसूस होता है।
  • एंजाइना में चलने पर भी हार्ट पेन होता है।

हार्ट अटैक में कैसा हार्ट पेन होता है?

  • कई मामलों में हार्ट अटैक का दर्द बहुत तेज होता है लेकिन डायबिटीज रोगियों में कई बार दर्द बहुत हल्का या लगभग न के बराबर भी हो सकता है।
  • दर्द सीने के बाईं या मध्य में होता है।
  • दर्द इतना ज्‍यादा होता है क‍ि मरीज को पसीना आ जाता है।
  • उल्‍टी भी हो सकती है।
  • साथ ही बीपी लो हो जाता है।
  • हार्ट अटैक में बैठे-बैठे भी हार्ट पेन हो सकता है।
  • जब हार्ट अटैक आता है, तो इसका अर्थ यह होता है क‍ि हार्ट की ट्यूब में ब्‍लॉकेज था और उसके ऊपर मौजूद मेम्‍ब्रेन फटने के कारण क्‍लॉट बना और अटैक आया। इस स्‍थि‍त‍ि में मरीज को तुरंत हॉस्‍प‍िटल ले जाना चाह‍िए।

हार्ट अटैक के अन्‍य लक्षण

Mayo Clinic के मुताब‍िक, हार्ट अटैक होने पर आमतौर पर 15 मिनट से ज्‍यादा समय तक सीने में दर्द होता है। सीने का दर्द हल्का या तेज हो सकता है। हार्ट अटैक के अन्‍य लक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं-

  • सीने में दर्द। यह दबाव, कसाव, दर्द, जकड़न या टीस जैसा महसूस हो सकता है। सीने का दर्द रुक-रुककर हो सकता है।
  • शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द।
  • सांस लेने में दिक्कत।
  • घबराहट।
  • हल्का सिरदर्द या अचानक चक्कर आना।
  • पसीना आना।
  • सीने में जलन या अपच।

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हार्ट संबंध‍ित समस्‍याओं का खतरा किसे ज्यादा होता है?

  • स्मोकिंग करने वाले लोग
  • डायबिटि‍क लोग
  • हाई BP के मरीज
  • मोटापे से पीड़ि‍त लोग
  • फैमिली हिस्ट्री वाले लोग

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सामान्‍य स्‍थ‍ित‍ि में सीने में दर्द कैसा होता है?

  • ज्‍यादा तेज दर्द नहीं होता है।
  • सामान्‍य सीने में दर्द केवल बाईं ओर हो ऐसा जरूरी नहीं है, दर्द दाईं ओर भी हो सकता है।

दर्द के कारण की पुष्‍ट‍ि कैसे करें?

  • हार्ट पेन होने पर हॉस्‍प‍िटल जाएं।
  • हॉस्‍प‍िटल में ज्‍यादातर दो तरह के टेस्‍ट क‍िए जाते हैं।
  • ECG, ब्‍लड टेस्‍ट (ट्रोपोनीन), स्ट्रेस टेस्ट, इकोकार्डियोग्राफी या एंजियोग्राम से हार्ट की समस्‍या का पता लगाया जाता है।

हार्ट से संबंध‍ित समस्‍या का इलाज

  • हार्ट से संबंध‍ित दर्द के ल‍िए दवाएं दी जाती हैं।
  • इसके अलावा एंज‍ियोप्‍लास्‍टी की जाती है।
  • स्‍टेंट या बाईपास सर्जरी भी की जाती है, यह मरीज की स्‍थ‍ित‍ि पर न‍िर्भर करता है।

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सीने में दर्द होने पर तुरंत क्या करें?

  • एंबुलेंस को कॉल करें और जल्द से जल्द नजदीकी हॉस्पिटल पहुंचें
  • डॉक्‍टर से संपर्क करें
  • दवाएं लें (आमतौर पर ऐसी स्थिति में 325 Mg एस्पिरिन लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसे डॉक्टर की सलाह से लेना ज्यादा बेहतर होगा)
  • शांत रहें
  • ढीले कपड़े पहनें।

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हार्ट अटैक के बाद का पहला घंटा होता है 'गोल्डन ऑवर’

हार्ट अटैक के बाद का पहला घंटा गोल्‍डन ऑवर कहलाता है। यह वही समय होता है जब समय पर इलाज म‍िलने से जान बचने की संभावना सबसे ज्‍यादा होती है और हार्ट को नुकसान कम क‍िया जा सकता है।

गोल्डन ऑवर के दौरान क्‍या करें?

  • तुरंत एम्बुलेंस को कॉल करें
  • मरीज को आराम से बैठाएं, घबराने न दें
  • डॉक्टर की सलाह हो, तो एस्पिरिन चबाने दें
  • अस्पताल पहुंचने में देरी न करें

डॉक्टर को कब दिखाएं?

  • अगर दर्द पांच से दस म‍िनट से ज्‍यादा हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।
  • बार-बार दर्द महसूस होने पर गौर करें।
  • दर्द का कारण समझ न आने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें।

न‍िष्‍कर्ष:

अगर हार्ट के मरीज नहीं हैं, तो भी आपको हार्ट अटैक आ सकता है क्‍योंक‍ि कई बार हार्ट में ब्‍लॉकेज का पता नहीं चल पाता है इसल‍िए समय-समय पर जांच कराएं। साथ ही हार्ट में क‍िसी भी तरह के दर्द को नजरअंदाज न करें और तुरंत जांच कराएं। एक्‍यूट दर्द हो, बाईं तरफ हो रहा हो और बैठे-बैठे भी महसूस हो रहा हो, तो तुरंत हॉस्‍प‍िटल जाएं। ये हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है।

FAQ

  • क्या हर छाती का दर्द दिल से जुड़ा होता है?

    नहीं यह मांसपेशियों का दर्द, गैस, एसिडिटी या फेफड़ों की समस्या भी हो सकता है।
  • क्या हमेशा हार्ट की समस्‍या में बाईं तरफ दर्द होता है?

    नहीं ऐसा जरूरी नहींं है। बीच में या दाईं तरफ भी दर्द हो सकता है।
  • हार्ट की समस्‍या से बचाव कैसे करें?

    स्मोकिंग न करें, एक्सरसाइज को प्राथम‍िकता दें, हेल्दी डाइट लें, BP और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखें और स्ट्रेस कम करें।
  • क्या लाइफस्टाइल बदलने से हार्ट की समस्‍याओंं से बच सकते हैं?

    हां यह संंभव है। वजन कम करें, सही खानपान और एक्टिव रहकर दिल को स्वस्थ रख सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 26, 2026 21:40 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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