Sun Oct 11, 2026 | 11:26 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anupama N K , Consultant – Medical Gastroenterology

सीने में हार्ट अटैक जैसा महसूस हो सकता है GERD का दर्द, डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान?

GERD के कारण सीने में जलन और हार्ट अटैक जैसा दर्द महसूस हो सकता है। हालांकि, दोनों ही कंडीशन्स यहां जानिए, इनके अंतर और कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
सीने में हार्ट अटैक जैसा महसूस हो सकता है GERD का दर्द, डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान?
सीने में हार्ट अटैक जैसा महसूस हो सकता है GERD का दर्द, डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान?

सीने में अचानक दर्द होना किसी भी व्यक्ति को डरा सकता है, अधिकांश लोग ऐसे दर्द को सीधे हार्ट अटैक से जोड़ देते हैं, लेकिन हर बार इसकी वजह दिल की बीमारी नहीं होती। कई मामलों में यह दर्द गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) के कारण भी हो सकता है।

बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अनुपमा एन. के. के अनुसार, जीईआरडी से होने वाला सीने का दर्द और हार्ट अटैक का दर्द कुछ मामलों में एक जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन दोनों की वजह, जोखिम और इलाज पूरी तरह अलग हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन से संकेत सामान्य एसिड रिफ्लक्स की ओर इशारा करते हैं और किन लक्षणों में बिना देर किए अस्पताल पहुंचना चाहिए।

जीईआरडी के दर्द और हार्ट अटैक के दर्द में अंतर

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अनुपमा के अनुसार, GERD में पेट का एसिड बार-बार भोजन नली यानी इसोफेगस में वापस आ जाता है। इससे भोजन नली की अंदरूनी परत में जलन और सूजन हो सकती है, जिसके कारण सीने में जलन, दबाव या कसाव जैसा दर्द महसूस होता है। कई बार यह दर्द इतना मिलता-जुलता होता है कि व्यक्ति इसे हार्ट अटैक समझ बैठता है।

तुलना जीईआरडी (GERD) का दर्द हार्ट अटैक का सीने का दर्द
दर्द का कारण पेट का एसिड बार-बार भोजन नली  में वापस पहुंचता है, जिससे सेंसिटिव लेयर यानी परत में जलन होती है। हार्ट की मांसपेशियों तक ब्लड फ्लो अवरुद्ध होने के कारण दिल के टिश्यू को नुकसान पहुंचता है।
दर्द के प्रकार और अनुभव सीने में तेज जलन, दबाव, कसाव या चुभन जैसा महसूस होता है। सीने में ज्यादा भारी दबाव, जकड़न या सीने पर भारी बोझ जैसा महसूस होता है।
दर्द होने का समय और ट्रिगर यह दर्द आमतौर पर खाना खाने के बाद, विशेष रूप से भारी, मसालेदार, तला-भुना यानी ऑयली भोजन करने के बाद बढ़ता है। भोजन के तुरंत बाद लेटने या रात के समय यह और ज्यादा महसूस होता है। यह किसी भी समय हो सकता है, चाहे आप आराम कर रहे हों या शारीरिक मेहनत कर रहे हों।
दर्द का फैलाव यह दर्द कभी-कभी गर्दन, गले, जबड़े या पीठ के ऊपरी हिस्से तक फैल सकता है। यह दर्द आमतौर पर बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक बहुत तेजी से फैलता है।
अन्य लक्षण मुंह में खट्टा स्वाद आना, बार-बार डकार आना, गले में खराश, लगातार खांसी, निगलने में कठिनाई और भोजन का वापस गले तक आना। सांस लेने में गंभीर तकलीफ, ज्यादा पसीना आना, चक्कर आना, अचानक मतली या उल्टी, ज्यादा कमजोरी और बेचैनी।
राहत पाने के उपाय एंटासिड दवा लेने से या शरीर का पॉश्चर बदलने/खड़े होने से इस दर्द में जल्द राहत मिल जाती है। एंटासिड लेने से इस दर्द में कोई राहत नहीं मिलती है। इसके लिए तुरंत आपातकालीन सहायता की जरूरत होती है।
सेहत पर असर यह डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी समस्या है और आमतौर पर जीवन के लिए तुरंत घातक नहीं होती, लेकिन लंबे समय तक अनदेखा करने पर गंभीर हो सकती है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। यदि इसे केवल गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज किया जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।

National Heart, Lung and Blood Institute की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से कुछ अलग हो सकते हैं। महिलाओं को सीने में दर्द की तुलना में चक्कर आना, ज्यादा थकान, मतली, पेट दर्द या सीने में दबाव और जकड़न जैसी समस्याओं का अनुभव ज्यादा होता है।

चूंकि ये लक्षण सामान्य या पेट की गड़बड़ी जैसे लग सकते हैं, इसलिए इन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। यदि महिलाओं को इस तरह के असामान्य लक्षण महसूस हों, तो इसे केवल मामूली गैस या थकान न समझें। समय रहते डॉक्टर से सलाह लें।

इसे भी पढ़ें: 7 फूड्स जिनके कारण बढ़ सकती है GERD की समस्या, डॉक्टर ने दी सावधानी बरतने की सलाह

GERD से होने वाले दर्द से कैसे बचें?

GERD के लक्षण को कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव सबसे जरूरी माना जाता है। डॉक्टर अनुपमा सलाह देती हैं कि एक बार में बहुत ज्यादा भोजन करने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाना खाएं।

  • मसालेदार, ऑयली भोजन, कैफीन और शराब जैसी चीजों से बचें यदि इनसे आपके लक्षण बढ़ते हों।
  • भोजन करने के बाद कम से कम दो से तीन घंटे तक न लेटें।
  • यदि रात में एसिडिटी अधिक होती है, तो सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर सोने से भी राहत मिल सकती है।
  • साथ ही, हेल्दी वजन बनाए रखना और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन करना भी जरूरी है।

GERD Pain vs Heart Attack PainGERD Pain vs Heart Attack Pain

कब तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

डॉ. अनुपमा बताती हैं कि GERD सीने के दर्द का एक सामान्य कारण हो सकता है, लेकिन हर सीने का दर्द एसिडिटी नहीं होता। यदि पहली बार तेज सीने का दर्द हो, दर्द अचानक शुरू हो, सांस लेने में कठिनाई, ठंडा पसीना, चक्कर, बेहोशी जैसा महसूस हो या दर्द का बाएं हाथ और जबड़े तक फैलना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए तुरंत इमरजेंसी मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

GERD और हार्ट अटैक दोनों में सीने का दर्द हो सकता है, लेकिन इनके कारण, लक्षण और इलाज अलग-अलग होते हैं। जीईआरडी का दर्द अक्सर भोजन और लाइफस्टाइल से जुड़ा होता है तथा एंटासिड या सही खान-पान से कम हो सकता है, जबकि हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है। इसलिए किसी भी नए, गंभीर या असामान्य सीने के दर्द को केवल गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज न करें।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या सिगरेट GERD के लक्षण बढ़ा सकती है?

    धूम्रपान और तंबाकू से एसिड रिफ्लक्स की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में जिन लोगों को जीईआरडी की समस्या है उन्हें इससे परहेज करना चाहिए।
  • क्या एसिडिटी दिल को नुकसान पहुंचा सकती है?

    एसिडिटी दिल को नुकसान नहीं पहुंचाती है, एसिडिटी और दिल की समस्याएं बिल्कुल अलग होती हैं। 

Read Next

→ आपके दांतों को खराब कर सकते हैं रोजमर्रा के ये 10 फूड्स, डॉक्टर से जानें होने वाले नुकसान

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 07, 2026 13:51 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Aug 07, 2026 13:51 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Aug 07, 2026 13:51 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Aug 07, 2026 13:51 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Aug 07, 2026 13:51 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Anupama N K